Saturday Religious Beliefs In India: भारतीय हिंदू संस्कृति में कई ऐसी परंपराएं और मान्यताएं हैं, जो सदियों से चली आ रही हैं। इन्हीं में से एक मान्यता है कि मंगलवार, शनिवार और गुरुवार के दिन नाखून और बाल नहीं काटने चाहिए। आज के समय में कुछ लोग इसे केवल परंपरा मानते हैं, लेकिन बहुत से लोग अब भी इस नियम का पालन करते हैं। ऐसे में आइए जानते है इसके पीछे का धार्मिक कारण
मंगलवार को लेकर परंपरागत मान्यताओं में इसे मंगल ग्रह और भगवान हनुमान से जुड़ा दिन माना गया है। इस दिन ऊर्जा, साहस और शक्ति का विशेष प्रभाव बताया जाता है। कुछ मान्यताओं के अनुसार मंगलवार को बाल या नाखून काटना अशुभ माना जाता है, क्योंकि इससे घर की सकारात्मक ऊर्जा और शांति पर असर पड़ सकता है। ज्योतिष में यह भी कहा गया है कि कमजोर मंगल ग्रह होने पर जीवन में आर्थिक और मानसिक परेशानियां बढ़ सकती हैं। इसलिए पुराने समय में लोग इस दिन पूजा-पाठ, संयम और धार्मिक कार्यों को अधिक महत्व देते थे और शरीर से जुड़े ऐसे कार्यों से परहेज़ करते थे।
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हिंदू धर्म में गुरुवार का दिन भगवान बृहस्पति और गुरु ग्रह को समर्पित है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन बाल या नाखून काटने से गुरु ग्रह कमजोर हो सकता है। इससे व्यक्ति के जीवन में सुख-शांति और धन से जुड़ी परेशानियां आने लगती हैं। ज्योतिष शास्त्र की मानें तो गुरु ग्रह का संबंध बुद्धि और ज्ञान से भी होता है। ऐसे में गुरुवार को बाल या नाखून काटने से व्यक्ति की सोच और निर्णय क्षमता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। यही वजह है कि इस दिन इन कामों से बचने की सलाह दी जाती है।
शनिवार का दिन शनिदेव को समर्पित माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन बाल और नाखून काटने से शनिदेव नाराज हो सकते हैं। कहा जाता है कि इससे व्यक्ति को आर्थिक परेशानियों और जीवन में संघर्ष का सामना करना पड़ सकता है। कुछ मान्यताओं में यह भी कहा गया है कि ऐसा करने से आयु पर भी नकारात्मक असर पड़ता है।