Washington Sundar Catch Controversy: आईपीएल 2026 के फाइनल मुकाबले में एक अंपायरिंग फैसले ने चर्चा का केंद्र बना लिया। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और गुजरात टाइटंस के बीच खेले जा रहे खिताबी मुकाबले के दौरान एक कैच को लेकर ऐसा विवाद खड़ा हुआ, जिसने खिलाड़ियों और दर्शकों दोनों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।
गुजरात टाइटंस की पारी के 10वें ओवर में वाशिंगटन सुंदर ने बाउंड्री की दिशा में एक हवाई शॉट खेला। गेंद तेजी से सीमा रेखा की ओर जा रही थी, तभी आरसीबी के फील्डर जॉर्डन कॉक्स ने शानदार फुर्ती दिखाते हुए लंबी दौड़ लगाई और डाइव लगाकर गेंद को पकड़ लिया। मैदान पर मौजूद दर्शक इस प्रयास को देखकर हैरान रह गए, क्योंकि कैच बेहद मुश्किल नजर आ रहा था। हालांकि, कैच बाउंड्री लाइन के बेहद करीब लिया गया था, इसलिए ऑन-फील्ड अंपायरों ने फैसला थर्ड अंपायर के पास भेज दिया।
थर्ड अंपायर ने इस कैच की जांच के लिए कई कैमरा एंगल से रीप्ले देखा। शुरुआती नजर में कैच साफ दिखाई दे रहा था, लेकिन कुछ एंगल में यह संदेह पैदा हुआ कि गेंद पकड़ते समय जॉर्डन कॉक्स का पैर या शरीर का कोई हिस्सा बाउंड्री लाइन के संपर्क में आ गया था। लंबी समीक्षा के बाद थर्ड अंपायर ने बल्लेबाज को नॉट आउट करार दिया। यह फैसला आते ही मैदान में मौजूद आरसीबी खिलाड़ियों और समर्थकों के बीच निराशा फैल गई।
फैसले से सबसे ज्यादा असंतुष्ट आरसीबी के कप्तान रजत पाटीदार नजर आए। उन्होंने तुरंत ऑन-फील्ड अंपायर नितिन मेनन से बातचीत की और अपने पक्ष को रखने की कोशिश की। पाटीदार का मानना था कि कॉक्स ने गेंद पर पूरा नियंत्रण हासिल कर लिया था और कैच वैध माना जाना चाहिए था। इस दौरान कुछ समय तक खेल भी रुका रहा और दोनों के बीच लंबी चर्चा देखने को मिली। आरसीबी के अन्य खिलाड़ी भी इस फैसले को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर करते नजर आए।
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मैदान पर विवाद के बाद सोशल मीडिया पर भी यह फैसला चर्चा का विषय बन गया। कुछ प्रशंसकों ने थर्ड अंपायर के निर्णय का समर्थन किया, जबकि कई लोगों ने इसे आरसीबी के खिलाफ गया फैसला बताया। फाइनल जैसे बड़े मुकाबले में इस घटना ने मैच के रोमांच को और बढ़ा दिया।