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Sawan Shivratri :सावन शिवरात्रि पूजा की ये छोटी-सी गलती पड़ सकती है भारी, जान लें महादेव की पूजा के जरूरी नियम

Sawan Shivratri Puja: सावन शिवरात्रि पर महादेव की पूजा करते समय छोटी-सी गलती भी पूजा के नियमों को प्रभावित कर सकती है। जानें शिवलिंग पूजन से जुड़े जरूरी नियम और किन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

सीमा कुमारी

Sawan Shivratri Par Kya Na Kare : मंगलवार, 11 अगस्त को पूरे देश भर में सावन मास की शिवरात्रि का पर्व मनाई जाएगी। भगवान शिव को समर्पित यह दिन हिंदू धर्म में बेहद पवित्र माना जाता है। सावन शिवरात्रि पर देशभर के शिव मंदिरों में शिव भक्त जलाभिषेक और पूजा-अर्चना करते हैं।

मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से भगवान शिव की पूजा करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं। सावन महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को सावन शिवरात्रि मनाई जाती है। अगर आप भी इस दिन व्रत रखने या शिवलिंग का अभिषेक करने जा रहे हैं तो पूजा के दौरान कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है।

सावन शिवरात्रि की पूजा में भूलकर भी न करें ये गलतियां

केतकी का फूल न चढ़ाएं

धर्म शास्त्रों में भगवान शिव की पूजा में केतकी का फूल चढ़ाने की मनाही हैं। इसलिए सावन शिवरात्रि के दिन शिवलिंग पर केतकी का फूल भूलकर न चढ़ाए। इसके अलावा, भगवान शिव की पूजा में तुलसी के पत्ते भी अर्पित नहीं किए जाते हैं।

तुलसी के पत्ते भी अर्पित न करें

भगवान शिव की पूजा में तुलसी के पत्ते भी अर्पित करने चाहिए। कई बार श्रद्धालु बेलपत्र के साथ तुलसी पत्र भी शिवलिंग पर चढ़ा देते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन में शिवपूजन करते समय तुलसी पत्र का प्रयोग नहीं करना चाहिए शिवजी को बेलपत्र अर्पित करना शुभ माना जाता है।

हल्दी और सिंदूर भी न चढ़ाएं

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शिवलिंग पर हल्दी और सिंदूर नहीं चढ़ाना चाहिए। पूजा में भस्म, चंदन और अक्षत का इस्तेमाल किया जा सकता है। भगवान शिव को बेलपत्र बेहद प्रिय माना जाता है। हालांकि, पूजा के लिए हमेशा साफ और बिना कटे-फटे बेलपत्र का इस्तेमाल करना चाहिए। तीन पत्तियों वाला बेलपत्र चढ़ाना शुभ माना जाता है।

तांबे के लोटे से दूध न चढ़ाएं 

शिवलिंग पर दूध अर्पित करते समय हमेशा कांस्य, पीतल या चांदी के पात्र का ही प्रयोग करें। तांबे के बर्तन में दूध डालने से बचना चाहिए।

सावन शिवरात्रि की पूजा का शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:22 से 5:05 बजे तक

अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:00 से 12:53 बजे तक

निशिता काल: रात 12:05 से 12:48 बजे तक

गोधूलि मुहूर्त: शाम 7:04 से 7:26 बजे तक

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