Buri Nazar Ke Upay: कई बार ऐसा होता है कि सब कुछ ठीक चल रहा होता है, लेकिन अचानक घर में परेशानियां बढ़ने लगती हैं। आमदनी होने के बावजूद पैसा नहीं टिकता, काम बनते-बनते रुक जाते हैं, तरक्की की रफ्तार धीमी पड़ जाती है और परिवार में छोटी-छोटी बातों पर तनाव या झगड़े होने लगते हैं। वास्तु शास्त्र में ऐसी परिस्थितियों को कई बार नकारात्मक ऊर्जा या नजर दोष से भी जोड़ा जाता है।
मान्यता है कि कुछ सरल और पारंपरिक उपाय अपनाकर घर के वातावरण को सकारात्मक बनाया जा सकता है। आइए जानते हैं ऐसे ही कुछ आसान वास्तु उपाय।
वास्तु मान्यताओं के अनुसार घर में सकारात्मक और नकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश सबसे पहले मुख्य द्वार से ही होता है। इसलिए प्रवेश द्वार की नियमित सफाई करना बेहद जरूरी माना जाता है। सप्ताह में कम से कम दो बार, विशेष रूप से मंगलवार और शनिवार को, पोंछा लगाते समय पानी में थोड़ा सा सेंधा नमक या समुद्री नमक मिलाकर सफाई करने की परंपरा है। मान्यता है कि इससे घर का वातावरण अधिक शांत और सकारात्मक महसूस होता है।
वास्तु और पारंपरिक मान्यताओं में सेंधा नमक तथा फिटकरी को वातावरण की नकारात्मकता कम करने वाला माना गया है। घर की सफाई के दौरान नमक मिले पानी का उपयोग करने के अलावा, बाथरूम के किसी कोने में कांच की कटोरी में फिटकरी रखने की भी मान्यता है। ऐसा करने से घर का वातावरण संतुलित बना रहता है और नजर दोष का प्रभाव कम होने की बात कही जाती है।
लोक मान्यताओं के अनुसार मुख्य दरवाजे की चौखट या हैंडल पर काला धागा बांधना नजर दोष से बचाव का एक आसान उपाय माना जाता है। इसके साथ ही, घर के ड्राइंग रूम या प्रवेश द्वार के आसपास तीन मोर पंख लगाने की भी परंपरा है। माना जाता है कि इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार बढ़ता है और मानसिक शांति बनी रहती है।
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शनिवार या मंगलवार को मुख्य द्वार पर एक नींबू और सात हरी मिर्च लटकाने की परंपरा वर्षों से चली आ रही है। धार्मिक मान्यता है कि यह उपाय नकारात्मक ऊर्जा को अपने भीतर समाहित कर लेता है। इसलिए इसे हर सप्ताह बदलने की सलाह दी जाती है ताकि इसकी प्रभावशीलता बनी रहे।
वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में टूटे-फूटे सामान, बेकार कबाड़ या बंद पड़ी घड़ियां लंबे समय तक नहीं रखनी चाहिए, क्योंकि इन्हें नकारात्मकता का कारण माना जाता है।
इसके अलावा घर की नियमित साफ-सफाई करें और शाम के समय पूरे घर को अंधेरे में रखने के बजाय कम से कम एक दीपक या हल्की रोशनी अवश्य जलाएं। मान्यता है कि इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है और सुख-समृद्धि का वातावरण कायम रहता है।