BJP National Team Reshuffle 2026: भाजपा ने जो राष्ट्रीय पदाधिकारियों की टीम घोषित की है, उसमें 6 सदस्य 40 वर्ष से कम उम्र के हैं, 15 सदस्य 40 से 49 साल की उम्र के हैं और 21 सदस्य 50 से 59 साल की आयु के हैं। टीम में 12 महिलाएं, 6 अल्पसंख्यक समुदायों से आने वाले सदस्य भी हैं।
पार्टी का यह पुनर्गठन 2026 से 2029 के बीच होने वाली विधानसभा चुनाव और फिर अगले लोकसभा चुनाव की तैयारियों को ध्यान में रखकर किया गया है। उत्तर प्रदेश में 2027 में विधानसभा चुनाव होना है। इसलिए नई राष्ट्रीय टीम में 8 सदस्य उत्तर प्रदेश से शामिल किए गए हैं। सांसद रेखा वर्मा को महिला वर्ग से तथा तारिक मंसूर को अल्पसंख्यक वर्ग से भाजपा की इस नई कार्यकारिणी में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पद दिए गए हैं।
जाहिर है इन दोनों के बनाए जाने का लक्ष्य महिलाओं और अल्पसंख्यकों के मतों को आकर्षित करना है। उत्तर प्रदेश से कई अन्य नेताओं को भी इस कार्यकारिणी में जगह मिली है, जिसमें एक और चर्चित नाम स्मृति ईरानी का है, जिन्हें राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया है। जबकि दूसरे राष्ट्रीय महासचिव जो उत्तर प्रदेश से आएंगे वो हरीश द्विवेदी हैं।
इसके अलावा डॉ. भोला सिंह को राष्ट्रीय सचिव, अमरपाल मौर्य को ओबीसी मोर्चा का अध्यक्ष, कुंवर बासित अली को अल्पसंख्यक मोर्चा का अध्यक्ष तथा संगीता यादव को भी राष्ट्रीय सचिव बनाया गया है। इस नई टीम में सबसे ज्यादा सदस्य दिल्ली से लिए गए हैं, जो कि 10 हैं।
दूसरे नंबर पर 8 सदस्य उत्तर प्रदेश है, तीसरे नंबर पर 6 सदस्यों के साथ मध्य प्रदेश, चौथे नंबर पर 5 सदस्यों के साथ महाराष्ट्र, पांचवे नंबर 4-4 सदस्यों के साथ राजस्थान, गुजरात और उत्तराखंड है। भाजपा ने अपनी नई कार्यकारिणी में 12 महिलाओं को जगह दी। जिन 13 राष्ट्रीय उपाध्यक्षों में 5 को रिपीट किया गया है, उनमें वसुंधरा राजे सिंधिया, बैजयंत पांडा, रेखा वर्मा, लालसिंह आर्य और तारिक मंसूर को ही रिपीट किया गया है।
इसी तरह राष्ट्रीय महासचिव पद में भी जो 8 सदस्य हैं, उनमें सिर्फ विनोद तावड़े और सुनील बंसल को ही रिपीट किया गया है। इसी तरह 16 राष्ट्रीय सचिवों में सिर्फ तीनों पदों में जिन्हें रिपीट किया गया है, वे बी.एल. संतोष, शिव प्रकाश तथा सौदान सिंह हैं। कोषाध्यक्ष 2 बनाए गए हैं और दोनों ही नए हैं। एक है पीयूष गोयल और दूसरे हैं राजेश मंगल। मीडिया प्रभारी पद के 4 सदस्यों में से एक अनिल बलूनी को रिपीट किया गया है। विनोद तावड़े को उत्तर प्रदेश का राष्ट्रीय प्रभारी महासचिव बनाया गया है।
महासचिव बनाई गई स्मृति ईरानी की राजनीतिक पहचान राष्ट्रीय स्तर की है और अमेठी से उनका पुराना संबंध भी उत्तर प्रदेश राजनीति में उन्हें विशिष्ट बनाता है। ऐसे में उनकी जिम्मदारी सीधे 2027 के विधानसभा चुनावों की संगठनात्मक तैयारी से जुड़ती है। राष्ट्रीय संगठन के बड़े और प्रभावी चेहरे भी आगामी चुनावों में सक्रिय रणनीतिक भूमिका निभाते दिखेंगे। भाजपा के सामने बड़ी चुनौती यह है कि वह अपने पारंपरिक सामाजिक आधार को बनाए रखते हुए गैर-यादव, पिछड़ों, दलितों और मुस्लिम समुदाय के कुछ हिस्सों तक अपनी पहुंच बनाएं।
भाजपा ने पहली बार पसमांदा मुसलमानों तक अपनी पकड़ बनाने के लिए स्पष्ट रणनीति जारी कर दी है। इसलिए प्रोफेसर तारिक मंसूर को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाए रखा गया है और पश्चिम उत्तर प्रदेश के कुंवर बासित अली को भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया है। तारिक मंसूर अलीगढ़ विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति हैं।
किसी राजनीतिक दल की नई कार्यकारिणी सिर्फ पदों और चेहरों की सूचीभर नहीं होती, यह उसके भविष्य की राजनीति का भी नक्शा लिए होती है। भाजपा की 65 सदस्यीय कार्यकारिणी में 51 नए चेहरे हैं, इसलिए यह सिर्फ संगठनात्मक बदलाव नहीं है, यह देश की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी की अगली पीढ़ी तैयार करने की मजबूत रूपरेखा है।
पिछले डेढ़ दशक में नरेंद्र मोदी और अमित शाह की जोड़ी ने शक्तिशाली चुनावी मशीनरी खड़ी की है, अब उसके लिए अगले चुनाव जिताने वाली मशीनरी के भी नवीनीकरण की जिम्मेदारी है।
-लेख विजय कपूर के द्वारा