Sawan Vrat Mein Kya Banaye: सावन का पवित्र महीना आने वाला है। इस पूरे माह में भगवान शिव के भक्त व्रत रखते हैं, शिवलिंग का जलाभिषेक करते हैं और पूरे श्रद्धाभाव से "ॐ नमः शिवाय" मंत्र का जाप करते हैं। व्रत के दौरान हल्का, पौष्टिक और स्वादिष्ट भोजन सबसे बेहतर माना जाता है। ऐसे में सिंघाड़े के आटे से बनी फलाहारी कढ़ी एक बेहतरीन विकल्प हो सकती है। यह स्वाद से भरपूर होने के साथ-साथ शरीर को ऊर्जा देने में भी मदद करती है।
सिंघाड़े का आटा व्रत के दौरान खूब इस्तेमाल किया जाता है। यह लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद करता है और शरीर को आवश्यक ऊर्जा भी प्रदान करता है। आयुर्वेद में भी सिंघाड़े को पौष्टिक आहार माना गया है, इसलिए इसे फलाहार का अहम हिस्सा माना जाता है।
1 बड़ा चम्मच सिंघाड़े का आटा
1/2 कप ताजा दही
1 कप पानी
1/2 छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर
स्वादानुसार सेंधा नमक
1 चुटकी चीनी
1 बड़ा चम्मच घी
1/2 छोटा चम्मच जीरा
7–8 करी पत्ते
2 साबुत सूखी लाल मिर्च
1 बड़ा चम्मच बारीक कटा हरा धनिया
सबसे पहले एक बाउल में दही, सिंघाड़े का आटा, सेंधा नमक, लाल मिर्च पाउडर और चुटकीभर चीनी डालें। सभी चीजों को अच्छी तरह फेंटें ताकि मिश्रण पूरी तरह चिकना हो जाए। अब इसमें एक कप पानी डालकर दोबारा अच्छी तरह मिलाएं। ध्यान रखें कि घोल में किसी भी तरह की गांठ न रह जाए।
अब तैयार घोल को एक पैन या भगोने में डालें और मध्यम से धीमी आंच पर लगातार चलाते हुए पकाएं। ऐसा करने से दही फटेगा नहीं और कढ़ी भी अच्छी तरह पक जाएगी। करीब 5 से 8 मिनट में कढ़ी हल्की गाढ़ी होने लगेगी।
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एक छोटे पैन में घी गर्म करें। इसमें जीरा डालकर चटकाएं। फिर सूखी लाल मिर्च और करी पत्ते डालकर लगभग 30 से 40 सेकंड तक हल्का भून लें। तैयार तड़के को तुरंत कढ़ी में डालें और अच्छी तरह मिला दें। आखिर में ऊपर से बारीक कटा हरा धनिया डालकर सजाएं।
सिंघाड़े के आटे की यह स्वादिष्ट कढ़ी राजगीरा की पूरी, कुट्टू की पूरी, सामक के चावल या सामक की खिचड़ी के साथ परोसी जा सकती है। यह व्रत के दौरान हल्का, पौष्टिक, स्वादिष्ट और लंबे समय तक पेट भरा रखने वाला बेहतरीन भोजन है।