Highlights:
92वां सीजन: कुल 38 टीमें और 138 मैच, जिसमें सीनियर व युवा खिलाड़ी शामिल हैं।
मुंबई सबसे सफल (42 खिताब) और जम्मू-कश्मीर डिफेंडिंग चैंपियन है।
नियम व फीस: लीग मैच 4 और नॉकआउट 5 दिन के, अधिकतम फीस ₹2.4 लाख प्रति मैच।
Indian Domestic Cricket: भारत के प्रतिष्ठित घरेलू रेड-बॉल क्रिकेट टूर्नामेंट यानी रणजी ट्रॉफी का 92वां सीजन आज यानी रविवार, 11 अक्टूबर से शुरू हो गया है। टीम इंडिया में जगह बनाने का सबसे अहम मंच माने जाने वाले इस टूर्नामेंट में इस बार कुल 38 टीमें खिताब के लिए मैदान में उतरी हैं।
इस पूरे सीजन के दौरान कुल 138 मैच खेले जाएंगे, जिसमें भारतीय क्रिकेट के कई बड़े सितारे जैसे यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, मोहम्मद शमी, मोहम्मद सिराज, सरफराज खान और रवींद्र जडेजा अपने प्रदर्शन से चयनकर्ता का ध्यान खींचने की कोशिश करेंगे।
रणजी ट्रॉफी के इतिहास में मुंबई ने सबसे ज्यादा 42 बार इस खिताब को अपने नाम किया है, जिसमें लगातार 15 सीजन चैंपियन बनने का ऐतिहासिक रिकॉर्ड भी शामिल है। इसके बाद कर्नाटक 8 खिताबों के साथ दूसरे और दिल्ली 7 खिताबों के साथ तीसरे नंबर पर है।
हालांकि, पिछले साल यानी 2025-26 सीजन का फाइनल इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया, जब जम्मू-कश्मीर की टीम 1959-60 से खेलने के बाद पहली बार (67 साल बाद) चैंपियन बनी। जम्मू-कश्मीर ने कर्नाटक के खिलाफ पहली पारी में मिली 291 रनों की विशाल बढ़त के आधार पर खिताब अपने नाम किया था।
रणजी ट्रॉफी की शुरुआत साल 1934-35 में हुई थी। जुलाई 1934 में जब भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने देश में प्रथम श्रेणी क्रिकेट कराने का विचार रखा, तब इसका नाम ‘क्रिकेट चैंपियनशिप ऑफ इंडिया’ था। इसके पहले सीजन में केवल 15 टीमों ने हिस्सा लिया था और पटियाला के महाराजा भूपिंदर सिंह ने इस ऐतिहासिक ट्रॉफी को दान किया था।
टूर्नामेंट का पहला मैच मद्रास और मैसूर के बीच चेपॉक स्टेडियम में खेला गया था, जिसमें बॉम्बे (अब मुंबई) पहला चैंपियन बना था। बाद में नवानगर के राजपरिवार से ताल्लुक रखने वाले और इंग्लैंड के लिए 15 टेस्ट खेलने वाले दिग्गज खिलाड़ी कुमार श्री रणजीत सिंह के नाम पर इसका नाम 'रणजी ट्रॉफी' रखा गया।
यह एक प्रथम श्रेणी यानी फर्स्ट क्लास टूर्नामेंट है, जिसके लीग मैच 4 दिन और नॉकआउट मुकाबले 5 दिन के होते हैं। टेस्ट की तरह इसमें भी दो-दो पारियां होती हैं। मैच फीस की बात करें तो खिलाड़ियों को उनके अनुभव के आधार पर बीसीसीआई की तरफ से भुगतान किया जाता है, जिसके तहत एक खिलाड़ी चार दिन के लीग मैच से अधिकतम ₹2.4 लाख तक कमा सकता है।