Singh Sankranti 2026 Date: ज्योतिषीय और धार्मिक दृष्टि से सिंह संक्रांति का बड़ा महत्व है। इस साल सावन महीने में पड़ने वाली सिंह संक्रांति 17 अगस्त को मनाया जा रहा है। इस दिन सूर्य देव अपनी स्वराशि सिंह में प्रवेश करते हैं। इसीलिए यह सिंह संक्रांति के नाम से जाना जाता हैं।
शास्त्रों में इस पवित्र तिथि का बड़ा महत्व बताया गया हैं। शास्त्रों के अनुसार, इस दिन दान-पुण्य, पवित्र नदियों में स्नान और सूर्य उपासना करने से शुभ फल प्राप्त होते हैं। इसके साथ ही सिंह संक्रांति के दिन कुछ आसान से उपाय करके आप कुंडली में सूर्य की स्थिति को मजबूत कर सकते हैं। ग्रहों के राजा सूर्य जब कुंडली में मजबूत होते हैं तो व्यक्ति को करियर-कारोबार और पारिवारिक जीवन में भी सुखद फल मिल सकते हैं। आइए ऐसे में जान लेते हैं सिंह संक्रांति के दिन किए जाने वाले उपायों के बारे में।
सिंह संक्रांति के दिन सूर्य देव को अर्घ्य देना न भूले। शास्त्रों में सिंह संक्रांति के सबसे आसान उपायों में से एक है सुबह उठकर सूर्य देव को जल का अर्घ्य देना। इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान-ध्यान कर इसके बाद तांबे के लोटे में शुद्ध जल लेकर सूर्य देव को अर्घ्य देना चाहिए। संभव हो तो जल में कुमकुम, रोली और अक्षत भी अवश्य मिलाएं। ये आसान सा उपाय आपके तेज को बढ़ाता है और आपको जीवन में सुखद फल प्राप्त हो सकते हैं।
सिंह संक्रांति के दिन सूर्य देव को अर्घ्य देने के अलावा, आपको सुबह के समय आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करने से भी शुभ फल मिल सकते हैं। सुबह के समय स्नान आदि के बाद आपको पूर्व दिशा की ओर मुख करके आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करना चाहिए। मान्यताओं के अनुसार इस स्तोत्र का पाठ करने से सूर्य ग्रह मजबूत होते हैं और जीवन के हर क्षेत्र में आपको सफलता प्राप्त हो सकती है।
सिंह संक्रांति के दिन आपको सूर्य से जुड़ी चीजों जैसे- गेंहू, गुड़, लाल या नारंगी रंग के वस्त्र आदि का दान करना चाहिए। इन चीजों के अलावा आप अन्न और जल का दान भी कर सकते हैं। सूर्य संक्रांति पर दान करने से सूर्य ग्रह के शुभ फल आपको प्राप्त हो सकते हैं। दान पुण्य करने से मानसिक सुकून मिलता है वहीं सूर्य देव के साथ ही पितरों का आशीर्वाद भी आपको मिलता है। इस उपाय के प्रभाव से करियर और पारिवारिक जीवन में अच्छे परिणाम आपको मिल सकते हैं।
इस दिन सूर्य मंत्रों का जप भी आपको अवश्य करना चाहिए। 'ॐ सूर्याय नमः' या ' घृणि सूर्याय नमः' मंत्र का आप जप आप कर सकते हैं। इन मंत्रों में से किसी भी एक मंत्र का जप कम से कम 108 बार अवश्य करें। कहा जाता है कि, मंत्र जप से जहां आपको मानसिक शांति मिलती है वहीं सूर्य देव की कृपा से करियर के क्षेत्र में आप सफलता के मार्ग पर अग्रसर होते हैं। कुंडली में सूर्य शुभ अवस्था में हों या प्रतिकूल इन मंत्रों का जप करने से हर किसी को लाभ मिल सकता है।
कुंडली में अगर आप सूर्य की स्थिति को मजबूत करना चाहते हैं तो सिंह संक्रांति के दिन सूर्य मंत्रों का जप भी आपको अवश्य करना चाहिए। 'ॐ सूर्याय नमः' या ' घृणि सूर्याय नमः' मंत्र का आप जप आप कर सकते हैं। इन मंत्रों में से किसी भी एक मंत्र का जप कम से कम 108 बार अवश्य करें। मंत्र जप से जहां आपको मानसिक शांति मिलती है वहीं सूर्य देव की कृपा से करियर के क्षेत्र में आप सफलता के मार्ग पर अग्रसर होते हैं। कुंडली में सूर्य शुभ अवस्था में हों या प्रतिकूल इन मंत्रों का जप करने से हर किसी को लाभ मिल सकता है।