महाशिवरात्रि पर ऐसे करें व्रत का पारण (सौ.सोशल मीडिया)
Mahashivratri Vrat Paran: महाशिवरात्रि का व्रत आज रखा जा रहा है इस मौके पर भगवान शिव की आराधना की जाती है। आज के दिन ही भगवान शिव और देवी पार्वती का दिव्य विवाह उत्सव मनाया गया था। कहते हैं कि, महाशिवरात्रि के दिन व्रत रखने के साथ ही व्रत के पारण का नियम भी होता है। कहते हैं कि, महाशिवरात्रि, शिव और शक्ति के मिलन का प्रतीक है जो भक्तों की सभी मनोकामना की पूर्ति करता है। इस दिन भक्त उपवास रखते हैं और भगवान शिव की पूजा करते हैं। महाशिवरात्रि का व्रत रखने से भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं और उन्हें सुख-शांति मिलती है।
किस विधि से करें महाशिवरात्रि के व्रत का पारण
यहां पर महाशिवरात्रि के दिन व्रत रखने के बाद दूसरे दिन व्रत का पारण किया जाता है आप 27 फरवरी को सुबह 06 बजकर 48 मिनट से सुबह 08 बजकर 54 मिनट तक व्रत का उद्यापन कर सकते है। यहां पर महाशिवरात्रि व्रत का पारण करने के दौरान इस विधि का पालन आप करते है तो भगवान की कृपा आप बनी रहती है।
- महाशिवरात्रि के दिन की शुरुआत जल्दी उठकर और भगवान शिव की मूर्ति या शिवलिंग का पंचामृत से अभिषेक करके करें।
- इस दौरान, "ऊं नमो नमः शिवाय" मंत्र का जाप करते रहें। शाम को, फल खाकर अपना व्रत तोड़ें। हालांकि, जो लोग रात के चारों पहर में शिव जी की पूजा करते हैं, वे अगले दिन व्रत का पारण करते हैं।
- महाशिवरात्रि के अगले दिन, सुबह उठकर स्नान करें और फिर विधिपूर्वक शिव जी की पूजा करें और गंगाजल से अभिषेक करें।
- ध्यान रखें कि शिवरात्रि व्रत के पारण के दौरान केवल सात्विक भोजन ही करें। पारण में मूली, बैंगन आदि खाने से बचें। इस दिन ब्राह्मणों को दान-दक्षिणा भी दें। ऐसा करने से आपको महाशिवरात्रि व्रत का पूरा फल मिलता है।
व्रत के पारण के दौरान याद रखें ये बातें
महाशिवरात्रि व्रत के दौरान आप कई बातों का ख्याल रख सकते है जो जरूरी होता है। जो भक्त पूरे दिन उपवास करते हैं और रात्रि में शिव जी की विशेष पूजा-अर्चना करते हैं। वे अपने व्रत का उद्यापन अगले दिन सूर्योदय के बाद करते है। इस दौरान आपको भूलकर भी ये कुछ कार्य नहीं करना चाहिए।
- पारण के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
- भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा करें, उन्हें जल, बेलपत्र, फल और मिठाई अर्पित करें।
- महाशिवरात्रि का व्रत रात्रि के चार प्रहरों की पूजा के बाद अगले दिन सूर्योदय के बाद ही खोलना चाहिए।
- जिन्होंने एक समय का उपवास रखा है, वे प्रदोष काल में पूजा के बाद अन्न ग्रहण कर सकते हैं।
- पारण में सात्विक भोजन ही ग्रहण करें। तामसिक भोजन जैसे प्याज, लहसुन, मांस, मछली आदि का सेवन न करें।
- पारण से पहले ब्राह्मणों को दान-दक्षिणा दें। इससे भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है और व्रत का पूर्ण फल मिलता है।
महाशिवरात्रि की खबरें जानने के लिए क्लिक करें-
- शिवरात्रि का व्रत पूजा में चढ़ाए गए फलों से ही करना चाहिए।
- व्रत में आप साबूदाना खिचड़ी, सिंघाड़े का हलवा, कुट्टू के आटे की पूड़ी, सामा के चावल, आलू का हलवा खा सकते हैं।