वैशाख अमावस्या (सौ.सोशल मीडिया) 
धर्म

Vaishakh Amavasya: पितृदोष से कैसे मिलेगी मुक्ति? वैशाख अमावस्या के दिन कर लें इस विधि से पितरों का तर्पण।

Vaishakh Amavasya Puja Vidhi : वैशाख अमावस्या पितरों की शांति के लिए अत्यंत शुभ मानी जाती है। इस दिन विधि-विधान से तर्पण और दान करने से पितृदोष से मुक्ति मिलती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।

सीमा कुमारी

Vaishakh Amavasya 2026: वैशाख महीने की अमावस्या इस साल 17 अप्रैल, 2026 को मनाया जा रहा है। सनातन धर्म में वैशाख महीने में पड़ने वाली अमावस्या का बहुत ज्यादा महत्व बताया गया है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन पितरों का तर्पण और पिंडदान करने से उनकी आत्मा को शांति मिलती है और पूर्वजों की कृपा प्राप्त होती है। साथ ही पितृ दोष दूर होता है। आइए आपको बताते हैं कि वैशाख अमावस्या पर कैसे करें पूर्वजों का तर्पण।

Vaishakh Amavasya वैशाख अमावस्या का आध्यात्मिक महत्व

सनातन धर्म में वैशाख अमावस्या का बड़ा महत्व बताया गया है। वैशाख अमावस्या पितरों की शांति, तर्पण और मोक्ष प्राप्ति के लिए अत्यंत शुभ व पवित्र तिथि है। इस दिन पवित्र स्नान, दान और भगवान विष्णु-लक्ष्मी की पूजा से पितृ दोष दूर होता है और सुख-समृद्धि बढ़ती है। यह अमावस्या, जो वैशाख माह में पड़ती है, विशेषकर पितरों को समर्पित है और इसमें किया गया पुण्य कर्म अक्षय (कभी न खत्म होने वाला) फल देता है। इसलिए सनातन धर्म में इस शुभ तिथि का अपना अलग महत्व है।

वैशाख अमावस्या कब है?

पंचांग के अनुसार, साल 2026 में वैशाख अमावस्या 17 अप्रैल, दिन शुक्रवार को मनाई जाएगी। द्रिक पंचांग के अनुसार यह तिथि 16 अप्रैल की रात्रि 8 बजकर 11 मिनट से प्रारंभ होकर 17 अप्रैल की शाम 5 बजकर 11 मिनट तक रहेगी। चूंकि उदया तिथि 17 अप्रैल को प्राप्त हो रही है, इसलिए अमावस्या का व्रत, स्नान, तर्पण और दान इसी दिन करना शुभ रहेगा।

कैसे कैरे पितृ का तर्पण

  • अमावस्या के दिन सुबह स्नान करने के बाद साफ कपड़े धारण करें।
  • लोटा में शुद्ध जल, गंगाजल, कच्चा दूध और काले तिल मिला लें।
  • दक्षिण दिशा की तरफ मुंह करके जल को अंगूठे और तर्जनी उंगली के बीच के हिस्से से पितरों को अर्पित करें।
  • पितरों का ध्यान करें।
  • इसके अलावा ॐ पितृभ्य: नम:" या "ॐ सर्व पितृ देवाय नम: मंत्र का जप कर सकते हैं।
  • इसके बाद हाथ जोड़कर पितरों से प्रार्थना करें कि अगर कोई जाने-अनजाने में गलती हुई हो, तो मुझे क्षमा करें।
  • तर्पण करने के बाद मंदिर या गरीब लोगों में विशेष चीजों का दान जरूर करना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि दान करने से सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है और व्यक्ति को जीवन में सभी सुख मिलते हैं।

किन चीजों का दान करना होता शुभ?

अमावस्या के दिन पूजा-अर्चना करने के बाद अपनी श्रद्धा अनुसार अन्न, वस्त्र, साबुत उड़द दाल और कंबल का दान करें। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इन चीजों का दान करने से व्यक्ति पर पूर्वजों की कृपा बरसती है और जीवन में आ रहे दुख दूर होते हैं। साथ ही शुभ फल की प्राप्ति होती है।

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