भारत के लिए आसिम मुनीर कितना खतरनाक? (AI जेनरेटेड इमेज)
नवभारत विशेष

Explainer: पाकिस्तान में चुपके से तख्तापलट! आसिम मुनीर बने सबसे पॉवरफुल; क्या है पाक आर्मी चीफ की प्लानिंग?

Pakistani Army Chief Asim Munir: आसिम मुनीर चुपचाप तख्तापलट जैसा कदम उठाकर कैसे पाकिस्तान के सबसे पावरफुल शख्स बने और भारत के लिए उनका बढ़ता प्रभाव कितना खतरनाक हो सकता है। इस एक्सप्लेनर में जानिए।

मनोज आर्या

Pakistani Army Chief Asim Munir Absolute Power: पाकिस्तान में आर्मी चीफ आसिम मुनीर ने एक बार फिर 'तख्तापलट' कर दिया है। हालांकि, अब की बार इस काम के लिए उन्होंने किसी टैंक या सैन्य बल का नहीं, बल्कि संसद का इस्तेमाल किया है। नए कानून की मदद से फील्ड मार्शल आसिम मुनीर पड़ोसी मुल्क में सबसे पावरफुल शख्स बन गए हैं।

ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर मुनीर की क्या प्लानिंग है और भारत के लिए वे कितना खतरनाक हैं? आइए इस एक्सप्लेनर के जरिए इन सभी सवालों का जवाब आसान भाषा में जानते हैं।

पाकिस्तान में आसिम मुनीर कितना ताकतवर?

पाकिस्तान के 17वें आर्मी चीफ के रूप में आसिम मुनीर की नवंबर 2022 में नियुक्ति हुई थी। उनके कार्यकाल के खत्म होने से ठीक छह महीने पहले पुलवामा हमले के जवाब भारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर' शुरू कर दिया। इस ऑपरेशन के बाद पाकिस्तान खुद की जीत का झूठा दावा करते हुए आसिम मुनीर को हीरो के तौर पर पेश किया।

यही से मुनीर की ताकत में बढ़ती चली गई। 20 मई 2025 को पाकिस्तान ने मुनीर को फिल्ड मार्शल बना दिया। यह रैंक पाकिस्तानी सेना की सर्वोच्च पद है। आसान भाषा में इसे 'फाइव स्टार जनरल' भी कहा जाता है।

दो कानूनों से CDF को मिली 5 बड़ी शक्तियां

पाकिस्तान ने अपने कानून में संशोधन करते हुए नवंबर 2025 में सेना में नया पद चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज (CDF) का पद बनाया। आसिम मुनीर पाकिस्तान के पहले सीडीएफ बने। 2030 तक वह अपने पद पर बने रहेंगे। कानून में संशोधन कर कार्यकाल बढ़ाया भी जा सकता है। इसके बाद 20 अगस्त 2026 को पाक संसद ने दो नए कानून पारित किए, इन दोनों कानूनों से चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज को 5 बड़े पावर मिल गए।

डिफेंस फोर्सेज ऑफ पाकिस्तान एक्ट, 2026

  • सीडीएफ के नेतृत्व में एक डिफेंस फोर्सेज मुख्यालय का निर्माण होगा, जो तीनों सेनाओं के कामकाज और युद्ध से जुड़े फैसले करेगा।

  • सीडीएफ के पास सेना प्रमुखों को छोड़कर तीनों सेनाओं के सभी अधिकारियों को सेवानिवृत करने, हटाने, सेवा समाप्त करने या बनाए रखने के अलावा रिटायरमेंट में छूट देना का अधिकार होगा।

  • राष्ट्रीय सुरक्षा और सैन्य के मामलों में प्रधानमंत्री के प्रमुख सलाहकार होंगे। सरकार और सीडीएफ सेना से संबंधित कानूनों में बदलाव भी कर सकते हैं।

