Highlights:
ऑस्ट्रेलियाई अंपायर बेन ट्रेलोअर भारत में रणजी ट्रॉफी और भारतीय अंपायर पराशर जोशी ऑस्ट्रेलिया में अंपायरिंग करेंगे।
पराशर जोशी 11 नवंबर से ऑस्ट्रेलिया में गाबा और SCG जैसे मैदानों पर 3 घरेलू मैचों में अंपायरिंग करेंगे।
इससे पहले नवंबर 2016 में ऑस्ट्रेलियाई अंपायर सैम नोगाजस्की भी रणजी मैच कराने भारत आ चुके हैं।
BCCI CA Umpire Exchange Programme: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) और क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (CA) ने अंपायर आदान-प्रदान कार्यक्रम के तहत एक बड़ा फैसला लिया है। इस खास कार्यक्रम के तहत ऑस्ट्रेलियाई अंपायर बेन ट्रेलोअर भारत में 2026-27 रणजी ट्रॉफी के मुकाबलों में अंपायरिंग करते हुए नजर आएंगे।
वहीं, भारत के अनुभवी अंपायर पराशर जोशी ऑस्ट्रेलिया के घरेलू क्रिकेट में अंपायरिंग का जिम्मा संभालेंगे। इस द्विपक्षीय कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के अंपायरों को एक-दूसरे के यहां के घरेलू क्रिकेट के माहौल में अंपायरिंग का व्यावहारिक अनुभव दिलाना और उनके कौशल को निखारना है।
ऑस्ट्रेलियाई अंपायर बेन ट्रेलोअर के पास प्रथम श्रेणी और टी-20 क्रिकेट का बेहतरीन अनुभव है। वह अब तक 30 प्रथम श्रेणी मैच, 20 लिस्ट-A मुकाबले और ऑस्ट्रेलिया की मशहूर बिग बैश लीग (BBL) के 39 मैचों में अंपायरिंग की जिम्मेदारी बखूबी निभा चुके हैं। घरेलू क्रिकेट के अलावा ट्रेलोअर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं, जिसमें 2 महिला वनडे और 4 महिला टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच शामिल हैं।
आपको बता दें कि अंपायरिंग के साथ-साथ ट्रेलोअर खेल के विकास में भी सक्रिय हैं। वह वर्तमान में क्रिकेट न्यू साउथ वेल्स में अंपायर शिक्षा अधिकारी के पद पर तैनात हैं, जहां वह भविष्य के मैच अधिकारियों और अंपायरों को प्रशिक्षित करते हैं।
अंपायरों की शिक्षा और ट्रेनिंग के क्षेत्र में उनके शानदार योगदान के लिए उन्हें न्यू साउथ वेल्स क्रिकेट अंपायर्स एंड स्कोरर्स एसोसिएशन की ओर से प्रतिष्ठित 'जॉर्ज बोरविक मेमोरियल पुरस्कार' से 4 बार सम्मानित किया जा चुका है।
इस एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत भारत के बेहतरीन अंपायरों में से एक, पराशर जोशी ऑस्ट्रेलिया का दौरा करेंगे। जोशी वहां के आगामी घरेलू सत्र में कुल 3 महत्वपूर्ण मुकाबलों में अंपायरिंग का जिम्मा संभालेंगे। पराशर जोशी का भारतीय घरेलू क्रिकेट में अंपायरिंग ग्राफ बेहद शानदार रहा है।
पराशर जोशी अब तक भारत में 19 प्रथम श्रेणी मैच, 32 लिस्ट-A मुकाबले और 40 टी-20 मैचों में अंपायरिंग कर चुके हैं। उनके टी-20 अनुभव में दुनिया की सबसे बड़ी क्रिकेट लीग यानी इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) और भारत की प्रतिष्ठित सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के मुकाबले भी शामिल हैं।
ऑस्ट्रेलिया की धरती पर पराशर जोशी का अंपायरिंग कार्यकाल 11 नवंबर से शुरू होने जा रहा है। वह ब्रिस्बेन के ऐतिहासिक गाबा मैदान पर क्वींसलैंड और तस्मानिया के बीच होने वाले शेफील्ड शील्ड मुकाबले से अपने सफर की शुरुआत करेंगे।
इसके बाद 16 नवंबर को वह इन्हीं दोनों टीमों (क्वींसलैंड और तस्मानिया) के बीच होने वाले वनडे कप मैच में भी अंपायर की भूमिका में दिखेंगे। जोशी का तीसरा मुकाबला 22 नवंबर से सिडनी क्रिकेट ग्राउंड (SCG) में न्यू साउथ वेल्स और क्वींसलैंड के बीच खेला जाने वाला शेफील्ड शील्ड मैच होगा।
दरअसल, यह पहली बार नहीं है जब इस आदान-प्रदान कार्यक्रम के तहत कोई ऑस्ट्रेलियाई अंपायर भारत में रणजी ट्रॉफी के मैच कराने आ रहा है। इससे पहले नवंबर 2016 में ऑस्ट्रेलियाई अंपायर सैम नोगाजस्की इस कार्यक्रम के तहत भारत आए थे। हालांकि, उस दौरे पर एक अनहोनी हो गई थी।
मैसूरु में उत्तर प्रदेश और मुंबई के बीच खेले जा रहे रणजी मैच के दूसरे दिन सैम नोगाजस्की की तबीयत अचानक बेहद खराब हो गई थी, जिसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। इस बार क्रिकेट प्रशंसकों और दोनों बोर्ड को उम्मीद होगी कि बेन ट्रेलोअर और पराशर जोशी का यह दौरा बेहद सफल और ऐतिहासिक रहेगा।