Mohammed Shami Supreme Court Case: भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी इन दिनों रणजी ट्रॉफी 2025-26 में बंगाल की ओर से खेल रहे हैं और जल्द टीम इंडिया में वापसी के लिए पूरी तरह तैयार हैं। हालांकि, मैदान के बाहर उनकी निजी जिंदगी एक बार फिर सुर्खियों में है।
शमी इस वक्त अपनी पत्नी हसीन जहां को हर महीने 4 लाख रुपये गुजारा भत्ता के रूप में देते हैं, लेकिन हसीन जहां का कहना है कि यह रकम उनकी जरूरतों के मुकाबले काफी कम है। इस मामले को लेकर उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, जिसके बाद अब कोर्ट ने शमी और पश्चिम बंगाल सरकार दोनों से चार हफ्तों में जवाब मांगा है।
मोहम्मद शमी और हसीन जहां की शादी साल 2014 में हुई थी। हालांकि, चार साल बाद यानी 2018 में दोनों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि वे अलग हो गए। इसके बाद कोलकाता हाईकोर्ट ने शमी को आदेश दिया था कि वह अपनी पत्नी हसीन जहां को हर महीने 4 लाख रुपये गुजारा भत्ता के रूप में दें। लेकिन हसीन ने इस रकम को “अपर्याप्त” बताते हुए इसे बढ़ाने की मांग की थी। उनका कहना था कि शमी की कमाई और उनकी जीवनशैली को देखते हुए 4 लाख रुपये बहुत कम हैं। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर गुजारा भत्ता को 10 लाख रुपये प्रति माह करने की मांग की थी।
हसीन जहां की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सवाल उठाया कि “क्या 4 लाख रुपये प्रति माह पहले से ही बहुत ज्यादा पैसा नहीं है?” हालांकि, कोर्ट ने इस मामले में फिलहाल कोई अंतिम फैसला नहीं दिया है और शमी तथा पश्चिम बंगाल सरकार से चार हफ्तों के भीतर जवाब मांगा है।
न्यायालय के ताजा आदेश के बाद हसीन जहां ने समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत में कहा, “शमी जिस तरह की लग्जरी लाइफ जीते हैं, उसके हिसाब से 4 लाख रुपये बहुत कम हैं। हमने सात साल पहले ही 10 लाख रुपये प्रति माह की मांग की थी। अब तो महंगाई भी काफी बढ़ गई है।”
उन्होंने आगे कहा कि सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश उनके लिए एक बड़ी जीत है और वह कोर्ट के इस फैसले का स्वागत करती हैं। उन्होंने न्यायालय और जज के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें भरोसा है कि न्याय मिलेगा।
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जहां एक ओर मोहम्मद शमी क्रिकेट मैदान पर शानदार प्रदर्शन के जरिए वापसी की तैयारी में हैं, वहीं उनकी निजी जिंदगी के इस विवाद ने एक बार फिर उन्हें मीडिया की सुर्खियों में ला दिया है। अब सबकी नजरें सुप्रीम कोर्ट के अगले आदेश पर टिकी हैं, जो आने वाले हफ्तों में इस मामले की दिशा तय करेगा।