आईपीएल 2025 के 62वें मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स ने चेन्नई सुपर किंग्स को 6 विकेट करारी शिकस्त दी। राजस्थान के लिए इस जीत के हीरो 14 वर्षीय बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी रहे। इससे पहले आरआर के कप्तान संजू सैमसन ने टॉस जीता। टॉस जीतकर उन्होने पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। पहले बल्लेबाजी करते हुए चेन्नई सुपर किंग्स ने राजस्थान के सामने 187 रन का स्कोर खड़ा किया।
चेन्नई के द्वारा दिए गए स्कोर को राजस्थान ने चार विकेट के नुकसान पर 17.1 ओवर में हासिल कर लिया। इसके साथ ही राजस्थान ने सीजन के आखिरी मुकाबले में जीत दर्ज कर अलगे साल की अच्छी नींव रखी। वहीं, चेन्नई सुपर किंग्स के लिए ये सीजन काफी मुश्किल भरा रहा है।
एक बार फिर से 14 वर्षीय बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने अपनी प्रतिभा का लौहा मनवाया है। उन्होंने चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ 57 रन की विस्फोटक पारी खेली। उन्होंने ये रन 172.73 के शानदार स्ट्राइक रेट के साथ बनाए। वैभव की इस पारी में तीन छक्के और दो छक्के शामिल थे। वैभव के अलावा यशस्वी जायसवाल ने भी टीम के लिए 36 रन का महत्वपूर्ण योगदान दिया। इसके अलावा कप्तान संजू सैमसन ने 41 रन बनाए। वहीं, अंत में विकेटकीपर बल्लेबाज 12 गेंदों में 31 रन बनाकर मैच को खत्म किया।
राजस्थान रॉयल्स ने चेन्नई सुपर किंग्स को इस मुकाबले में 6 विकेट के बड़े अंतर से हराया। चेन्नई के द्वारा दिए गए स्कोर को राजस्थान ने 17 गेंद शेष रहते हासिल कर लिया। चेन्नई के लिए ये साल काफी निराशाजनक रहा है। इस मैच में उसके गेंदबाज 187 रन का स्कोर बचाने में असफल रहे हैं। टीम के लिए सबसे महंगे गेंदबाज रवींद्र जडेजा रहे। उन्होंने 2 ओवर में 13.50 की इकोनॉमी के साथ रन लुटाए।
चेन्नई को 12 रन के स्कोर में डेवोन कॉनवे और उर्विल पटेल के रूप में दो झटके लगे। इसके बाद युवा बल्लेबाज आयुष म्हात्रे ने शानदार अंदाज में टीम की पारी को संभाला। उन्होंने 20 गेंदों का सामना करते हुए 215 की शानदार स्ट्राइक रेट के साथ 43 रन की पारी खेली। इसके अलावा डेवाल्ड ब्रेविस ने भी 168 के स्ट्राइक रेट के साथ 42 रन बनाए। वहीं, शिवन दुबे ने 39 रन बनाए। एमएस धोनी के बयान से CSK में मची खलबली, अगले सीजन के दौरान टीम में बदलाव को दिया बड़ा संकेत
राजस्थान के लिए आकाश मधवाल ने अंत में शानदार गेंदबाजी की। एक वक्त बड़े स्कोर की तरफ जा रही चेन्नई की पारी में उन्होंने ब्रेक लगाया। मधवाल ने चेन्नई के लिए 4 ओवर में महज 29 रन देकर 3 विकेट अपने नाम किए। इसके अलावा युद्धवीर सिंह ने भी 3 विकेट लिए। वहीं, तुषार देशपांडे और वानिंदु हसरंगा को 1-1 विकेट मिला।