नवभारत डेस्क: कनाडा के नए प्रधानमंत्री मार्क कार्ने ने कहा है कि उनकी सरकार भारत से मित्रता करने का हर संभव प्रयास करेगी क्योंकि विभिन्न मोर्चों पर कनाडा को भारत से भागीदारी की आवश्यकता है। उनका यह रवैया पूर्व प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रुडो से बिल्कुल विपरीत है जिन्होंने अकारण भारत से संबंध बिगाड़े थे और मनगढ़ंत आरोप लगाए थे। अब देखना है कि क्या कनाडा की नई सरकार खालिस्तान समर्थकों द्वारा की जानेवाली हिंसा और हिंदू मंदिरों पर हमले पर रोक लगाएगी?
ट्रूडो की पार्टी अपने वोट बैंक की राजनीति के लिए खालिस्तान समर्थकों का इस्तेमाल करती रही। ऐसे लोग उनके मंत्रिमंडल में भी शामिल थे। ट्रूडो ने खालिस्तानी नेता गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या के प्रयास व निज्जर हत्याकांड में भारत पर बेबुनियाद आरोप लगाए थे और 5 देशों के जासूसी संगठन ‘फाइव आईज’ से इसकी जांच करने को कहा था। भारत पर कोई आरोप साबित नहीं हो सका था। अपनी गलत नीतियों की वजह से ट्रूडो को पीएम पद से हाथ धोना पड़ा।
आशा है कि मार्क कार्ने मतभेद बढ़ानेवाले मुद्दों को त्याग कर भारत की ओर मित्रता व सहयोग का हाथ बढ़ाएंगे। कनाडा के नए प्रधानमंत्री के सामने अनेक चुनौतियां हैं। भारत से द्विपक्षीय रिश्ते सुधारने के अलावा उन्हें अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के आक्रामक रवैये से भी जूझना है। ट्रंप ने कनाडा को अमेरिका का 51वां राज्य बनाने की शरारतपूर्ण बात कही है और कहा है कनाडा से आनेवाले इस्पात व अल्यूमीनियम पर अमेरिका 50 प्रतिशत टैरिफ लगाएगा। इससे बचना है तो कनाडा उसका राज्य बन जाए। वहां के प्रधानमंत्री को गवर्नर घोषित कर दिया जाएगा।
यह कनाडा की संप्रभुता व अस्तित्व को दी जानेवाली धमकी है। प्रधानमंत्री मार्क कार्ने एक सफल बैंकर रहे हैं तथा उदारवादी नेता हैं। अमेरिकी प्रशासन का व्यवहार अहंकारवादी हो उठा है। दक्षिण में मेक्सिको और उत्तर में कनाडा को अमेरिका ने अपने निशाने पर ले रखा है। कनाडा राष्ट्रमंडल (कॉमनवेल्थ) का सदस्य है। वह चाहेगा कि ब्रिटेन, फ्रांस व जर्मनी जैसे यूरोपीय देश उसकी मदद करें और अपनी-अपनी मुद्रा में साझा व्यापार को बढ़ाएं। अमेरिका सारा व्यापार सिर्फ डॉलर में करने पर जोर दे रहा है। उसकी भारी टैरिफ लगाने की धमकी कनाडा के विदेश व्यापार के लिए बड़ी मुश्किल पैदा कर देगी। ट्रंप अपनी कूटनीति से दुनिया को झुकाना चाहते हैं।
ट्रंप के सामने उनके गैर सरकारी सलाहकार एलन मस्क ने पोलैंड के विदेशमंत्री को बुरी तरह फटकार दिया। यूरोपीय देशों को इस तरह का रवैया अपमानजनक लग रहा है। ट्रंप का आरोप है कि सारी दुनिया के देशों ने अमेरिका की उदारता व अच्छाई का गलत फायदा उठाया। इससे अमेरिका घाटे में रहा। अब वह सख्त रुख अपनाकर इसका बदला लेगा।
अमेरिका को फिर से महान बनाने का नारा देकर ट्रंप जिस तरह की नीति अपना रहे हैं उससे अमेरिका में भी महंगाई बढ़ेगी। कनाडा के ओंटारियो प्रांत के गवर्नर डगलस फोर्ड ने कहा कि इससे उनका देश मंदी की चपेट में आ जाएगा। ट्रंप की इन नीतियों से अमेरिकी शेयर मार्केट में भी तबाही देखी गई।
लेख- चंद्रमोहन द्विवेदी द्वारा