पैरा एशियन गेम्स 2026 में भारत का जलवा।
भारत के नाम हुए दो गोल्ड मेडल और कई सिल्वर मेडल।
जापान के नागोया में खेले जा रहे है पैरा एशियन गेम्स।
Asian Para Games 2026 India Medals: पैरा एशियन गेम्स 2026 में आज, शुक्रवार, 23 अक्टूबर की सुबह भारत के लिए बड़ी खुशखबरी लेकर आई। नागोया में खेले जा रहे इन खेलों में भारतीय खिलाड़ियों ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए एक के बाद एक दो गोल्ड मेडल और कई सिल्वर मेडल अपने नाम किए। इस शानदार शुरुआत से पदक तालिका में भारत की स्थिति और मजबूत हो गई है।
मेंस सिंगल्स SL3 बैडमिंटन इवेंट के फाइनल में दो भारतीय पैरालंपिक चैंपियन आमने-सामने थे। बेहद रोमांचक मुकाबले में नितेश कुमार ने हमवतन प्रमोद भगत को सीधे गेमों में 21-18, 21-16 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। इस हार के बाद 38 वर्षीय अनुभवी खिलाड़ी प्रमोद भगत को रजत पदक (सिल्वर) से संतोष करना पड़ा। इससे पहले प्रमोद ने 2018 और 2022 के खेलों में स्वर्ण जीता था।
महिला SU5 वर्ग के बैडमिंटन फाइनल में 24 वर्षीय तुलसीमति मुरूगेसन को चीन की यांग कियूशिया से 18-21, 11-21 से हार का सामना करना पड़ा और उन्हें रजत पदक मिला। हालांकि, पेरिस पैरालंपिक की रजत पदक विजेता तुलसीमति अभी भी दो और गोल्ड मेडल की दौड़ में हैं। वह मिक्स्ड डबल्स में नितेश कुमार के साथ और महिला डबल्स में मानसी जोशी के साथ फाइनल मुकाबला खेलेंगी।
भारत को दूसरा स्वर्ण पदक तीरंदाजी में मिला। पैरा रिकर्व पुरुष युगल फाइनल में भारत के हरविंदर सिंह और विजय सुंडी की जोड़ी ने चीन को 5-1 से हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया।
पहला सेट 35-35 से बराबरी पर छूटा।
भारत ने दूसरा सेट 37-36 से जीता।
तीसरा सेट भारत ने 38-36 से जीतकर मुकाबला अपने नाम कर लिया।
वहीं, महिला पैरा रिकर्व युगल फाइनल में भारत की भावना चौधरी और पूजा जटिया की जोड़ी को चीन की गाओ जिहान और वांग शूकियान से 0-6 से हार का सामना करना पड़ा, जिससे उन्हें रजत पदक मिला।
पैरा-एथलेटिक्स से भी भारत के लिए अच्छी खबर आई। पुरुषों की 1500 मीटर T46 स्पर्धा के फाइनल में भारत के प्रमोद बिजारनिया ने 4 मिनट 09.65 सेकंड का समय निकालकर रजत पदक जीता। इस स्पर्धा का स्वर्ण श्रीलंका के पुवाकपितिकांदे पी वाहुमपुरागे (4:03.25 - रिकॉर्ड समय) को मिला, जबकि फिलीपींस के किंग जेम्स रेयेस ने कांस्य पदक जीता।
पैरा-एथलेटिक्स में T46 श्रेणी उन खिलाड़ियों के लिए होती है जो खड़े होकर प्रतिस्पर्धा करते हैं, लेकिन उनके ऊपरी अंगों (जैसे कोहनी के ऊपर या नीचे से हाथ का न होना या कंधे-कोहनी से जुड़ी गंभीर अक्षमता) में कोई कमजोरी या विकार होता है।