

PCB Inquiry Against Imam-ul-Haq Fake Injury: पाकिस्तान क्रिकेट टीम के बल्लेबाज इमाम उल हक मुश्किलों में फंसते नजर आ रहे हैं। उन पर इंग्लैंड दौरे के दौरान चोट का बहाना बनाने का आरोप लगा है। इस मामले में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने जांच के आदेश दिए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अपने बचाव के लिए इमाम ने एक वकील भी हायर किया है।
इंग्लैंड के खिलाफ पहले टेस्ट मैच के दौरान इमाम उल हक को पैर की मांसपेशियों में चोट लगी थी। पीसीबी ने भी बयान जारी कर बताया था कि इमाम को काफ इंजरी हुई है। फील्डिंग के दौरान लगी चोट के बाद उन्हें फिट होने के लिए करीब 10 दिन आराम की सलाह दी गई थी।
इसके बाद एक वीडियो सामने आया, जिसमें इमाम पैर पर पट्टी बांधकर अभ्यास करते हुए नजर आए। वीडियो सामने आने के बाद इंग्लैंड के पूर्व तेज गेंदबाज स्टुअर्ट ब्रॉड समेत कई पूर्व क्रिकेटरों और विशेषज्ञों ने उनकी चोट पर सवाल उठाए और दावा किया कि चोट का बहाना बनाया गया था।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इमाम इस मामले में बड़ी मुश्किल में फंस सकते हैं। बोर्ड की जांच समिति उनकी काफ मसल्स की चोट की जांच करेगी। इसी चोट के कारण वो दूसरे टेस्ट की दोनों पारियों में बल्लेबाजी नहीं कर पाए थे। सूत्र के मुताबिक, जांच समिति के सामने पेश होने के दौरान इमाम को अपने बचाव के लिए वकील की जरूरत पड़ सकती है।
पाकिस्तान के पूर्व चयनकर्ता मुहम्मद वसीम ने भी इमाम को लेकर एक पुराना मामला सामने रखा है। उन्होंने बताया कि फिजियोथेरेपिस्ट क्लिफ डीकन ने 2022 की इंग्लैंड सीरीज के दौरान इमाम की चोटों में एक खास पैटर्न को लेकर चिंता जताई थी। इस पुराने खुलासे के बाद मौजूदा विवाद और गंभीर हो गया है।
इमाम उल हक पर इससे पहले भी चोट को लेकर सवाल उठ चुके हैं। 2025 की एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पीसीबी की ओर से बनाई गई एक समिति ने पाया था कि न्यूजीलैंड सीरीज के दौरान इमाम ने अंगूठे की चोट का बहाना बनाया था। रिपोर्ट में दावा किया गया था कि मामला इतना गंभीर था कि समिति ने इमाम को सभी फॉर्मेट से बैन करने की बात तक कही थी।
इंग्लैंड के खिलाफ पाकिस्तान की टीम पहले दोनों टेस्ट मैच हार चुकी है। अब 9 सितंबर से तीसरा और आखिरी टेस्ट खेला जाना है। इस मुकाबले से पहले पाकिस्तान क्रिकेट में बड़ा बदलाव भी किया गया है।
पीसीबी ने 7 खिलाड़ियों को वापस घर भेज दिया है, जबकि मुख्य कोच सरफराज अहमद और गेंदबाजी कोच उमर गुल को भी उनके पद से हटा दिया गया है। ऐसे माहौल में इमाम उल हक पर लगे चोट के बहाने के आरोप ने पाकिस्तान क्रिकेट में एक और बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। अब सबकी नजर पीसीबी की जांच समिति की रिपोर्ट पर है।