Jasprit Bumrah Workload Management: भारतीय टीम के स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह एक बार फिर चर्चा में हैं। अपनी खतरनाक और किफायती गेंदबाजी के लिए मशहूर बुमराह को लेकर अब बीसीसीआई ने बड़ा प्लान तैयार करना शुरू कर दिया है। खासतौर पर वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप और 2027 के वनडे वर्ल्ड कप को ध्यान में रखते हुए बोर्ड उनकी भूमिका को लेकर रणनीति बना रहा है।
जसप्रीत बुमराह के अनोखे गेंदबाजी एक्शन की वजह से उनके शरीर पर ज्यादा दबाव पड़ता है, इसलिए बीसीसीआई लंबे समय से उनके वर्कलोड मैनेजमेंट पर ध्यान देता आया है। यही कारण है कि वह व्हाइट बॉल क्रिकेट में तो नियमित दिखते हैं, लेकिन टेस्ट मैचों में उन्हें सीमित तौर पर खिलाया जाता है। हालांकि अब रिपोर्ट्स के मुताबिक बोर्ड चाहता है कि वह मौजूदा वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप साइकल के सभी टेस्ट मैच खेलें।
भारत को इस वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप साइकल में कुल 9 टेस्ट मैच खेलने हैं और बुमराह को इन सभी मुकाबलों में खिलाने की योजना बनाई जा रही है। टीम इंडिया के पास आईसीसी की लगभग सभी ट्रॉफियां हैं, लेकिन वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप जीतने का सपना अब तक अधूरा है। ऐसे में टीम प्रबंधन अपने सबसे बड़े हथियार बुमराह को हर मैच में उतारकर इस कमी को पूरा करना चाहता है।
आईपीएल 2026 के बाद भारत 6 जून से अफगानिस्तान के खिलाफ एक टेस्ट खेलेगा, जो WTC का हिस्सा नहीं होगा। इसके बाद टीम को श्रीलंका और न्यूजीलैंड के खिलाफ 2-2 टेस्ट मैच खेलने हैं। वहीं अगले साल जनवरी में ऑस्ट्रेलिया भारत दौरे पर आएगा, जहां दोनों टीमों के बीच 5 मैचों की बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी खेली जाएगी। इस पूरे शेड्यूल को देखते हुए बुमराह को फिट रखना सबसे बड़ी चुनौती होगी।
ये भी पढ़ें: जोफ्रा आर्चर ने तोड़ा युजवेंद्र चहल का रिकॉर्ड, इंग्लिश प्लेयर ने राजस्थान रॉयल्स के लिए रचा दिया इतिहास
रिपोर्ट्स के अनुसार जसप्रीत बुमराह को टेस्ट क्रिकेट के लिए फिट रखने के लिए चयनकर्ता उन्हें कुछ वनडे सीरीज से आराम दे सकते हैं। इससे वह बड़े मुकाबलों के लिए तरोताजा रहेंगे। पिछले साल इंग्लैंड दौरे पर भी वर्कलोड मैनेजमेंट के चलते उन्होंने 5 में से सिर्फ 3 टेस्ट मैच खेले थे। अब देखना होगा कि यह नई रणनीति टीम इंडिया को वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का खिताब दिलाने में कितनी सफल होती है।