पीएम मोदी ने की मेलोनी से मुलाकात (डिजाइन फोटो) 
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नवभारत निशानेबाज: मन की बात बड़ी ही सलोनी, मोदी से मेलजोल बढ़ाती मेलोनी

Navabharat Nishanebaaz: जी-7 शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी और जॉर्जिया मेलोनी की मुलाकात ने फिर सुर्खियां बटोरी हैं। जानिए कैसे यह 'मेलोडी' केमिस्ट्री वैश्विक कूटनीति में नए रंग भर रही है।

आकाश मसने

PM Modi Giorgia Meloni Meeting: पड़ोसी ने हमसे कहा, 'निशानेबाज, मन की बात कहने वाले मोदी का मेलोनी से मेलजोल है। मौका और माहौल उनकी मधुर मुलाकात करवा देता है। इस बारे में आपकी क्या राय है?'

हमने कहा, 'मेलोडी खाओ, खुद जान जाओ! समझ में आ जाएगा कि प्रेम से भेंट की गई मेलोडी इतनी चॉकलेटी क्यों होती है! जहां तक मन की बात है, गीता में कहा गया है कि मन की गति अश्व से भी अधिक चंचल होती है। मन तो हर किसी के पास होता है लेकिन मन की बात सिर्फ प्रधानमंत्री मोदी कह पाते हैं। फ्रांस की पहाड़ी वादियों के इलाके एवियन-ले-बेंस में जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान मोदी और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की मुलाकात फिर चर्चा में है। दोनों ने एक-दूसरे से गर्मजोशी से हाथ मिलाया। वीडियो में मोदी ने हंसते हुए मेलोनी से कहा कि सोशल मीडिया पर आप काफी लोकप्रिय हैं। इस पर मेलोनी ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया कि हां, हम इंस्टाग्राम पर सबसे मशहूर जोड़ी हैं।'

पड़ोसी ने कहा, 'निशानेबाज, अनेक विश्व नेताओं की तरह मोदी ने मेलोनी से भी अपनापन बढ़ाया है। मेलोनी की आत्मकथा की प्रस्तावना भी मोदी ने ही लिखी थी। इस आत्मकथा का नाम है- आई एम जॉर्जिया ! आप तो जानते हैं कि ऑटो बायोग्राफी या आत्मचरित्र में अपने मन की बात लिखी जाती है।'

हमने कहा, 'मन समस्त इंद्रियों का स्वामी है। वह शरीर रूपी रथ को अपनी मर्जी से चलाता है। सुख और दुख दोनों मन की उपज हैं। मन के हारे हार है, मन के जीते जीत! पंजाबियों में मनजीत सिंह और मनजीत कौर जैसे नाम हुआ करते हैं। अभिनेत्री मीनाकुमारी ने एक फिल्म में गाया था- मेरी बात रही मेरे मन में, कुछ कह ना सकी उलझन में, मेरे सपने अधूरे हुए नहीं पूरे, आग लगी जीवन में!

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह अपने मन के बजाय सोनिया गांधी की मर्जी से यूपीए सरकार चलाया करते थे। उन्होंने 10 साल इसी तरह काट दिए। इटली और इंडिया की दोस्ती बड़ी फलदायी है। सबसे पहले राजीव गांधी ने सोनिया से शादी कर भारत-इटली के बीच रिश्ता बनाया था। इटली में रोम है तो हमारे यहां रोम-रोम में बसने वाले राम हैं। इटली में माफिया है तो हमारे देश में भी पेपर लीक माफिया, कोल माफिया, रेत माफिया, भूखंड माफिया, अपहरण व फिरौती वसूली माफिया है। इटली का पास्ता और पिज्जा भारत में भी लोकप्रिय हो गया है।'

लेख- चंद्रमोहन द्विवेदी के द्वारा

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