Brij Bhushan Acquittal Verdict: दिल्ली की जिला अदालत ने ब्रजभूषण शरण सिंह को नि सबूतों के अभाव में महिला पहलवानों के विनयभंग, यौन शोषण व पीछा करने जैसे आरोपों से बरी कर दिया, जिसके बाद देश को 15 अंतरराष्ट्रीय पदक दिलाने वाली विनेश फोगाट ने कहा कि हमने उम्मीद नहीं छोड़ी है और न्याय के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।
ब्रजभूषण शरण सिंह भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष व कैसरगंज से बीजेपी सांसद थे। महिला पहलवानों ने 23 अप्रैल से 28 मई 2023 तक 36 दिन दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना देकर इंसाफ की मांग की थी, जो उन्हें अब तक नहीं मिल पाया है।
देश का गौरव बढ़ाने वाली इन महिला ने पहलवानों फुटपाथ पर सोकर धरना दिया था। जब उन्होंने संसद की ओर मोर्चा निकाला तो पुलिस ने उन्हें बेरहमी से घसीटा था। इस अन्याय से व्यथित होकर वह हरिद्वार में अपने मेडल गंगा में विसर्जित करने गई थीं, तब उन्हें ऐसा करने से रोक लिया गया था।
ब्रजभूषण शरण सिंह के खिलाफ आरोपों की जांच करने के लिए सरकार ने एक ओवरसाइट समिति की नियुक्ति की थी, जिसके निष्कर्ष जारी नहीं किए गए और पोक्सो एक्ट में की गई शिकायत को भी वापस लेना पड़ा।
इसे देखते हुए पता चला कि शक्तिशाली लोगों के खिलाफ शिकायत को आगे बढ़ाना कितना कठिन होता है। बड़ी मुश्किल से कुश्ती महासंघ पद से ब्रजभूषण के हटने के बाद उनके ही एक समर्थक को यह पद सौंप दिया गया था।
6 बार सांसद रहे ब्रजभूषण शरण सिंह का अवध और पूर्वांचल में दबदबा है। वे बाहुबली माने जाते हैं और उनके इशारे पर कुछ क्षेत्रों में मतदान होता है। बीजेपी के लिए उनका काफी महत्व है। अदालत से बरी होने के बाद उनका जोरदार स्वागत किया गया। कुछ माह बाद होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में समीकरण बदलने की चर्चा शुरू हो गई है।
यद्यपि 2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने ब्रजभूषण शरण सिंह को उम्मीदवारी नहीं दी थी और उनके बेटे को प्रत्याशी बनाकर जिताया था, लेकिन अब पार्टी फिर उन्हें राजनीति में अवसर दे सकती है। अवध व पूर्वांचल में विधानसभा की 170 सीटें हैं, जहां ब्रजभूषण प्रभाव डाल सकते हैं।
लोकसभा चुनाव में कांग्रेस व सपा ने ब्रजभूषण के खिलाफ आरोपों को मुद्दा बनाया था, लेकिन अदालत के फैसले के बाद फिलहाल यह मुद्दा कमजोर पड़ गया है। ब्रजभूषण के खिलाफ 6 महिला पहलवानों ने आरोप लगाए थे। पहलवान बजरंग पुनिया ने भी उनका साथ दिया था।बदनामी की परवाह न करते हुए इन महिला पहलवानों ने ब्रजभूषण शरण सिंह का असली चेहरा बेनकाब करने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ी थी। उनका यह संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।
लेख- चंद्रमोहन द्विवेदी के द्वारा