पितृपक्ष 2026 फोटो.एआई
धर्म

Pitru Paksha 2026: पितृपक्ष शुरू होने से पहले घर में कर लें ये 7 काम, जानें किन चीजों से बचें

Pitru Paksha Rules: 27 सिंतबर से श्राद्ध पक्ष शुरु होने वाले है। इस दौरान कई तरह के नियमों का पालन किया जाता है और कई तरह की चीजों को करने पर पाबंदी होती है। जानिए किन चीजों को करने से बचें।

रीता राय सागर

Pitru Paksha Ke Niyam: पितृ पक्ष शुरू होने से पहले अगर आप घर पर श्राद्ध या तर्पण करने की तैयारी कर रहे हैं, तो पूजा-पाठ की सामग्री जुटाने के साथ-साथ घर की साफ-सफाई भी जरूर करें। पितृपक्ष का समय अपने पूर्वजों को याद करने, उनका तर्पण करने और दान आदि का समय होता है। इस साल प्रतिपदा श्राद्ध 27 सितंबर 2026 को शुरु होगा और पितृपक्ष का समापन 10 अक्टूबर 2026, सर्वपितृ अमावस्या के दिन होगा।

पूजा घर और रसोई की अच्छी तरह सफाई कर लें

त्योहार से पहले घर की साफ-साफाई जरूरी होती है। ठीक इसी तरह पितृपक्ष के शुरू होने से पहले भी घर को साफ-सुथरा और व्यवस्थित कर लें। खासकर पूजा की जगह, रसोई और जिस स्थान पर श्राद्ध या तर्पण किया जाना है, वहां अच्छी तरह सफाई कर लें।

श्राद्ध की जरूरी सामग्री पहले से जुटा लें

अंतिम समय की भागदौड़ से बचने के लिए काले तिल, कुशा/दर्भ, जौ, चावल, जल का पात्र, घी, दूध और शहद जैसी जरूरी सामग्री पहले ही अरेंज कर लें। अलग-अलग परिवार में इस्तेमाल होने वाली सूची में थोड़े बहुत बदलाव हो सकते हैं। तर्पण के लिए जल के साथ काले तिल, जौ और कुशा तथा पिंड के लिए चावल, दूध, घी, चीनी और शहद का उपयोग किया जाता है।

परिवार की श्राद्ध तिथि नोट कर लें

पितृपक्ष में हर दिन श्राद्ध का दिन नहीं होता है। मृत्यु की तिथि के अनुसार, श्राद्ध की तिथि तय होती है। इसके लिए पहले से परिवार के बुजुर्गों से पूर्वज की मृत्यु तिथि और श्राद्ध की तिथि की जानकारी ले लें।

श्राद्ध के भोजन की तैयारी पहले सोच लें

श्राद्ध में घर की परंपरा के अनुसार सादा और सात्विक भोजन बनाया जाता है। खीर, चावल, दाल, कढ़ी और मौसमी सब्जियां जैसे व्यंजन बनाए जाते हैं। इसलिए जिस दिन आपके परिवार का श्राद्ध हो, उससे पहले तय कर लें कि भोजन में क्या बनाना है और कौन-सी सामग्री चाहिए।

दान के लिए सामान अलग रखें

पितृपक्ष में श्राद्ध के साथ दान और भोजन भी कराई जाती है। अनाज, भोजन, कपड़े या दक्षिणा जैसी चीजें अपनी क्षमता के अनुसार ही करें। इसका उद्देश्य दिखावा नहीं बल्कि श्रद्धा होनी चाहिए।  

घर में उत्सव और मांगलिक आयोजन न रखें

पितृपक्ष का समय पूर्वजों के स्मरण और श्राद्ध के लिए समर्पित होता है। इसलिए विवाह, गृहप्रवेश, सगाई जैसे मांगलिक आयोजनों को इस अवधि में नहीं की जाती है। सर्वपितृ अमावस्या तक शुभ कार्यों को नहीं किया जाना चाहिए।

बाल, नाखून और शेविंग को लेकर नियम जान लें

पितृपक्ष में बाल कटवाने, शेविंग या नाखून काटने की मनाही होती है। लेकिन यह नियम हर परिवार में एक जैसा नहीं होता है। इसके लिए अपने परिवार के नियम अपने घर के बुजुर्गों से जान लें।

पितृपक्ष में किन चीजों से बचने की मान्यता है?

पितृपक्ष के दौरान मांसाहार, शराब और अत्यधिक तामसिक भोजन से बचना चाहिए। इस दौरान विवाह, गृहप्रवेश समेत कोई भी शुभ कार्यक्रम नहीं की जानी चाहिए। नए कपड़े, वाहन या बड़ी खरीदारी को भी इस समय में टाल देनी चाहिए।

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