सावन सोमवार (सौ. सोशल मीडिया) 
धर्म

शिवलिंग पर सबसे पहले जल या बेलपत्र में से क्या करना चाहिए अर्पित, जानिए

सावन माह के पवित्र सोमवार में भगवान शिव की आराधना के दौरान जलाभिषेक और रूद्राभिषेक का महत्व होता है वहीं पर कई चीजें ऐसी होती है जिसे अर्पित करना चाहिए। सावन में कई नियमों का पालन करना जरूरी है।

दीपिका पाल

हिंदू धर्म में व्रत और त्योहारों का महत्व होता है जहां पर हर भक्त किसी ना किसी व्रत को भक्ति के साथ करते है। सावन माह की शुरूआत आगामी 11 जुलाई से होने वाली है। सावन माह को सबसे पवित्र महीने में से एक माना जाता है इस महीने में भगवान शिव की आराधना करने का महत्व होता है।

सावन माह के पवित्र सोमवार में भगवान शिव की आराधना के दौरान जलाभिषेक और रूद्राभिषेक का महत्व होता है वहीं पर कई चीजें ऐसी होती है जिसे अर्पित करना चाहिए। सावन के महीने में कई नियमों का पालन करना जरूरी होता है। जलिए जानते है...

इन चीजों के बिना शिवजी की पूजा होती हैं अधूरी

आपको बताते चलें, सावन के महीने में शिवजी की पूजा करने के दौरान कई चीजों को अर्पित करने के नियम होते है। शिवलिंग पर आमतौर पर जल, बेलपत्र, दूध, दही, भांग-धतूरा, फूल और फल आदि कई तरह की वस्तुएं अर्पित की जाती हैं। अगर कई चीजें अर्पित ना कर पाएं तो जल और बेलपत्र भी अर्पित करने का महत्व होता है। यहां पर यह जानना भी जरूरी है कि शिवलिंग पर सबसे पहले जल या बेलपत्र क्या चढ़ाना चाहिए। इस नियम को लेकर ज्योतिषाचार्य ने जानकारी दी है।

जानिए क्या कहते हैं ज्योतिषाचार्य

इस नियम की स्पष्ट जानकारी देते हुए ज्योतिषाचार्य अनीष व्यास जी ने बताया कि, शिवलिंग की पूजा करने के दौरान जलाभिषेक करना बेहद जरूरी होता है। यहां पर शिवलिंग पूजन के दौरान सबसे पहले जल चढ़ाने का नियम होता है जो पवित्र जल आप गंगा, यमुना जैसी पवित्र नदियों से लेकर आप शिवलिंग पर चढ़ा सकते है। यहां पर कहते हैं कि, सच्चे मन से यदि एक लोटा शुद्ध जल भी चढ़ाया जाए तो भोले-भंडारी प्रसन्न हो जाते हैं। शिवलिंग पर जल अर्पित करने के बाद ही आपको बेलपत्र चढ़ाना चाहिए,इसके बाद आप अन्य पूजन सामग्रियां जैसे दूध, पुष्प, फल आदि चढ़ा सकते हैं।

कितनी बेलपत्र करनी चाहिए अर्पित

आपको बताते चलें, आपको शिवलिंग पर बेलपत्र नियम के अनुसार अर्पित करना चाहिए। आप 3, 5, 7, 9, 11 या इससे अधिक संख्या में शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ा सकते हैं, बेलपत्र चढ़ाते समय ऊं नम: शिवाय मंत्र का उच्चारण अवश्य करें। इस दौरान ध्यान रखने योग्य बात यह है कि,बेलपत्र खराब,खंडित या छिद्रयुक्त न हो. साथ ही पूजा करते समय अपना मुख पूर्व दिशा की ओर रखें। इस तरह नियमपूर्वक शिवजी की पूजा करनी चाहिए।

आज की ताजा खबर 14 अगस्त LIVE: चमोली लैंडस्लाइड हादसे में मृतकों की संख्या हुई 7; नासिक में सुबह-सुबह आया भूकंप

PM मोदी की नींद उड़ी- राहुल गांधी का तंज, चीन, विदेश नीति और युवाओं के मुद्दे पर केंद्र को घेरा

उत्तराखंड टनल हादसा: चमोली हादसे में मृतकों की संख्या हुई 7, 1 मजदूर अभी भी लापता, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

चमोली टनल हादसे में 3 की मौत, 16 मजदूर सुरक्षित बाहर; युद्धस्तर पर चल रहा रेस्क्यू ऑपरेशन

Explainer: बिना चर्चा के 9 बिल पास, 380 सवालों में से सिर्फ 2 के ही मिले जवाब; आंकड़ों में मानसून सत्र का हाल