Pakistani cricketer retires at the age of 24: भारतीय टीम इस वक्त अपनी बेस्ट क्रिकेट खेलकर आईसीसी की ट्रॉफियों पर कब्जा जमा रही है। बीते रविवार 8 मार्च को टीम इंडिया ने न्यूजीलैंड को हराकर लगातार दूसरी बार टी20 वर्ल्ड कप के खिताब को जीता। पिछले दो साल के अंदर टीम इंडिया ने 3 ICC और 1 एशिया कप की ट्रॉफी जीती हैं। वहीं, दूसरी तरफ पाकिस्तान में इस वक्त क्रिकेट व खिलाड़ियों की हालत नाजुक बनी हुई है। इसी कड़ी में पाकिस्तान क्रिकेट में चल रही राजनीति के कारण एक 24 साल के युवा क्रिकेटर ने संन्यास का ऐलान कर क्रिकेट जगत को हैरान कर दिया है।
पाकिस्तान क्रिकेट से उस वक्त चौंकाने वाली खबर आई जब 24 वर्षीय युवा क्रिकेटर शाहजेब भट्टी ने महज कम उम्र में ही पाकिस्तान क्रिकेट को अलविदा कहने का फैसला कर लिया है। 9 मार्च को उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए अपने संन्यास का ऐलान किया। शाहजेब भट्टी 2024-25 सीजन में कायदे आजम ट्रॉफी जीतने वाली सियालकोट टीम का हिस्सा रहे थे। उन्होंने कहा कि अब उन्हें समझ में आ गया है कि आखिर कई खिलाड़ी पाकिस्तान क्रिकेट को क्यों छोड़ रहे हैं।
शाहजेब भट्टी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए पाकिस्तान क्रिकेट से संन्यास लेने की जानकारी दी। उन्होंने लिखा कि वह 24 साल की उम्र में पाकिस्तान क्रिकेट छोड़ रहे हैं। शाहजेब ने बताया कि पिछले साल उन्होंने सियालकोट के साथ कायदे आजम ट्रॉफी जीती थी, जिसका फाइनल मुकाबला टीवी पर लाइव प्रसारित हुआ था। इसके बावजूद उन्हें लगातार करीब 40 मैचों में टीम में जगह नहीं मिली और उन्हें सिर्फ बेंच पर बैठना पड़ा।
शाहजेब भट्टी ने अपने फैसले के पीछे की वजह भी खुलकर बताई। उन्होंने कहा कि उनका सबसे बड़ा सपना पाकिस्तान के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलना था, लेकिन क्रिकेट में बढ़ती राजनीति, भ्रष्टाचार और बुनियादी सुविधाओं की कमी ने उनका करियर बर्बाद कर दिया। उन्होंने कहा कि सिर्फ उनके साथ ही नहीं, बल्कि कई अन्य खिलाड़ियों के साथ भी ऐसा हुआ है। शाहजेब के अनुसार अब उन्हें समझ में आ गया है कि आखिर क्यों कई खिलाड़ी पाकिस्तान क्रिकेट को छोड़ने का फैसला कर रहे हैं।
2025 में जब सियालकोट की टीम ने कायदे आजम ट्रॉफी का खिताब जीता था, तब शाहजेब भट्टी ने फाइनल मुकाबले में अहम योगदान दिया था। कम स्कोर वाले इस मैच में उन्होंने पहली पारी में 40 रन बनाए थे, जिससे उनकी टीम पेशावर के स्कोर के करीब पहुंच सकी। दूसरी पारी में भी उन्होंने शानदार बल्लेबाजी की। 173 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए सियालकोट की टीम मुश्किल में थी, लेकिन शाहजेब ने नौवें विकेट के लिए अहम साझेदारी निभाई और टीम को जीत दिलाने में बड़ी भूमिका निभाई। वह 32 रन बनाकर नाबाद लौटे थे और सियालकोट ने यह मुकाबला एक विकेट से जीता था।
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शाहजेब भट्टी का घरेलू क्रिकेट करियर ज्यादा लंबा नहीं रहा। उन्होंने अब तक दो फर्स्ट क्लास, एक लिस्ट ए और एक टी20 मैच खेला है। इन मुकाबलों में उन्होंने कुल आठ विकेट लिए और 76 रन बनाए। उनका आखिरी फर्स्ट क्लास मैच जनवरी 2025 में पेशावर के खिलाफ था। इसके अलावा वह अक्टूबर 2024 के बाद से लिस्ट ए क्रिकेट में नहीं खेले, जबकि उनका इकलौता टी20 मुकाबला दिसंबर 2023 में आया था। इतनी कम उम्र में उनका यह फैसला पाकिस्तान क्रिकेट में चल रही समस्याओं को भी उजागर करता है।