Tulsi Rules: हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे को बेहद पवित्र माना गया है। इसे भगवान विष्णु के लिए प्रिय माना जाता है और कई घरों में रोजाना तुलसी की पूजा की जाती है। तुलसी से जुड़ी कुछ धार्मिक मान्यताएं और नियम भी बताए गए हैं, जिनका पालन करने से घर की में शुद्धता बनी रहती है। अगर आपके घर में भी तुलसी का पौधा है, तो इन 3 बातों का खास ध्यान रखें।
तुलसी के पत्ते जरूरत के अनुसार ही तोड़ने चाहिए। बिना वजह बार-बार तुलसी के पत्ते तोड़ना उचित नहीं माना जाता। पूजा के लिए तुलसी दल चाहिए तो उतने ही पत्ते लें, जितने की जरूरत हो। पत्ते तोड़ते समय पौधे को नुकसान न पहुंचाने का ध्यान रखें।
तुलसी के पत्ते कुछ खास समय पर नहीं तोड़ने चाहिए। रात के समय तुलसी के पौधे को नहीं छूना चाहिए। साथ ही रात के समय तुलसी दल को नहीं तोड़ना चाहिए। इसी तरह रविवार, एकादशी और कुछ विशेष तिथियों पर भी तुलसी को छूने या तोड़ने की मनाही है। पूजा के लिए जरूरत हो तो पहले से तुलसी दल रख लेना बेहतर माना जाता है।
तुलसी का भगवान विष्णु से विशेष संबंध है। विष्णु पूजा, शालिग्राम पूजा और उनके विभिन्न स्वरूपों की पूजा में तुलसी दल अर्पित करने की परंपरा है। तुलसी दल के बिना भगवान विष्णु की पूजा अधूरी मानी जाती है। मान्यता है कि श्रद्धा के साथ तुलसी अर्पित करने से भगवान विष्णु की कृपा बरसती है। तुलसी दल हमेशा साफ और स्वच्छ अवस्था में ही पूजा में इस्तेमाल करें।
तुलसी को घर में रखने के साथ उसके आसपास साफ-सफाई रखना भी जरूरी है। पौधे के पास कूड़ा, गंदा पानी या अनावश्यक सामान नहीं रखना चाहिए। सुबह तुलसी में जल चढ़ाने और दीपक जलाकर पूजा करने से घर में सुख-शांति और बरकत बनी रहती है।