आईपीएल (फोटो-सोशल मीडिया) 
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IPL 2026 के ऑक्शन में RTM कार्ड का इस्तेमाल होगा या नहीं? जानें फ्रेंचाइजी के लिए क्या हैं नियम

IPL 2026 Auction Explained: आईपीएल 2026 का ऑक्शन अबु धाबी में होगा। इस ऑक्शन में कुल 359 खिलाड़ियों की बोली लगेगी। जिसमें 77 खिलाड़ियों को खरीददार मिलेगा। क्या RTM का यूज इस बार कर सकेंगे या नहीं?

उज्जवल सिन्हा

Right To Match Rules in IPL: आईपीएल 2026 का मिनी ऑक्शन 16 दिसंबर को अबु धाबी में आयोजित किया जाएगा। इस नीलामी में कुल 359 खिलाड़ियों पर बोली लगेगी। हालांकि, इस दौरान सिर्फ 77 खिलाड़ियों की किस्मत चमकेगी। इस सीजन में सभी टीमों को मिलाकर कुल 77 स्लॉट की खाली है। ऐसे में सभी टीमें अपने पसंदीदा खिलाड़ी को शामिल करने की कोशिश करेगी। मिनी ऑक्शन से पहले सभी के मन में एक सवाल है कि आगामी सीजन के लिए राइट टू मैच (RTM) कार्ड का इस्तेमाल होगा या नहीं। आइए जानते हैं इसके बारे में।

आईपीएल में पहली बार राइट टू मैच कार्ड का इस्तेमाल 2013 के ऑक्शन के दौरान किया गया था। इस कार्ड का उद्देश्य यही था कि टीमें अपने रिलीज किए गए खिलाड़ियों पर इसका उपयोग करके उन्हें फिर से टीम में शामिल कर सकते हैं। इसको पहली बार मेगा ऑक्शन में शामिल किया गया था। जिससे फ्रेंचाइजियों को कोर टीम बनाने में काफी मदद मिली थी। राइट टू मैच कार्ड का इस्तेमाल केवल मेगा ऑक्शन के दौरान ही किया जाता है।

इसके बाद यह नियम आईपीएल 2018 से पहले हुए अगले मेगा ऑक्शन में भी लागू रखा गया। हालांकि, आईपीएल 2022 सीजन से पहले RTM कार्ड को हटा दिया गया। शुरुआती मेगा ऑक्शन में हर टीम को अधिकतम तीन RTM कार्ड इस्तेमाल करने की अनुमति थी।

साल 2022 के मेगा ऑक्शन में RTM कार्ड क्यों नहीं था?

आईपीएल 2022 में दो नई टीमें जुड़ी थी। जिसके बाद टीमों की संख्या बढ़कर 8 की जगह 10 हो गई। इसमें गुजरात टाइटंस और लखनऊ सुपर जायंट्स को शामिल किया गया। इस ऑक्शन में बाकी टीमों का फायदा ना हो और सभी टीमें बराबरी की हो, इसलिए राइट टू मैच कार्ड का इस्तेमाल नहीं किया गया था।

RTM कार्ड कैसे काम करता है?

पहले नियमों के तहत एक टीम को अधिकतम तीन RTM कार्ड मिलते थे। हालांकि, आईपीएल 2025 सीज़न के ऑक्शन से पहले नियमों में बदलाव किया गया है। अब यदि कोई टीम एक भी खिलाड़ी रिटेन नहीं करती, तो उसे छह RTM कार्ड मिल सकते हैं। वहीं, अगर कोई फ्रेंचाइज छह खिलाड़ियों को रिटेन करती है, तो उसे RTM कार्ड का कोई विकल्प नहीं मिलेगा।

RTM कार्ड के इस्तेमाल की प्रक्रिया भी तय है। यदि कोई फ्रेंचाइजी अपने पूर्व खिलाड़ी को वापस खरीदना चाहती है, तो वह RTM कार्ड का उपयोग कर उसकी मौजूदा बोली को मैच करने का अधिकार रखती है। इसके बाद बाकी टीमों को एक बार फिर बोली लगाने का मौका दिया जाता है। अगर दूसरी फ्रेंचाइजी की बोली ज्यादा होती है, तो RTM कार्ड इस्तेमाल करने वाली टीम को खिलाड़ी को अपने पास रखने के लिए उस बढ़ी हुई रकम को मैच करना होता है।

मिनी ऑक्शन में RTM कार्ड का इस्तेमाल होगा या नहीं?

RTM कार्ड का इस्तेमाल मिनी ऑक्शन में नहीं होता है। इस कार्ड का इस्तेमाल केवल मेगा ऑक्शन के दौरान ही किया जाता है। ऐसे में इस साल होने वाले मिनी ऑक्शन में राइट टू मैच कार्ड का उपयोग नहीं कर सकेंगे। इसके चलते टीमें अपने पुराने खिलाड़ियों को फिर से हासिल करने के लिए जमकर बोली लगाती नजर आएंगी।

सभी फ्रेंचाइजियों का बचा हुआ पर्स

  • कोलकाता नाइट राइडर्स- 64.3 करोड़
  • चेन्नई सुपर किंग्स – 43.4 करोड़
  • दिल्ली कैपिटल्स – 21.8 करोड़
  • गुजरात टाइटंस – 12.9 करोड़
  • लखनऊ सुपरजाइंट्स – 22.95 करोड़
  • मुंबई इंडियंस – 2.75 करोड़
  • रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु – 16.4 करोड़
  • पंजाब किंग्स – 11.5 करोड़
  • राजस्थान रॉयल्स – 16.05 करोड़
  • सनराइजर्स हैदराबाद – 24.5 करोड़

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