Colombo Pitch Upadtes Ahead Test Series: भारत के खिलाफ टेस्ट सीरीज में वापसी की कोशिश कर रही श्रीलंकाई टीम दूसरे टेस्ट में बड़ा दांव खेलने के मूड में नहीं है। 23 अगस्त से कोलंबो के सिन्हलीज स्पोर्ट्स क्लब (SSC) में होने वाले मुकाबले के लिए श्रीलंका ऐसी पिच तैयार करने पर विचार कर रहा है, जहां बल्लेबाजों और गेंदबाजों दोनों को बराबर मदद मिले।
श्रीलंका के पास भारतीय बल्लेबाजों को स्पिन के जाल में फंसाने के लिए टर्निंग पिच बनाने का विकल्प है, लेकिन टीम मैनेजमेंट को डर है कि ऐसी पिच उल्टा नुकसान कर सकती है। यही वजह है कि SSC की पिच गाले में खेले गए पहले टेस्ट जैसी संतुलित रखने पर विचार किया जा रहा है।
गाले में भारत ने 165 रन से जीत दर्ज की थी। पांच दिन चले इस टेस्ट में पिच पर शुरुआत में बल्लेबाजों और गेंदबाजों दोनों को मौका मिला और बाद में स्वाभाविक रूप से पिच में कुछ बदलाव आया।
श्रीलंका क्रिकेट के एक अधिकारी ने कहा कि फिलहाल गाले जैसी संतुलित पिच तैयार करने का विचार है। उन्होंने यह भी बताया कि टीम में दिमुथ करुणारत्ने, कुसल मेंडिस और पथुम निसांका जैसे अनुभवी खिलाड़ियों की कमी है। ऐसे में युवा बल्लेबाजों को भी अच्छा मौका देना जरूरी है।
सिन्हलीज स्पोर्ट्स क्लब कभी श्रीलंका का मजबूत किला माना जाता था। 1999 से 2009 के बीच श्रीलंका ने यहां 12 टेस्ट खेले, जिसमें 6 जीते और 6 ड्रॉ रहे। उस दौर में कुमार संगकारा और महेला जयवर्धने जैसे बल्लेबाज यहां खूब रन बनाते थे, जबकि महान स्पिनर मुथैया मुरलीधरन की अगुवाई वाला गेंदबाजी आक्रमण विपक्षी टीमों को परेशान करता था।
लेकिन इन दिग्गजों के संन्यास के बाद एसएससी मैदान का रिकॉर्ड बदल गया। अगले दशक में श्रीलंका ने यहां 7 टेस्ट खेले, जिनमें सिर्फ 3 जीते और 4 हारे।
भारत और पाकिस्तान के खिलाफ तो श्रीलंका को यहां दो बार 400 से ज्यादा रन की पहली पारी की बढ़त भी गंवानी पड़ी है। पिछले कुछ सालों में यहां श्रीलंका की जीत दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और बांग्लादेश के खिलाफ आई है, जबकि भारत, इंग्लैंड और पाकिस्तान जैसी टीमों ने इस मैदान पर मेजबान टीम को कड़ी चुनौती दी है।
ऐसे में दूसरे टेस्ट में अगर पिच गाले जैसी ही संतुलित रहती है, तो पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम को फायदा मिल सकता है। भारत 1-0 की बढ़त के साथ सीरीज अपने नाम करने उतरेगा, जबकि श्रीलंका की नजर वापसी कर सीरीज 1-1 से बराबर करने पर होगी।