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पूर्व भारतीय ऑलराउंडर इरफान पठान आज 42 साल के हो गए है।
पाकिस्तान के खिलाफ इरफान पठान ने तीन गेंदों पर मचाई थी खलबली।
इरफान पठान आज अपना 42वां जन्मदिन मना रहे है।
Irfan Pathan Hat Trick Karachi IND vs PAK: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व दिग्गज ऑलराउंडर और स्विंग के सुल्तान इरफान पठान आज, मंगलवार, 27 अक्टूबर को अपना 42वां जन्मदिन मना रहे हैं। इरफान पठान का जन्म 27 अक्टूबर 1984 को बड़ौदा (अब वडोदरा), गुजरात में हुआ था। बड़े भाई यूसुफ पठान भी क्रिकेटर थें।
साल 2003 में इंटरनेशनल डेब्यू करने वाले इरफान ने महज 28 साल की उम्र में अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच खेल लिया था, लेकिन इस छोटे से करियर में उन्होंने जो मुकाम हासिल किया, वो बड़े-बड़े दिग्गजों का सपना होता है।
आज इरफान अपनी बेबाक कमेंट्री और सोशल मीडिया पर पाकिस्तान की टांग खिंचाई के लिए जाने जाते हैं। लेकिन जब वह मैदान पर थे, तब गेंद से उनकी स्विंग पाकिस्तान के लिए किसी बुरे सपने जैसी थी। आइए उनके जन्मदिन पर जानते हैं वो किस्सा, जब उन्होंने पाकिस्तान को उसकी औकात याद दिलाई थी।
दरअसल, साल 2003-04 के ऐतिहासिक ऑस्ट्रेलिया दौरे से अपने सफर की शुरुआत करने वाले इरफान पठान ने अपनी रफ्तार और स्विंग से बहुत जल्द दुनिया को अपना मुरीद बना लिया था। इसके बाद 2004 में टीम इंडिया को पाकिस्तान का दौरा करना था।
इस सीरीज से ठीक पहले पाकिस्तान के तत्कालीन कोच और अपने बड़बोलेपन के लिए मशहूर जावेद मियांदाद ने इरफान पठान का मजाक उड़ाते हुए मीडिया में बयान दिया था कि इरफान पठान जैसे गेंदबाज तो पाकिस्तान की हर गली में मिल जाते हैं।
बता दें कि मियांदाद के इस घमंडी बयान का जवाब इरफान पठान ने जुबान से नहीं, बल्कि गेंद से दिया। 2004 के उस दौरे पर इरफान ने पाकिस्तान की धरती पर तबाही मचा दी। उन्होंने 3 वनडे मैचों में 8 विकेट चटकाए और फिर 3 मैचों की टेस्ट सीरीज में 12 विकेट लेकर पाकिस्तान के बल्लेबाजी क्रम की रीढ़ तोड़ दी। मियांदाद का बयान इरफान के प्रदर्शन के आगे पूरी तरह बौना साबित हो चुका था।
इसके बाद साल 2006 का वो ऐतिहासिक पल आया जिसे क्रिकेट इतिहास में कभी नहीं भुलाया जा सकता। 29 जनवरी 2006 को कराची के नेशनल स्टेडियम में इरफान पठान ने वो कारनामा किया जो टेस्ट क्रिकेट के 150 से ज्यादा सालों के इतिहास में कोई तेज गेंदबाज नहीं कर पाया था।
मैच के पहले ही ओवर की आखिरी तीन गेंदों पर इरफान ने लगातार सलमान बट, यूनुस खान और मोहम्मद यूसुफ को आउट कर हैट्रिक पूरी की। पारी के पहले ही ओवर में हैट्रिक लेने वाले वह दुनिया के पहले और इकलौते गेंदबाज बने। इन 3 गेंदों ने पाकिस्तान की इज्जत को उसके ही घर में मटियामेट कर दिया और यहीं से इरफान को 'स्विंग का सुल्तान' का तमगा मिला।
इरफान पठान का करियर बेहद शानदार रहा, लेकिन चोटों के कारण उनका इंटरनेशनल सफर लंबा नहीं चल सका। उन्होंने अपना आखिरी टेस्ट 2008 में और आखिरी वनडे/टी20 साल 2012 में खेला था।
इसके बाद वह आईपीएल में 2017 तक सक्रिय रहे और जनवरी 2020 में उन्होंने क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास का ऐलान कर दिया। वह आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स, दिल्ली कैपिटल्स, पंजाब किंग्स, सनराइजर्स हैदराबाद और राइजिंग पुणे सुपरजायंट्स जैसी दिग्गज टीमों का हिस्सा रहे।
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व स्टार ऑलराउंडर इरफान पठान ने साल 2003-04 के ऐतिहासिक ऑस्ट्रेलिया दौरे से अपने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर की शुरुआत की थी। इसी दौरे पर उन्होंने टेस्ट और वनडे प्रारूप में डेब्यू किया।
शुरुआती सफलता के बाद उनका करियर चोटों से काफी प्रभावित रहा, जिसके कारण वह लंबे समय तक टीम से अंदर-बाहर होते रहे। इरफान ने जनवरी 2020 में क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास की घोषणा की थी।
पठान ने टीम इंडिया के लिए अपना आखिरी टेस्ट मैच साल 2008 में खेला था, जबकि आखिरी वनडे और टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच साल 2012 में खेला। आईपीएल की बात करें, तो वह आखिरी बार 2017 में मैदान पर नजर आए थे। अपने आईपीएल करियर में वह चेन्नई सुपर किंग्स, दिल्ली कैपिटल्स, पंजाब किंग्स, सनराइजर्स हैदराबाद और राइजिंग पुणे सुपरजायंट्स जैसी प्रमुख टीमों का हिस्सा रहे।
टेस्ट क्रिकेट: 29 मैच | 1105 रन | 100 विकेट
वनडे इंटरनेशनल: 120 मैच | 1544 रन | 173 विकेट
टी-20 इंटरनेशनल: 24 मैच | 172 रन | 28 विकेट
घरेलू व अन्य क्रिकेट: 122 फर्स्ट क्लास मैच और कुल 181 टी-20 मैच खेले।