Evening Arghya To Sun: भगवान सूर्य को धरती का एक मात्र साक्षात देवता माना गया है। उनकी पूजा शास्त्रों में बेहद शुभ और कल्याणकारी मानी गई है। वैसे तो रविवार का दिन सूर्य देव की उपासना के लिए समर्पित है लेकिन अगर हर दिन सूर्य देव की पूजा विधि-विधान के साथ की जाए तो सूर्य देव की कृपा जीवन पर बनी रहती है।
धर्म ग्रथों में सूर्य देव की पूजा के लिए सूर्योदय के समय को सबसे शुभ बताया गया है लेकिन क्या आप जानते हैं कि शाम के समय सूर्य पूजा का भी विशेष महत्व होता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सूर्य देव को जल चढ़ाने से व्यक्ति को यश-पुण्य, सुख-सौभाग्य के साथ ही सम्मान की प्राप्ति होती है। वहीं, शास्त्रों के अनुसार, शाम के समय यानी संध्यावंदन या प्रदोष काल में सूर्य देव की पूजा करने से मानसिक शांति मिलती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। शरीर के रोग दोष दूर होते है। इसके अलावा, सुबह और शाम के समय जो भी व्यक्ति पूजा करता है उसके ऊपर से भारी से भरी कर्ज भी ऊतर सकता है।
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शास्त्रों में बताया गया है कि, शाम को सूर्य पूजा और अर्घ्य देते समय इस बात का ध्यान रखें कि गिरता हुआ जल न तो आपके पैरों पर पड़े और न तो पैरो के नीचे आए ।
सूर्य देव को अर्घ्य देते समय इस बात का ध्यान रखें कि पूजा के बाद धूप या घी का दीपक जरूर जलाएं और सूर्य आरती करें।
घर के बाहर अर्घ्य दे रहे हैं तो इसका ध्यान रखें कि बचा जल पौधे में डालें या साफ जगह पर डालें न की नाली में डालें।