एडम जांपा (फोटो- सोशल मीडिया) 
क्रिकेट

पैसा नहीं IPL में खेलने का मौका ही बहुत बड़ा...एडम जैम्पा को आकिब नबी ने दिया करारा जवाब

Adam Zampa: आकिब नबी आईपीएल 2026 में डेब्यू के लिए उत्साहित हैं और इसे रकम से ज्यादा खास मानते हैं, जबकि एडम जम्पा ने लीग की आलोचना कर पीएसएल को प्राथमिकता दी है।

संजय सिंह बिष्ट

Aqib Nabi On Playing IPL 2026:  ऑस्ट्रेलिया के लेग स्पिनर एडम जम्पा ने आईपीएल 2026 से अपना नाम वापस लेकर क्रिकेट जगत में चर्चा छेड़ दी है। नीलामी में सनराइजर्स हैदराबाद ने उनके लिए 2.40 करोड़ रुपये की सबसे बड़ी बोली लगाई थी, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने लीग से हटने का फैसला किया। जम्पा ने अपनी दलील में कहा कि आईपीएल की लंबी अवधि के मुकाबले उन्हें मिलने वाला मेहनताना उनकी स्किल और समय के हिसाब से पर्याप्त नहीं लगा। इसी वजह से उन्होंने पाकिस्तान सुपर लीग 2026 को चुनते हुए कराची किंग्स के लिए खेलने का निर्णय लिया।

पैसों और प्राथमिकताओं पर जम्पा का तर्क

जम्पा का कहना है कि प्रोफेशनल क्रिकेटर होने के नाते वे अपने करियर और मेहनत का सही मूल्य चाहते हैं। उनके अनुसार जब किसी टूर्नामेंट में लंबे समय तक उपलब्ध रहना पड़ता है, तो उसके मुकाबले मिलने वाला भुगतान भी उसी स्तर का होना चाहिए। इसी सोच के चलते उन्होंने आईपीएल को छोड़कर पीएसएल में खेलने का विकल्प चुना। उनका यह फैसला सोशल मीडिया और क्रिकेट फैंस के बीच अलग-अलग प्रतिक्रियाएं बटोर रहा है।

आकिब नबी का उदाहरण

जम्पा के इस तर्क के बीच जम्मू-कश्मीर के युवा तेज गेंदबाज आकिब नबी का बयान एक अलग दृष्टिकोण पेश करता है। आकिब दिल्ली कैपिटल्स का हिस्सा हैं और उन्होंने आईपीएल 2026 में डेब्यू का सपना देखा है। हालांकि उन्हें अभी प्लेइंग इलेवन में मौका नहीं मिला, लेकिन भविष्य में उनके खेलने की संभावना मजबूत मानी जा रही है।

पैसों से ज्यादा बड़ा मंच

आईपीएल 2026 की मिनी नीलामी में दिल्ली कैपिटल्स ने आकिब नबी को 8.4 करोड़ रुपये में खरीदा था। इसके बावजूद आकिब का कहना है कि उनके लिए सबसे अहम पैसा नहीं बल्कि इस लीग में खेलना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर उन्हें बहुत कम रकम भी मिलती, तब भी वे आईपीएल का हिस्सा बनने के लिए तैयार रहते। उनके अनुसार आईपीएल में चयन होना ही अपने आप में बड़ी उपलब्धि है, और इतनी बड़ी रकम मिलना उनके लिए सम्मान की बात है।

जम्पा के लिए आकिब की सोच एक संदेश

आकिब नबी का नजरिया जम्पा की सोच से बिल्कुल अलग दिखाई देता है। जहां जम्पा ने बेहतर आर्थिक और व्यक्तिगत संतुलन को प्राथमिकता दी, वहीं आकिब का फोकस बड़े मंच पर खेलने और खुद को साबित करने पर है। यह तुलना दिखाती है कि हर खिलाड़ी की प्राथमिकताएं अलग होती हैं, लेकिन आईपीएल जैसे टूर्नामेंट में चयन होना ही करियर का एक बड़ा माइलस्टोन माना जाता है।

पहले भी आईपीएल छोड़ चुके हैं जम्पा

यह पहली बार नहीं है जब एडम जम्पा ने आईपीएल से दूरी बनाई हो। साल 2021 में कोविड-19 महामारी के दौरान भी उन्होंने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए आईपीएल से नाम वापस ले लिया था। उस समय उन्होंने कहा था कि भारत में बायो-बबल छोड़ने के बाद उन्हें उतना सुरक्षित महसूस नहीं हुआ, जितना यूएई में आयोजित आईपीएल 2020 के दौरान हुआ था। उन्होंने यह भी माना था कि टूर्नामेंट अगर यूएई में ही आयोजित होता तो बेहतर रहता, क्योंकि भारत में सुरक्षा को लेकर उनकी चिंताएं ज्यादा थीं।

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