सावन सोमवार और नाग पंचमी का महासंयोग  (सौ.AI)
धर्म

23 साल बाद सावन सोमवार और नाग पंचमी का महासंयोग! कालसर्प दोष से राहत के लिए करें ये 3 रहस्यमयी उपाय

Sawan Somvar 2026 : 23 साल बाद सावन सोमवार और नाग पंचमी का दुर्लभ महासंयोग बन रहा है। 17 अगस्त 2026 को कालसर्प दोष से राहत के लिए किए जाने वाले 3 विशेष उपायों और उनके धार्मिक महत्व के बारे में जानें।

सीमा कुमारी

Sawan Somvar Nag Pancham : सावन का तीसरा सोमवार और नाग पंचमी एक ही दिन पड़ रहे है। यह दुर्लभ महासंयोग लगभग 23 साल बाद आया है, जिससे भगवान शिव और नाग देवता दोनों की एक साथ कृपा पाने का अत्यंत उत्तम अवसर बन रहा है।

बताया जा रहा है कि शिवभक्तों के लिए महादेव और नाग देवता दोनों का आशीर्वाद प्राप्त करने का यह विशेष अवसर माना जाता है। आइए जानते है जिन लोगों की कुंडली में कालसर्प दोष है, राहु-केतु की महादशा चल रही है या जीवन में बार-बार बाधाएं आ रही हैं, उनके लिए इस दिन किए गए विशेष धार्मिक उपाय लाभकारी साबित हो सकता है।

17 अगस्त 2026 के शुभ मुहूर्त

मुहूर्त समय

ब्रह्म मुहूर्त सुबह 05:28 से 06:07 बजे तक

अभिजित मुहूर्त दोपहर 01:26 से 02:23 बजे तक

अमृत काल शाम 06:46 से रात 08:27 बजे तक

कालसर्प दोष से राहत के लिए करें ये उपाय

नाग पंचमी पर करें महामृत्युंजय मंत्र का जाप

ज्योतिषयों के अनुसार, कालसर्प दोष से मुक्ति के लिए महामृत्युंजय मंत्र का जाप शुभ माना जाता है। कहते है इस दिन कम से कम 108 बार महामृत्युंजय मंत्र या नाग गायत्री मंत्र का जाप करना बहुत ही शुभ होता है।

नाग-नागिन के जोड़े का अभिषेक करें

इस दिन चांदी या तांबे से निर्मित नाग-नागिन के जोड़े का पंचामृत और गंगाजल से अभिषेक करें। इसके बाद इसे किसी पवित्र नदी में प्रवाहित करें या मंदिर में शिवलिंग पर अर्पित करें।

काले तिल मिलाकर अभिषेक करें

शिवलिंग पर तांबे या पीतल के लोटे से जल चढ़ाते समय उसमें थोड़े काले तिल मिला लें। धार्मिक मान्यता के अनुसार, ऐसा करने से राहु और केतु के अशुभ प्रभावों को शांत करने में मदद मिलती है।

नाग पंचमी और सावन सोमवार का क्या है महत्व?

हिंदू धर्म में नाग देवता को पूजनीय माना गया है। भगवान शिव के गले में नाग का विराजमान होना भी नाग पूजा और शिव आराधना के संबंध को दर्शाता है। नाग पंचमी पर नाग देवता की पूजा करने की परंपरा इसी धार्मिक आस्था से जुड़ी हुई है।

वहीं सावन के सोमवार को भगवान शिव की उपासना के लिए बेहद शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा से शिवलिंग पर जल चढ़ाने, बेलपत्र अर्पित करने और भगवान शिव का ध्यान करने से मनोकामनाओं की पूर्ति की कामना की जाती है।

PM मोदी-ट्रंप की फोन पर बात, भारत-अमेरिका रिश्तों को लेकर क्या हुई चर्चा?

हवा में चाकूबाजी, तेजी से नीचे आया विमान…कौन हैं भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार? जान पर खेलकर बचाई 180 की जान

यूपी पुलिस को ही भंग कर सभी केस CBI को देने पड़ेंगे क्या? सुप्रीम कोर्ट की तल्ख टिप्पणी

कांग्रेस की एकला चलो नीति पर भड़के उद्धव ठाकरे! INDIA गठबंधन की बैठक में सुनाई खरी-खोटी, दी ये सलाह

CSR घाेटाला: महाराष्ट्र समेत 4 राज्यों के 8 ठिकानों पर ED की छापेमारी, फर्जी नेटवर्क का खुलासा