पीसीबी ने पाकिस्तानी खिलाड़ियों के फोन जब्त किए (सोर्स- सोशल मीडिया)
क्रिकेट

इंग्लैंड दौरे पर पाकिस्तान टीम में नया विवाद, PCB ने सीज किए खिलाड़ियों के फोन, मैच फिक्सिंग की अफवाह तेज

PCB Mobile Phone Controversy: इंग्लैंड दौरे पर पाकिस्तान क्रिकेट टीम को लेकर विवाद बढ़ गया है। तीसरे टेस्ट से पहले PCB ने कुछ खिलाड़ियों के मोबाइल फोन कब्जे में लिए, जिससे नई बहस शुरू हो गई।

अक्षय साहू

PCB Seizes Pakistani Player Phones: पाकिस्तानी क्रिकेट टीम के इंग्लैंड दौरे को लेकर विवाद खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा है। पहले दो टेस्ट में मिली करारी हार के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB ने तीसरे टेस्ट से पहले टीम से सात खिलाड़ियों को बीच सीरीज में वापस बुला लिया। इसी बीच खबर आई है कि PCB ने तीसरा टेस्ट शुरू होने से पहले कुछ खिलाड़ियों के मोबाइल फोन अपने कब्जे में ले लिए गए हैं। इसे लेकर विवाद शुरू हो गया है। 

जानकारी के मुताबिक, इन खिलाड़ियों के फोन आखिरी टेस्ट खत्म होने तक बोर्ड के पास ही रहेंगे। हालांकि पीसीबी ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि किन खिलाड़ियों के फोन लिए गए हैं और बोर्ड ने ऐसा कदम क्यों उठाया है। 

मैच फिक्सिंग के डर से जब्त किए फोन

जानकारी के मुताबिक, पाकिस्तानी मीडिया आउटलेट 365 News ने इसे लेकर एक रिपोर्ट पब्लिश की है। चैनल ने दावा किया है कि टीम के सदस्यों के मोबाइल फोन पीसीबी को सौंप दिए गए हैं। खिलाड़ियों को उनके फोन आखिरी टेस्ट खत्म होने के बाद वापस किया जाएगा। पीसीबी ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि फोन लेना किसी टीम प्रोटोकॉल, अनुशासनात्मक प्रक्रिया या किसी अन्य वजह से जुड़ा है। चैनल ने आशंका जताई है कि पीसीबी को अब मैच फिक्सिंग का डर तो नहीं सता रहा है। 

पीसीबी के इस कदम को लेकर विवाद शुरू हो गया है। इस घटना ने खिलाड़ियों की निजता को लेकर कई गंभीर और बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। इस घटना से लोगों के बीच चर्चा तेज हो गई है कि बोर्ड किस खिलाड़ी का फोन कितने समय तक अपने पास रख सकता है और परिस्थितियों में उसमें मौजूद निजी जानकारी तक पहुंच बनाई जा सकती है।

फोन रखने को लेकर क्या कहते हैं ICC के नियम? 

क्रिकेट में खिलाड़ियों के फोन रखने को लेकर इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) काफी सख्त नियमों का पालन करता है। मैच के दौरान ड्रेसिंग रूम और ऐसे कई इलाके होते हैं जहां खिलाड़ियों को फोन इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं होती है। खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ को मैच शुरू होने से पहले अपने फोन और अन्य कम्युनिकेशन डिवाइस जमा करवाने होते हैं। 

ICC के इन नियमों का उद्देश्य मैच की अखंडता बनाए रखना और खिलाड़ियों या सपोर्ट स्टाफ के अनधिकृत संचार को रोकना है। हालांकि, मैच खत्म होने के बाद खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ को उनके फोन वापस कर दिए जाते हैं। वहीं, निजता को लेकर भी ICC के नियम स्पष्ट हैं। आईसीसी के एंट्री-करप्शन कोड में इंटीग्रिटी जांच के दौरान अधिकृत अधिकारियों को फोन से जुड़ी व्यापक जानकारी मांगने का अधिकार है। हालांकि इसके लिए अधिकारी को पहले उचित आधार पेश करना होता है कि संबंधित खिलाड़ी के फोन  या अन्य किसी डिवाइस की जांच के लिए जरूरी सामग्री मौजूद है। 

मैच फिक्सिंग में फंस चुके हैं कई पाकिस्तानी खिलाड़ी

पाकिस्तानी क्रिकेट खिलाड़ियों की बात करें, तो ऐसे कई पाकिस्तानी खिलाड़ी हैं, जिन पर इससे पहले मैच फिक्सिंग के आरोप लग चुके हैं। 2010 में इंग्लैंड दौरे के दौरान पूर्व कप्तान सलमान बट, मोहम्मद आसिफ और मोहम्मद आमिर पर मैच फिक्सिंग के आरोप साबित हुए थे। इसके बाद ICC ने सलमान बट पर आजीवन, आसिफ पर पांच साल और मोहम्मद आमिर पर भी पांच साल का बैन लगाया था। वहीं अदालत ने उन्हें सजा भी सुनाई थी। 

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