Indian Under-19 World Cup Team arrived back in Country: अंडर-19 विश्व कप जीतकर स्वदेश लौटी भारतीय टीम का रविवार को शानदार स्वागत किया गया। एयरपोर्ट पर खिलाड़ियों के परिवार के सदस्य और बड़ी संख्या में प्रशंसक मौजूद रहे, जिन्होंने युवा खिलाड़ियों का जोरदार अभिनंदन किया। भारत ने फाइनल मुकाबले में इंग्लैंड को हराकर रिकॉर्ड छठी बार खिताब अपने नाम किया और इतिहास रच दिया।
आयुष म्हात्रे की कप्तानी में भारतीय टीम ने फाइनल में जबरदस्त प्रदर्शन किया। टीम इंडिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए नौ विकेट पर 411 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। इस पारी के हीरो 14 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी रहे, जिन्होंने 80 गेंदों में 175 रन की विस्फोटक पारी खेली। इसके जवाब में इंग्लैंड की टीम 40.2 ओवर में 311 रन पर सिमट गई और भारत ने 100 रन से बड़ी जीत दर्ज की। भारत इससे पहले साल 2000, 2008, 2012, 2018 और 2022 में अंडर-19 विश्व कप जीत चुका था और अब छठी बार ट्रॉफी अपने नाम कर ली है।
कप्तान आयुष म्हात्रे और विस्फोटक बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी मुंबई एयरपोर्ट पर आकर्षण का केंद्र बने रहे। इस दौरान टीम इंडिया के युवा स्टार खिलाड़ियों को देखने के लिए फैंस व खुद उनके परिवार वाले पहुंचे थे। भारतीय अंडर-19 टीम के कप्तान आयुष म्हात्रे के माता-पिता, चाची और बहनोई एयरपोर्ट पर पहुंचे थे।
फाइनल मैच में 53 रन की अहम पारी खेलने वाले म्हात्रे के पिता योगेश कमलाकर म्हात्रे ने खुशी जताते हुए कहा कि उनके पास इस उपलब्धि को बयान करने के लिए शब्द नहीं हैं और बेटे की मेहनत रंग लाई है। वहीं, उनकी मां ने भी गर्व जताते हुए कहा कि बचपन से क्रिकेट के लिए की गई मेहनत का फल अब मिला है और परिवार इस जीत का जश्न मनाएगा।
बताया जा रहा है कि सभी खिलाड़ी फिलहाल अपने-अपने घर जाएंगे और बाद में बीसीसीआई द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में शामिल होंगे। चूंकि इस समय भारत और श्रीलंका में आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप भी खेला जा रहा है, इसलिए समारोह की तारीख बाद में तय की जा सकती है।
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भारतीय टीम के शानदार प्रदर्शन को देखते हुए बीसीसीआई ने खिलाड़ियों के लिए 7.5 करोड़ रुपये के नकद पुरस्कार की घोषणा की है। टीम पूरे टूर्नामेंट में अजेय रही और हर मुकाबले में बेहतरीन खेल दिखाया। ऋषिकेश कानिटकर की कोचिंग में टीम ने सुपर सिक्स चरण में पाकिस्तान को भी हराया था, जो इस अभियान की बड़ी जीतों में से एक रही। इस तरह युवा भारतीय टीम ने न सिर्फ खिताब जीता, बल्कि अपने प्रदर्शन से क्रिकेट जगत में एक बार फिर भारत का दबदबा साबित कर दिया।