महाशिवरात्रि पर करें शिव चालिसा का पाठ (सौ..सोशल मीडिया) 
धर्म

Mahashivratri 2025: महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव की पूजा में करें शिव चालिसा का पाठ, मिलेगी सुख-शांति

कहते हैं कि, महाशिवरात्रि के दिन ही भगवान शिव और माता पार्वती के मिलन का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इसी दिन भगवान भोलेनाथ और देवी पार्वती का विवाह संपन्न हुआ था।

दीपिका पाल

Mahashivratri 2025: हिंदू धर्म में हर त्योहार और व्रत का महत्व होता है इसमें ही 26 फरवरी को महाशिवरात्रि मनाई जाने वाली है। इस शुभ दिन पर जो भी भक्त सच्चे मन से भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना करता है उसकी मनोकामना भगवान पूरी करते है। कहते हैं कि, महाशिवरात्रि के दिन ही भगवान शिव और माता पार्वती के मिलन का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इसी दिन भगवान भोलेनाथ और देवी पार्वती का विवाह संपन्न हुआ था। महाशिवरात्रि पर विधि-विधान के साथ जो भी भक्त महादेव का ध्यान लगाता है जीवन में सुख-शांति बनी रहती है वहीं पर कठिन कार्य भी पूरे हो जाते है।

शिव चालिसा का पाठ करना होता है शुभ

महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव की पूजा नियमपूर्वक शिवभक्त करते है इसलिए अगर आप पूजा के बाद शिव चालीसा का पाठ करते है तो, भक्तों को विशेष फल मिलता है। कहा जाता है कि, जो भी श्रद्धालु पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ शिव चालीसा का पाठ करता है, उसकी सभी इच्छाएं पूर्ण होती हैं। यहां पर आप नीचे दी गई शिव चालिसा के जरिए पढ़ सकते है इससे आपके जीवन में नई खुशियां और समृद्धि बढ़ेगी।

महाशिवरात्रि पर करें शिव चालीसा

॥ दोहा ॥

जय गणेश गिरिजा सुवन,मंगल मूल सुजान।

कहत अयोध्यादास तुम,देहु अभय वरदान॥

॥ चौपाई ॥

जय गिरिजा पति दीन दयाला।सदा करत सन्तन प्रतिपाला॥

भाल चन्द्रमा सोहत नीके।कानन कुण्डल नागफनी के॥

अंग गौर शिर गंग बहाये।मुण्डमाल तन क्षार लगाए॥

वस्त्र खाल बाघम्बर सोहे।छवि को देखि नाग मन मोहे॥

मैना मातु की हवे दुलारी।बाम अंग सोहत छवि न्यारी॥

कर त्रिशूल सोहत छवि भारी।करत सदा शत्रुन क्षयकारी॥

नन्दि गणेश सोहै तहँ कैसे।सागर मध्य कमल हैं जैसे॥

कार्तिक श्याम और गणराऊ।या छवि को कहि जात न काऊ॥

देवन जबहीं जाय पुकारा।तब ही दुख प्रभु आप निवारा॥

किया उपद्रव तारक भारी।देवन सब मिलि तुमहिं जुहारी॥

तुरत षडानन आप पठायउ।लवनिमेष महँ मारि गिरायउ॥

आप जलंधर असुर संहारा।सुयश तुम्हार विदित संसारा॥

त्रिपुरासुर सन युद्ध मचाई।सबहिं कृपा कर लीन बचाई॥

किया तपहिं भागीरथ भारी।पुरब प्रतिज्ञा तासु पुरारी॥

एक कमल प्रभु राखेउ जोई।कमल नयन पूजन चहं सोई॥

कठिन भक्ति देखी प्रभु शंकर।भए प्रसन्न दिए इच्छित वर॥

जय जय जय अनन्त अविनाशी।करत कृपा सब के घटवासी॥

दुष्ट सकल नित मोहि सतावै।भ्रमत रहौं मोहि चैन न आवै॥

त्राहि त्राहि मैं नाथ पुकारो।येहि अवसर मोहि आन उबारो॥

लै त्रिशूल शत्रुन को मारो।संकट ते मोहि आन उबारो॥

मात-पिता भ्राता सब होई।संकट में पूछत नहिं कोई॥

स्वामी एक है आस तुम्हारी।आय हरहु मम संकट भारी॥

धन निर्धन को देत सदा हीं।जो कोई जांचे सो फल पाहीं॥

अस्तुति केहि विधि करैं तुम्हारी।क्षमहु नाथ अब चूक हमारी॥

शंकर हो संकट के नाशन।मंगल कारण विघ्न विनाशन॥

योगी यति मुनि ध्यान लगावैं।शारद नारद शीश नवावैं॥

नमो नमो जय नमः शिवाय।सुर ब्रह्मादिक पार न पाय॥

जो यह पाठ करे मन लाई।ता पर होत है शम्भु सहाई॥

ॠनियां जो कोई हो अधिकारी।पाठ करे सो पावन हारी॥

पुत्र होन कर इच्छा जोई।निश्चय शिव प्रसाद तेहि होई॥

पण्डित त्रयोदशी को लावे।ध्यान पूर्वक होम करावे॥

त्रयोदशी व्रत करै हमेशा।ताके तन नहीं रहै कलेशा॥

धूप दीप नैवेद्य चढ़ावे।शंकर सम्मुख पाठ सुनावे॥

जन्म जन्म के पाप नसावे।अन्त धाम शिवपुर में पावे॥

कहैं अयोध्यादास आस तुम्हारी।जानि सकल दुःख हरहु हमारी॥

नित्त नेम उठि प्रातः ही,पाठ करो चालीसा।

तुम मेरी मनोकामना,पूर्ण करो जगदीश॥

मगसिर छठि हेमन्त ॠतु,संवत चौसठ जान।

स्तुति चालीसा शिवहि,पूर्ण कीन कल्याण॥

BRICS Summit 2026: PM मोदी ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के समापन की घोषणा की, जानें दो दिनों क्या कुछ हुआ?

अमित शाह से मिले एकनाथ शिंदे; मुंबई के सह्याद्री अतिथिगृह में 30 मिनट चली चर्चा, जानें क्या हुई बात

BRICS Summit: नई दिल्ली घोषणापत्र से मिलेगी भविष्य को नई दिशा, PM मोदी बोले- अब ग्राउंड लेवल पर दिखेंगे नतीजे

इलाहाबाद HC के फैसले को मेधा रूपम ने दी चुनौती, आकृति चौधरी मामले में सुप्रीम कोर्ट पहुंची नोएडा डीएम

BRICS Summit 2026: शी जिनपिंग ने AI, ट्रेड और डिजिटल इकोसिस्टम समेत 5 नई पहलों का किया प्रस्ताव