शिवलिंग फोटो.सोशल मीडिया
धर्म

Shivling Puja Rules: महादेव को नहीं चढ़ाई जातीं ये 5 चीजें, सावन में पूजा से पहले जान लें वजह

Shivling Puja: सावन में शिवलिंग की पूजा करते समय कुछ चीजें अर्पित करने से बचने की धार्मिक मान्यता है। जानें महादेव को कौन सी 5 चीजें चढ़ाने की मनाही है और इसके पीछे की वजहें।

रीता राय सागर

Sawan Somwar 2026: सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। इस पूरे माह में शिव के भक्त शिव की पूजा में लीन रहते हैं। सारा संसार जप-तप, दान-धर्म के कार्यों में डूबा रहता है। भगवान शिव को पूजा के दौरान भक्त शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र और धतूरा जैसी चीजें अर्पित करते हैं।

ये सभी चीजें शिवजी को अतिप्रिय मानी जाती है। हालांकि, शिव पूजा से जुड़ी कुछ ऐसी मान्यताएं भी हैं, जिनके अनुसार कुछ चीजें महादेव को अर्पित नहीं करनी चाहिए। आइए जानते हैं ऐसी 5 चीजों के बारे में।

हल्दी

शिवलिंग पर हल्दी चढ़ाने से आमतौर पर बचने की सलाह दी जाती है। धार्मिक परंपराओं में हल्दी को देवी शक्ति और सौभाग्य से जोड़ा जाता है, इसलिए इसे शिवलिंग पर अर्पित करने से बचना चाहिए।

कुमकुम या सिंदूर

कुमकुम और सिंदूर को मुख्य रूप से देवी पूजा और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है। इसी वजह से कई परंपराओं में इन्हें शिवलिंग पर चढ़ाना उचित नहीं माना जाता।

केतकी का फूल

भगवान शिव को केतकी का फूल न चढ़ाने की मान्यता ब्रह्मा और विष्णु से जुड़ी प्रसिद्ध कथा से संबंधित है। कथा के अनुसार, केतकी के फूल ने ब्रह्मा के पक्ष में असत्य की गवाही दी थी। इसके बाद शिव ने केतकी को अपनी पूजा से वर्जित कर दिया।

फूजा की थाली

तुलसी दल

तुलसी भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय मानी जाती हैं, लेकिन शिव पूजा में तुलसी दल का प्रयोग सामान्यतः नहीं किया जाता। इसके पीछे धार्मिक कथाएं और अलग-अलग क्षेत्रीय परंपराएं कारण बताई जाती हैं।

चंपा का फूल

कुछ धार्मिक मान्यताओं में भगवान शिव को चंपा का फूल अर्पित करने से मना किया गया है। इसके पीछे भी एक पौराणिक कथा बताई जाती है, जिसमें चंपा के पेड़ और एक ब्राह्मण के झूठ से जुड़ी कहानी आती है।

पूजा फूल

पूजा में रखें भावना का ध्यान

भगवान शिव की पूजा में श्रद्धा और भक्ति को सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। अलग-अलग संप्रदायों, क्षेत्रों और मंदिरों में पूजा की परंपराएं अलग हो सकती हैं, लेकिन भगवान के प्रति भक्त का समर्पण सबके लिए एक ही होता है। इसलिए किसी विशेष मंदिर की पूजा-विधि का पालन कर रहे हैं, तो वहां के पुजारी या परंपरा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। 

आज की ताजा खबर 17 अगस्त LIVE: JPSC-JSSC मुद्दे पर छात्रों से आज दोपहर 2 बजे बातचीत करेगी झारखंड सरकार

आज की ताजा खबर 16 अगस्त LIVE: एक क्लिक में पढ़ें दिनभर की सारी बड़ी खबरें

राजस्थान के सरकारी स्कूलों में मीडिया की नो एंट्री! फोटो-वीडियो पर भी लगा बैन, नियम तोड़ने पर होगी कार्रवाई

आचार्य प्रमोद कृष्णम का कांग्रेस पर बड़ा हमला, बोले- राहुल गांधी पाकिस्तान के राष्ट्रपति जैसे

Tamil Nadu NEET Protest: विधानसभा के नए प्रस्ताव के बावजूद चेन्नई में NEET के खिलाफ प्रदर्शन जारी