Sawan Remedies: देव अधिदेव का प्रिय सावन का पावन महीना पूर्णिमा तिथि को समाप्त हो जाएगा। इस दिन भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक पर्व रक्षाबंधन भी मनाया जाएगा। सावन पूर्णिमा के दिन सिर्फ रक्षाबंधन का पर्व ही नहीं, गायत्री जयंती, वरलक्ष्मी व्रत और नारली पूर्णिमा भी मनाई जाती है। ज्योतिषयों के अनुसार, इस साल सावन का अंतिम दिन और भी खास है, क्योंकि इस दिन चंद्र ग्रहण भी लग रहा है।
हालांकि ये ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, जिस कारण से इसका यहां कोई सूतक नहीं पड़ेगा। अगर आप इस दिन कुछ खास उपाय करते हैं तो घर में सुख-शांति और समृद्धि आती है ऐसे में आइए जानते है इस दिन क्या उपाय करने से घर में सुख-शांति और समृद्धि आती है।
ज्योतिषयों के अनुसार, सावन पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विधि विधान पूजा करना शुभ होता है। इसलिए इस दिन पूजा जरुर करें उन्हें साथ में मखाने की खीर का भोग भी लगाएं। साथ ही कनकधारा स्तोत्र या विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें। कहते हैं ऐसा करने से धन-धान्य में वृद्धि के रास्ते खुलते हैं।
सावन के आखिरी यानी श्रावण पूर्णिमा की रात में चंद्र देव की पूजा भी जरूर करें। रात में चांदी के पात्र में साफ जल, थोड़ा सा कच्चा दूध, अक्षत और सफेद फूल मिलाकर चंद्र देव को अर्घ्य दें। अर्घ्य देते समय चंद्र देव के मंत्र को 3 बार जरूर बोलें। मंत्र है 'ॐ चंद्राय नमः'।
सावन के आखिरी दिन पीपल के वृक्ष पर जल अर्पित करना अत्यंत शुभ फलदायी माना जाता है। साथ ही पीपल के पेड़ पर सरसों के तेल का दीपक भी जलाएं। कहते हैं इससे सभी देवी-देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त हो जाता है।
सावन के अंतिम दिन किसी जरूरतमंद या ब्राह्मण को तिल, सफेद वस्त्र, चावल, दूध या भोजन का दान जरूर करें। कहते हैं इससे माता लक्ष्मी की असीम कृपा प्राप्त होती है।