Sawan Last Pradosh Upay : आपने अक्सर देखा होगा कि कई लोगों की पढ़ाई-लिखाई अच्छी होती है और करियर भी अच्छा होता है, फिर भी उन्हें विवाह के लिए योग्य यानी सही रिश्ता नहीं मिल पाता या रिश्ता तय होते-होते किसी न किसी वजह से टूट जाता है।
ऐसे में ज्योतिष शास्त्र में विवाह में देरी के पीछे कुंडली में ग्रहों की स्थिति को माना जाता है। खासतौर पर शनि और मंगल को विवाह में अड़चन का कारण माना जाता है, वहीं गुरु की कमजोर स्थिति भी विवाह में देरी से जुड़ी मानी जाती है।
ऐसे में सावन का अंतिम प्रदोष व्रत का पावन तिथि आपके लिए शुभ हो सकता है। जो कि कल 25 अगस्त 2026 को है। मान्यता के अनुसार इस दिन शिवलिंग पर कुछ विशेष चीजें अर्पित कर श्रद्धापूर्वक पूजा करने से विवाह संबंधी बाधाओं के लिए आशीर्वाद प्राप्त किया जा सकता है।
विवाह संबंधी बाधाओं को दूर करने के लिए सावन के आखिरी प्रदोष व्रत पर शिव मंदिर जाकर शिवलिंग पर जल और 11 बेलपत्र चढ़ाएं। विवाह की मनोकामना रखने वाले लोग प्रदोष के दिन सुबह यह उपाय कर सकते हैं।
इसके बाद भगवान शिव के मंत्र ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप करने की परंपरा है। मान्यता है कि श्रद्धा के साथ शिव आराधना करने से मनोकामना के लिए भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
इसके अलावा, विवाह संबंधी बाधाओं को दूर करने के लिए अशोक सुंदरी के स्थान पर शुद्ध घी या हल्दी की बिंदी लगाएं और माता पार्वती से विवाह संबंधी मनोकामना पूरी होने की प्रार्थना करें। धार्मिक मान्यता है कि, ऐसा करने से विवाह संबंधी बाधाए दूर होती है।
शिव महापुराण के मुताबिक, विवाह संबंधी बाधाए दूर करने के लिए दो लोटे जल लेकर शिवलिंग पर ‘कुंदकेश्वर महादेव’ का नाम स्मरण करते हुए जल अर्पित करें। ऐसी मान्यता है कि, इससे विवाह संबंधी बाधाए दूर होती है।
विवाह संबंधी बाधाए दूर करने के लिए मंत्र जाप करना भी शुभ होता है। मंत्र जाप के लिए ‘ॐ गौरीशंकराय नमः’ या ‘ॐ नमः मनोभिलाषितं वरं देहि वरं ह्रीं ॐ गोरा पार्वती देव्यै नमः’ मंत्र की एक माला (108 बार) का रोज जाप करें।