Murali Kartik Cricket Journey: भारत के पूर्व स्पिन गेंदबाज और मशहूर क्रिकेट कमेंटेटर मुरली कार्तिक आज अपना 50वां जन्मदिन मना रहे हैं। अपने हाई-आर्म एक्शन और लेफ्ट-आर्म ऑर्थोडॉक्स स्पिन के लिए पहचाने जाने वाले कार्तिक ने क्रिकेट के मैदान के साथ-साथ कमेंट्री की दुनिया में भी अपनी अलग पहचान बनाई।
मुरली कार्तिक का जन्म 11 सितंबर 1976 को चेन्नई में हुआ था। उनके परिवार में पढ़ाई को काफी महत्व दिया जाता था, लेकिन कार्तिक को बचपन से ही क्रिकेट में खास दिलचस्पी थी। 12 साल की उम्र में उन्होंने क्रिकेट को अपना करियर बनाने का फैसला कर लिया था।
क्रिकेट के साथ-साथ पढ़ाई में भी वो अच्छे थे। उन्होंने दिल्ली के हिंदू कॉलेज से वाणिज्य की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने घरेलू क्रिकेट में अपनी पहचान बनाई और 1996 में फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में डेब्यू किया।
घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छे प्रदर्शन के बाद कार्तिक को भारतीय टीम में जगह मिली। उन्होंने 2000 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अपना टेस्ट डेब्यू किया और पहली पारी में 3 विकेट लिए। इसके बाद 2002 में जिम्बाब्वे के खिलाफ उन्होंने अपना वनडे डेब्यू किया।
भारत के लिए कार्तिक ने कुल 8 टेस्ट मैच खेले, जिसमें उनके नाम 24 विकेट रहे। 2004 में वानखेड़े स्टेडियम में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट मैच उनके करियर का सबसे यादगार मुकाबला रहा। इस मैच में कार्तिक ने पहली पारी में 4 और दूसरी पारी में 3 विकेट लिए। उनकी शानदार गेंदबाजी की मदद से भारत ने ऑस्ट्रेलिया को 13 रन से हराया।
ऑस्ट्रेलिया की टीम दूसरी पारी में सिर्फ 93 रन पर ऑलआउट हो गई थी। हालांकि, भारतीय टीम में अनिल कुंबले और हरभजन सिंह जैसे दिग्गज स्पिनरों की मौजूदगी के कारण कार्तिक को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लगातार मौके नहीं मिल सके।
कार्तिक ने भारत के लिए 37 वनडे मैच खेले और 37 विकेट लिए। उनका वनडे में इकॉनमी रेट 5.07 रहा। उन्होंने भारत के लिए सिर्फ 1 T20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेला, जिसमें उन्हें कोई विकेट नहीं मिला। घरेलू फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में कार्तिक का रिकॉर्ड काफी शानदार रहा। उन्होंने 203 मैचों में 644 विकेट लिए। इस दौरान उन्होंने 36 बार एक पारी में 5 विकेट लेने का कारनामा किया।
क्रिकेट से जुड़े रहने के लिए कार्तिक ने बाद में कमेंट्री को अपना प्रमुख क्षेत्र बनाया। उनकी बेबाक राय, क्रिकेट की गहरी समझ और खिलाड़ियों के प्रदर्शन का सही विश्लेषण करने की क्षमता ने उन्हें कमेंट्री की दुनिया में खास पहचान दिलाई। एक सफल घरेलू क्रिकेटर, भारतीय अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी और अब मशहूर ब्रॉडकास्टर के रूप में मुरली कार्तिक का क्रिकेट सफर कई उतार-चढ़ाव से भरा रहा है।