घर पर ऐसे करें भगवान शिव की पूजा (सौ.सोशल मीडिया) 
धर्म

Mahashivratri 2025: घर पर किस धातु की शिवलिंग करना चाहिए स्थापित, जानिए पूजा के सही नियम

महाशिवरात्रि पर भगवान शिव की आराधना कुंवारी कन्याओं और युवक भी मनोकामना पूर्ति के लिए रखते है तो वहीं पर दांपत्य जीवन जी रहे लोग सौभाग्य में वृद्धि के लिए इस व्रत को करते हैं।

दीपिका पाल

Mahashivratri 2025: महाशिवरात्रि आने में जहां पर कुछ दिन शेष रह गए है वहीं पर इसके लिए शिवभक्तों ने खास तैयारयां शुरु कर दी है। हिंदू धर्म में इस महाशिवरात्रि का खास महत्व होता है जो फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर मनाया जाता है। महाशिवरात्रि पर भगवान शिव की आराधना कुंवारी कन्याओं और युवक भी मनोकामना पूर्ति के लिए रखते है तो वहीं पर दांपत्य जीवन जी रहे लोग सौभाग्य में वृद्धि के लिए इस व्रत को करते हैं।

अगर किसी कारण वश आप मंदिर में पूजा नहीं कर पा रहे है तो घर में भी शिवलिंग स्थापित करके भगवान शिव की पूजा भक्तिभाव से कर सकते है। चलिए जानते है पूजा के सभी नियम के बारे में

महाशिवरात्रि को लेकर ये कथाएं है प्रचलित

आपको बताते चलें कि, महाशिवरात्रि क्यों मनाई जाती है या इसके पीछे कौन सी पौराणिक कथाएं प्रचलित है चलिए जानते है इसके बारे में। दरअसल महाशिवरात्रि की शुभ तिथि पर भगवान शिव ने वैराग्य छोड़कर माता पार्वती का हाथ थामा था वहीं पर यह भी कहा जाता है कि, महाशिवरात्रि के दिन ही , भगवान विष्णु और ब्रह्मा जी का विवाद शांत करने के लिए महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव शिवलिंग के रूप में प्रकट हुए थे। बता दें कि, 26 फरवरी को सुबह 11 बजकर 8 मिनट पर शुरू होगी. वहीं 27 फरवरी को सुबह 8 बजकर 54 मिनट प इस तिथि का समापन होगा. ऐसे में महाशिवरात्रि 26 फरवरी को मनाई जाएगी. इस दिन इसका व्रत रखा जाएगा।

घर में कैसा और किस धातु का शिवलिंग करें स्थापित

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मंदिर की तरह घर में शिवलिंग स्थापित कर रहे है तो इस बात का ध्यान रखें कि, इसका आकार ज्यादा बड़ा ना हो घर में छोटा शिवलिंग रखना ही शुभ होता है घर में हाथ के अंगूठे के पहले भाग से बड़े शिवलिंग की स्थापना नहीं की जानी चाहिए. शिवलिंग के साथ भगवान विघ्नहर्ता गणेश, माता पार्वती, भगवान शिव के बड़े पुत्र भगवान कार्तिकेय और नंदी की भी छोटी मूर्ति रखनी चाहिए।

यहां पर शिवलिंग का चयन करने के अलावा आप धातु को लेकर भी ध्यान दें इसके लिए सोना, चांदी, पीतल का या मिट्टी-पत्थर का शिवलिंग बहुत शुभ माना गया है, स्फटिक और पारद का शिवलिंग भी स्थापित किया जा सकता है। एल्युमीनियम, स्टील या लोहे का शिवलिंग नहीं स्थापित करना चाहिए. हिंदू धर्म शास्त्रों में एल्युमीनियम, स्टील या लोहे के शिवलिंग के पूजन की भी मनाही है इसका ख्याल रखना चाहिए।

इस विधि से घर में करें भगवान शिव की पूजा

सुबह जल्दी उठकर स्नान करना चाहिए. फिर साफ वस्त्र पहनने चाहिए. इसके बाद व्रत का संकल्प लेना चाहिए. मंदिर नहीं जा पा रहे हैं, तो घर पर ही शिवलिंग स्थापित करना चाहिए. शिवलिंग का पंचामृत से अभिषेक करना चाहिए. पंचामृत के बाद गंगाजल या शुद्ध जल से शिवलिंग का अभिषेक करना चाहिए. शिवलिंग पर बेलपत्र गंधित फूल, धतूरा और भांग अर्पित करनी चाहिए. शिवलिंग पर चंदन का लेप लगाना और अक्षत चढ़ाना चाहिए. शिवलिंग के सामने धूपबत्ती और दीपक जलाना चाहिए. फल और मिठाई का भोग लगाना चाहिए. ॐ नमः शिवाय मंत्र का जाप करना चाहिए. अंत में भगवान शिव की आरती करनी चाहिए.

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