नेशनल कमांड अथॉरिटी एक्ट, 2026

  • इस एक्ट के तहत सीडीएफ को परमाणु हथियारों के नियंत्रण को लेकर ज्यादा शक्ति मिलेगा। इस कानून से पहले पाकिस्तानी आर्मी चीफ न्यूक्लियर हथियारों की नेशनल कमांड अथॉरिटी के सदस्य होते थे। इसकी अध्यक्षता प्रधानमंत्री करते थे।

  • नया कानून के मुताबिक, चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज यानी की सीडीएफ को राष्ट्रपति के बराबर सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी। यानी पूरी जिंदकर उनपर कोई मुकदमा नहीं चलाया जा सकता है।

पाकिस्तान सीडीएफ को मिली 5 बड़ी शक्तियां

कैसे सबसे ताकतवर शख्स बने आसिम मुनीर?

आसिम मुनीर के पिता सैयद सरवर मुनीर 1947 में विभाजन के दौरान पंजाब के जालंधर से पाकिस्तान गए थे। वो रावलपिंडी में एक मशहूर स्कूल के प्रधानाध्यापक बने। इसके अलावा वे मस्जिद में इमाम के तौर पर भी काम करते और इस्लामिक उपदेश देते। गहरे धार्मिक झुकाव वाले इस घर में 1968 में आसिम मुनीर पैदा हुए। परिवार वालों की चाहती थी कि आसिम कुरआन हिफ्ज करे।

सातवीं कक्षा तक मदरसे में पढ़ने के दौरान मुनीर ने पूरी कुरआन रट डाली। इसके बाद वह एफजी टेक्निकल स्कूल और फिर रावलपिंडी के सर सैयद कॉलेज गए, जहां से पूर्व आर्मी चीफ कमर जावेद बाजवा ने पढ़ाई की थी।

क्रिकेट के शौकिन हैं आसिम मुनीर

क्रिकेट के शौकीन मुनीर अपने कॉलेज के दिनों में तेज गेंदबाज थे। स्कूल के बाद मुनीर ने जापान के फूजी स्कूल, क्वेटा के कमांड एंड स्टाफ कॉलेज और मलेशिया के आर्म्ड फोर्सेज कॉलेज से पढ़ाई की। उसके बाद इस्लामाबाद की नेशनल डिफेंस यूनिवर्सिटी से पब्लिक पॉलिसी और स्ट्रेटेजिक सिक्योरिटी मैनेजमेंट में मास्टर्स किया।

पाकिस्तानी आर्मी चीफ आसिम मुनीर

1986 में पाकिस्तानी सेना में मिली एंट्री

पाकिस्तान आर्मी के फ्रंटियर फोर्स रिजमेंट की 23वीं बटालियन में 25 अप्रैल 1986 को आसिम मुनीर की पहली तैनाती हुई थी। लेफ्टिनेंट कर्नल बनने के बाद उन्हें सऊदी अरब में पाकिस्तानी दूतावास में तैनात किया गया। मुनीर सियाचिन गलेशियर में भी अपनी सेवा दे चुके हैं।

वे पीओके में भी ज्यादा समय बिता चुके हैं। 2014 में वे मेजर जनरल बने। फिर 2026 में पाकिस्तान मिलिट्री इंटेलिजेंस के डायरेक्ट जनरल और 2028 में लेफ्टिनेंट जनरल बनाए गए।

पूर्व पीएम इमरान खान से बगावत

25 अक्टूबर 2028 को आसिम मुनीर इंटर-सर्विस इंटेलिजेंस (ISI) के डायरेक्टर जनरल पद पर नियुक्त हुए। हालांकि, 8 महीने बाद ही उन्हें इस पद से हटना पड़ा। इसके पीछे की मुख्य वजह थी तत्कालीन प्रधानमंत्री इमरान खान के साथ झगड़ा। मुनीर ने इमरान खान की पत्नी बुशरा बीबी के भ्रष्टाचार के एक मामले को उजागर कर दिया था। इसलिए इमरान खान ने उन्हें इस पद से हटवा दिए थे।

