Ghatotkach (Source. Pinterest) 
धर्म

महाभारत का वो योद्धा जिसे मिला कम सम्मान, नाम जानकर चौंक जाएंगे

Mahabharat Warrior: महाभारत के युद्ध में अर्जुन, भीम और कर्ण जैसे महारथियों की वीरता के किस्से हर जगह सुनने को मिलते हैं, लेकिन कुछ ऐसे योद्धा भी थे जिनका पराक्रम अद्भुत होने के बावजूद ज्यादा नहीं हुआ

सिमरन सिंह

Mahabharat Ghatotkach Story: महाभारत के युद्ध में अर्जुन, भीम और कर्ण जैसे महारथियों की वीरता के किस्से हर जगह सुनने को मिलते हैं, लेकिन कुछ ऐसे योद्धा भी थे जिनका पराक्रम अद्भुत होने के बावजूद उन्हें उतनी पहचान नहीं मिली। अगर सबसे कम आंके गए योद्धा की बात करें, तो घटोत्कच का नाम सबसे पहले आता है।

सिर्फ भीम का पुत्र नहीं, एक महान योद्धा

घटोत्कच को अक्सर सिर्फ भीम के राक्षस पुत्र के रूप में देखा जाता है, लेकिन उनकी युद्ध-कला और रणनीति उन्हें खास बनाती है। वे ऐसे योद्धा थे जिन्होंने अकेले ही कौरवों की विशाल सेना को हिला कर रख दिया था।

अलौकिक शक्तियां और माया युद्ध में महारत

घटोत्कच माया युद्ध के अद्वितीय ज्ञाता थे। खासकर रात के समय उनकी शक्ति कई गुना बढ़ जाती थी। उन्होंने जो युद्ध-कला सीखी थी, उसने उन्हें कई बड़े महारथियों से भी आगे खड़ा कर दिया।

अकेले बने कौरव सेना के लिए संकट

जब युद्ध के दौरान अर्जुन मौजूद नहीं थे और द्रोणाचार्य ने पद्मव्यूह रचा, तब घटोत्कच ने मोर्चा संभाला। उस रात उन्होंने अकेले ही कौरव सेना को भारी नुकसान पहुंचाया और महाभारत के युद्ध में कई शक्तिशाली योद्धाओं को परास्त किया।

कर्ण का सबसे घातक अस्त्र खत्म कराया

घटोत्कच का सबसे बड़ा योगदान वह था जिसे अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है। कर्ण के पास इंद्र द्वारा दिया गया वासवी शक्ति अस्त्र था, जिसे वह अर्जुन के लिए बचाकर रखे हुए था। लेकिन घटोत्कच ने ऐसा भयानक रूप धारण किया कि कर्ण को मजबूर होकर वह अस्त्र उन्हीं पर चलाना पड़ा। "घटोत्कच ने मरते समय कहा कि उसका यह बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा।" और वास्तव में, उस अस्त्र के खत्म होते ही कर्ण अर्जुन के सामने कमजोर पड़ गया।

रणनीति में भी थे माहिर

घटोत्कच सिर्फ बलशाली ही नहीं, बल्कि बुद्धिमान भी थे। जब अभिमन्यु पद्मव्यूह में फंस गया था, तब उन्होंने पीछे से हमला कर व्यूह को तोड़ने की कोशिश की। इससे साबित होता है कि वे एक जिम्मेदार सेनानायक भी थे।

महाभारत में अन्य कम आंके गए योद्धा

घटोत्कच के अलावा भी कुछ योद्धा ऐसे हैं जिन्हें कम आंका गया:

  • शिखंडी: जिनके सामने भीष्म ने शस्त्र त्याग दिए
  • युयुत्सु: जिन्होंने अधर्म का साथ छोड़कर पांडवों का साथ दिया
  • सात्यकि: जिन्होंने अकेले ही कौरव सेना में घुसकर वीरता दिखाई

असली हीरो जो छुप गया

घटोत्कच न सिर्फ एक महान योद्धा थे, बल्कि उन्होंने अपने बलिदान से पांडवों की जीत का रास्ता भी साफ किया। बिना किसी लालच के उन्होंने धर्म और अपने कर्तव्य के लिए प्राण त्याग दिए। यह कहानी हमें सिखाती है कि असली हीरो हमेशा चर्चा में नहीं होते, लेकिन उनका योगदान सबसे बड़ा होता है।

आज की ताजा खबर 21 अगस्त LIVE: एक क्लिक में पढ़ें दिनभर की सारी बड़ी खबरें

जंतर-मंतर पर आरक्षण के खिलाफ प्रदर्शन पर पुलिस का एक्शन, RAF ने प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा, कई हिरासत में

RSS-ISI सीक्रेट मीटिंग! आंबेडकर ने PM मोदी और भागवत से पूछे सवाल, कोलंबो बैठक के 4 मुद्दों के खुलासे की मांग

असम बाढ़ पर CM हिमंता की वित्त मंत्री से अहम मुलाकात, निर्मला सीतारमण ने दिया केंद्र के सहयोग का भरोसा

Japan Delegation Varanasi: 109 सदस्यीय जापानी प्रतिनिधिमंडल पहुंचा काशी, निवेश और संस्कृति को मिलेगी नई उड़ान