Bel Patra Plant Vastu: सावन का पावन महीना चल रहा है। यह महीना भगवान शिव की विशेष पूजा और आराधना के लिए समर्पित होता है। शिवभक्तों के लिए सावन का महीना बेहद शुभ माना जाता है, क्योंकि इस दौरान की गई पूजा से भक्तों की मन की मनोकामनाएं पूरी होती है और जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है।
जैसा कि आप जानते हैं कि, बेलपत्र भगवान शिव को अति प्रिय माना जाता है। अगर आप भी सावन के महीने में अपने घर में बेल का पौधा लगाने का मन बना रहे हैं, तो इससे पहले कुछ नियम जरूर जान लें। अगर आप इस पौधे को घर में लगाते समय कुछ वास्तु नियमों का ध्यान रखते हैं, तो इससे आपको काफी लाभ मिल सकता है। चलिए जानते हैं इस बारे में।
वास्तुशास्त्र के अनुसार, सावन सोमवार का दिन बेल का पौधा घर में लगाना शुभ माना जाता है। इसके लिए बेल का पौधा उत्तर या उत्तर-पूर्व दिशा या ईशान कोण में लगाना शुभ माना जाता है। इसके साथ ही आप घर की उत्तर या फिर पूर्व दिशा में भी इस पेड़ को लगा सकते हैं। ऐसा करने से घर का वातावरण सकारात्मक बना रहता है और आपको जीवन की कई समस्याओं से छुटकारा मिल सकता है। बेल का पौधा घर में लगाने के लिए सावन सोमवार का दिन बहुत ही उत्तम माना गया है। इस दिन पर विशेष रूप से शिव जी की पूजा-अर्चना की जाती है।
ज्योतिषयों के अनुसार, घर में बेलपत्र का पौधा लगाने से महादेव की कृपा तो प्राप्त होती ही है, साथ ही घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी बढ़ता है। जिससे व्यक्ति के लिए धन लाभ के योग बनने लगते हैं। इसके साथ ही सावन के महीने में बेलपत्र के पेड़ की नियमित रूप से पूजा-अर्चना करें। इससे आपके जीवन में तरक्की के योग बनने लगते हैं। साथ ही घर में बेलपत्र का पेड़ लगाने से वास्तु दोष भी दूर होता है।
वास्तु शास्त्र में माना गया है कि बेलपत्र को कभी भी रसोई, टॉयलेट या बाथरूम के पास नहीं लगाना चाहिए। इस पेड़ के आसपास हमेशा साफ-सफाई बनाए रखें। वास्तु शास्त्र में यह भी माना गया है कि घर में कभी भी ऐसा बेलपत्र का पेड़ न रखें, जिसके पत्ते सूख गए हों। इससे घर में नकारात्मकता बढ़ सकती है।
सावन के हर सोमवार पर शिव मंदिर जाकर शिवलिंग पर बेलपत्र अर्पित करें। इसके साथ ही 108 बेलपत्र लेकर उन पर चंदन में लगाएं और ॐ नमः शिवाय मंत्र का उच्चारण करते हुए शिवलिंग पर अर्पित कर दें। ऐसा करने से साधक की सभी मनोकामनाएं पूरी हो सकती हैं। साथ ही अच्छे स्वास्थ्य का भी आशीर्वाद मिलता है।