इमरान को हटते आर्मी चीफ बने मुनीर

2022 की शुरुआत में पाकिस्तान में तख्तापलट की कवायद शुरू हो गई थी। 10 अप्रैल को अविश्वास प्रस्ताव लाकर इमरान खान को सत्ता से बेदखल कर दिया गया और मुस्लिम लीग के नेता शहबाज शरीफ अगले ही दिन प्रधानमंत्री बन गए। मुनीर और शहबाज के बीच अच्छे संबंध थे।

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री और राष्ट्रपित के साथ आसिम मुनीर

ऐसा कहा जाता है कि इमरान को पीएम पद से हटाने में मुनीर ने अहम भूमिका निभाई थी। इसके बदले में मुनीर को गिफ्ट मिला। 29 नवंबर को बाजवा को हटाकर मुनीर को नया आर्मी चीफ बना दिया गया।

आर्मी चीफ आसिम मुनीर की क्या है प्लानिंग?

आसिम मुनीर पाकिस्तान में खुद के लिए ऐसा माहौल बनाना चाहते हैं, जिसके लिए कोई बड़ा खतरा या गंभीर चुनौती पैदा न हो सके। सेंटर ऑफ पीस स्टडीज और ब्रिटेन के चैथम हाउस जैसे थिंक टैंक यह मानते हैं कि पाकिस्तान में सेना-सरकार वाला 'हाइब्रिड लोकतंत्र' वाला मॉडल समाप्त हुआ दिख रहा है। सत्ता मुनीर के नियंत्रण में है। अब वही पाकिस्तान के असली शासक है।

मुनीर के बढ़ते ताकत से भारत को क्या खतरा?

पाकिस्तान के मौजूदा आर्मी चीफ आसिम मुनीर का रुख अब तक पूरी तरह से भारत विरोधी रहा है। 22 अप्रैल 2025 को भारत के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के एक हफ्ते बाद ही मुनीर ने एक बयान में कहा कि हम हर मायने में हिंदुओं से अलग हैं। हमारा धर्म, रीति-रिवाज, विचार, संस्कृति यहां तक की महात्वकांक्षा सब अलग है। इसी वजह से दो देश की थ्योरी बनी। हम दो अलग देश हैं।

मुनीर के भाषण के बाद पहलगाम हमला

इससे पहले 15 अप्रैल 2025 को मुनीर ने कश्मीर को पाकिस्तान की 'जगलर वेन' यानी गले की नस बताया था और कहा था कि हम इसे कभी नहीं भूलेंगे। माना जाता है कि पाक आर्मी चीफ के इसी भाषण के बाद पहलगाम में हमला हुआ था। ऑपरेशन सिंदूर के बाद मुनीर ने कहा था कि पाकिस्तान एक न्यूक्लिर देश है।

अगर हम गिरेंगे तो आधी दुनिया को भी अपने साथ लेकर गिरेंगे। अगर भारत सिंधु नहीं पर डैम बनाने की कोशिश करता है, तो हम हर हालत में अपने पानी की रक्षा करेंगे।

आसिम मुनीर के बढ़ते ताकत से भारत को क्या खतरा?

भारत विरोधी एजेंडे पर आसिम मुनीर

5 फरवरी 2025 को मुनीर ने कहा था कि कश्मीर के लिए हम तीन युद्ध लड़ चुक हैं। जरूरत पड़ने पर हम और 10 युद्ध लड़ने के लिए तैयार हैं। वहीं, 7 अगस्त 2026 को पाकिस्तान, सऊदी और तुर्किये में एक सैन्य सौदा हुआ। इसके तहत किसी एक देश पर हमला, तीनों देशों पर हमला माना जाएगा।

पाकिस्तान को इस समझौते का पहला जनरल सेक्रेटरी जनरल बनाया गया है। ताकतें बढ़ने से आसिम मुनीर को अपने भारत विरोधी एजेंडे पर काम करना आसान हो जाएगा। भारत के लिए यही सबसे बड़ी चिंता का विषय हो सकता है।

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