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अमित शाह के 2050 तक एनडीए सरकार रहने के दावे पर राजनीतिक व्यंग्य।
महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार को सरकार के लिए बड़ी चुनौतियां बताया गया।
विपक्ष ने इंडिया गठबंधन के जरिए एकजुट होकर सरकार को घेरने का दावा किया।
परिसीमन बिल, केंद्रीय जांच एजेंसियों और चुनावी रणनीति को लेकर सत्ता-विपक्ष के टकराव का जिक्र।
BJP Government Opposition Political Satire: पड़ोसी ने हमसे कहा, 'निशानेबाज, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बड़े आत्मविश्वास से कहा था कि विपक्ष सत्ता में आने का सपना देखना छोड़ दे 2050 तक बीजेपी के नेतृत्व में केंद्र में एनडीए की सरकार बनी रहेगी। इसलिए विपक्ष के लिए नो वैकेंसी ! हमने कहा, 'इंसान का इंश्योरेंस हो सकता है, लेकिन सरकार का नहीं। महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, मनमानी के विरोध में जब व्यापक आंदोलन उभरता है, तो सरकार हिल जाती है।'
पड़ोसी ने कहा, 'निशानेबाज, जब चुनाव आयोग समेत संवैधानिक संस्थाओं पर सरकार का कब्जा हो, हाथ में एसआईआर का डंडा हो, विपक्ष के आंदोलन का पुलिसिया दमन हो तो सरकार का किला हमेशा मजबूत बना रहेगा। देश में 600 साल मुगलों ने और 200 साल अंग्रेजों ने राज किया कांग्रेस भी कई दशकों तक सत्ता में रही। ऐसे में बीजेपी भी यदि आजादी की शताब्दी अर्थात 2047 तक सत्तारूढ़ रहने के लिए संकल्पबद्ध है, तो इसे सहजता से स्वीकार कीजिए। विपक्षी पार्टियों को तोड़कर अपने साथ मिलाने, विपक्षी नेताओं के पीछे केंद्रीय जांच एजेसियों को लगाने की नीति से मोदी-शाह की सरकार ने खुद को बहुत मजबूत कर लिया है। वह चिरकुट लोगों की परवाह नहीं करती। कॉकरोच से निपटने के लिए लाल हिट का स्प्रे मार सकती है।'
हमने कहा', सरकार की एकाधिकारवादी, तानाशाही और दमनकारी नीतियों के खिलाफ कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्ष का इंडिया गठबंधन एकजुट हो गया है। ममता, केजरीवाल, अखिलेश, तेजस्वी यादव, लेफ्ट पार्टियां तालमेल बना रहे हैं। राहुल और प्रियंका ने डंका बजा दिया है। सरकार पूरी कोशिश करने पर भी चुनाव क्षेत्र की पुनर्रचना करने वाला परिसीमन बिल दो-तिहाई बहुमत से पास नहीं करवा पा रही है। विपक्ष के सवाल का जवाब देने के लिए ढाल की तरह केंद्रीय मंत्रियों किरेन रिजिजू और पीयूष गोयल को आगे कर दिया जाता है। मोदी खुद सामने आकर जवाब नहीं देते। सरकार के पास समूचा तंत्र और चुनाव जीतने का अमोघ मंत्र है।
लेख- चंद्रमोहन द्विवेदी के द्वारा