पंजाब चुनाव के पहले क्या होगा नवजोत सिंह सिद्धू का फ्यूचर प्लान
राजनीति से हटकर क्रिकेट कमेंट्री और 'कपिल शो' में वापसी
ऐसी रही है नवजोत सिंह सिद्धू की बीजेपी से लेकर कांग्रेस तक की यात्रा
पंजाब की राजनीति में 2027 चुनाव से पहले मिलने लगे हैं नए संकेत
Navjot Singh Sidhu Future Political Plans: अपनी चिर-परिचित शायरी और बेबाक अंदाज के लिए मशहूर पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू एक बार फिर सुर्खियों में हैं। क्रिकेट के मैदान पर चौके-छक्के लगाने के बाद राजनीति के अखाड़े में अपनी धाक जमाने वाले सिद्धू के भविष्य के प्लान को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। क्रिकेट, राजनीति, और टीवी शो में अपनी किस्मत आजमाने के बाद अब 'शेरी' अपने जीवन के एक नए पड़ाव में कदम रख चुके हैं, जहां वे खेल, मीडिया और परिवार को एक साथ साध रहे हैं।
नवजोत सिंह सिद्धू ने अपनी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत साल 2004 में दिवंगत बीजेपी नेता अरुण जेटली के कहने पर भारतीय जनता पार्टी से की थी। वे अमृतसर लोकसभा सीट से चुनाव जीतकर सांसद बने। साल 2006 में 1988 के एक पुराने रोड रेज मामले में सजा मिलने पर उन्होंने इस्तीफा दिया, लेकिन सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने के बाद वे फिर से उपचुनाव जीतकर संसद पहुंचे। 2009 में वे तीसरी बार सांसद चुने गए और 2016 में उन्हें राज्यसभा भेजा गया, जहां से बाद में मतभेदों के चलते उन्होंने इस्तीफा दे दिया।
साल 2014 के लोकसभा चुनाव में जब बीजेपी ने अमृतसर सीट से सिद्धू का टिकट काटकर अरुण जेटली को मैदान में उतारा, तो पार्टी और सिद्धू के बीच दूरियां बढ़ गईं। इसके बाद जनवरी 2017 में सिद्धू ने कांग्रेस पार्टी का दामन थाम लिया और पंजाब विधानसभा चुनाव जीतकर विधायक बने। कांग्रेस सरकार में वे पर्यटन एवं सांस्कृतिक मामलों के मंत्री रहे और बाद में उन्हें पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमिटी का अध्यक्ष भी बनाया गया। हालांकि, 2022 के विधानसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
पंजाब की राजनीति में कैप्टन अमरिंदर सिंह और प्रदेश कांग्रेस के अन्य नेताओं के साथ जारी अंतरकलह के चलते सिद्धू का राजनीति से कुछ हद तक मोहभंग होता दिखा। 2024 का लोकसभा चुनाव न लड़ने और पंजाब कांग्रेस के मौजूदा प्रदेश नेतृत्व से विवाद के बीच सिद्धू ने खुद को सक्रिय राजनीति से थोड़ा दूर कर लिया है। हालांकि, वे अब भी तकनीकी रूप से कांग्रेस का हिस्सा हैं, लेकिन उन्होंने फिलहाल अपने अन्य प्रोजेक्ट्स और निजी जीवन पर ध्यान देना शुरू कर दिया है।
सक्रिय राजनीति में कम दिखाई देने के बाद सिद्धू ने अपने सबसे पसंदीदा क्षेत्र क्रिकेट कमेंट्री की दुनिया में दोबारा कदम रखा है। इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) और अन्य बड़े टूर्नामेंट्स में उनके अनोखे कमेंट्री स्टाइल और शायरी यानी 'सिद्धूइज्म' को दर्शक काफी पसंद कर रहे हैं। अपनी इसी खास कला के जरिए वे एक बार फिर क्रिकेट प्रेमियों के दिलों पर राज कर रहे हैं और टीवी स्क्रीन पर जमकर वाहावाही बटोर रहे हैं।
टीवी की दुनिया में भी नवजोत सिंह सिद्धू का दबदबा एक बार फिर दिखाई दे रहा है। वे 'द ग्रेट इंडियन कपिल शो' के नए सीजन में विशेष अतिथि और सह-जज के रूप में वापसी कर चुके हैं। इसके अलावा, सिद्धू ने अपना एक यूट्यूब चैनल भी शुरू किया है। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से वे सिर्फ खेल या राजनीति पर ही नहीं बोल रहे, बल्कि आध्यात्मिक मार्गदर्शन, ध्यान और जीवन दर्शन जैसे विषयों पर भी लोगों के साथ अपने विचार साझा कर रहे हैं।
बीते कुछ समय में सिद्धू ने अपने परिवार को प्राथमिकता दी है। उनकी पत्नी डॉ. नवजोत कौर सिद्धू कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही थीं, जिसके इलाज और देखभाल में सिद्धू ने अपना ज्यादातर वक्त बिताया। इसके साथ ही, सिद्धू के बेटे करन के घर एक नन्हीं बेटी (आर्या सिद्धू) का जन्म हुआ है। दादा बनने के इस नए सफर का सिद्धू पूरा आनंद ले रहे हैं और अपने परिवार के साथ यादगार पल बिता रहे हैं।
पंजाब की राजनीति में तेजी से बदलते समीकरणों के बीच सिद्धू के राजनीतिक भविष्य को लेकर कयासों का बाजार गर्म है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सिद्धू कांग्रेस आलाकमान की तरफ से किसी बड़े और सम्मानजनक पद या सीधे मुख्यमंत्री पद के चेहरे के आश्वासन का इंतजार कर रहे हैं। यदि ऐसा नहीं होता है, तो 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले वे बीजेपी में अपनी घर वापसी कर सकते हैं या किसी नए विकल्प का चुनाव कर सकते हैं।