Rohit Sharma and Sheryas Iyer: भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच एडिलेड में खेले जा रहे दूसरे वनडे में टीम इंडिया ने खराब शुरुआत के बावजूद सम्मानजनक स्कोर खड़ा किया। मेहमान भारत ने 50 ओवर में 9 विकेट खोकर 264 रन बनाए और ऑस्ट्रेलिया को 265 रन का लक्ष्य दिया। तीन मैचों की सीरीज में पहले ही मुकाबले में हार झेल चुकी भारतीय टीम के लिए यह मैच ‘करो या मरो’ जैसा था। सीरीज बचाने के लिए भारत को हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी।
मैच की शुरुआत भारत के लिए बेहद निराशाजनक रही। ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज जेवियर बार्टलेट ने भारतीय टॉप ऑर्डर की कमर तोड़ दी। कप्तान शुभमन गिल सातवें ओवर की पहली गेंद पर आउट हो गए। गिल महज 9 रन बनाकर पवेलियन लौटे। उनके आउट होने के बाद विराट कोहली मैदान पर उतरे, लेकिन वह भी ज्यादा देर नहीं टिक सके। सिर्फ चार गेंद खेलने के बाद वह एलबीडब्ल्यू आउट हो गए। बार्टलेट के इस ओवर ने टीम इंडिया को शुरुआती झटके दिए और भारतीय खेमे में सन्नाटा छा गया।
इस बीच मैदान पर एक दिलचस्प पल कैमरे और स्टंप माइक में कैद हो गया। रोहित शर्मा और श्रेयस अय्यर के बीच हुई मजेदार बातचीत सोशल मीडिया पर वायरल हो गई।
रोहित: श्रेयस, यह सिंगल था। अय्यर: अरे आप करके देखो, मेरे को मत बोलो ना फिर। रोहित: अरे तेरे को कॉल देना पड़ेगा। वो सातवां ओवर डाल रहा है यार। अय्यर: मुझे उसका एंगल पता नहीं है। कॉल करो ना। रोहित: मैं नहीं दे सकता हूं यह कॉल। अय्यर: सामने है आपके।
भारतीय पारी की रीढ़ बने रोहित शर्मा और श्रेयस अय्यर ने एडिलेड वनडे में शानदार बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया। दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 118 रनों की अहम साझेदारी करते हुए टीम को शुरुआती झटकों से उबारा। जब भारत ने शुरुआती दो विकेट सिर्फ 15 रन पर गंवा दिए थे, तब दोनों बल्लेबाजों ने जिम्मेदारी संभालते हुए धैर्य और क्लास दिखाया।
रोहित शर्मा ने अपने अनुभव का भरपूर इस्तेमाल करते हुए पारी को एंकर किया। उन्होंने एक ओर जहां शुरुआत में सावधानी से रन जुटाए, वहीं बीच के ओवरों में क्लासिक स्ट्रोक्स के जरिए रनगति बढ़ाई। रोहित ने अपने वनडे करियर का 59वां अर्धशतक पूरा किया और 97 गेंदों पर 73 रन की मूल्यवान पारी खेली। इस दौरान उनके बल्ले से 7 शानदार चौके और 2 बेहतरीन छक्के निकले। उनकी टाइमिंग और शॉट सिलेक्शन देखने लायक था।
दूसरे छोर से श्रेयस अय्यर ने भी कप्तान का बेहतरीन साथ निभाया। अय्यर ने अपनी पारी में आत्मविश्वास और आक्रामकता का संतुलन बनाए रखा। उन्होंने 77 गेंदों में 7 चौकों की मदद से 61 रन बनाए। जब भी टीम पर दबाव बना, उन्होंने स्ट्राइक रोटेट कर और गैप में शॉट लगाकर लय बनाए रखी।