Nagpur Shiv Mandir: नागपुर सिर्फ अपनी ऐतिहासिक विरासत और सांस्कृतिक पहचान के लिए ही नहीं, बल्कि प्राचीन शिव मंदिरों के लिए भी प्रसिद्ध है। शहर और इसके आसपास भगवान शिव को समर्पित कई ऐसे मंदिर हैं, जिनसे जुड़ा इतिहास, वास्तुकला और धार्मिक आस्था श्रद्धालुओं को आकर्षित करती है। कहीं सदियों पुरानी शिव-पार्वती की प्रतिमा विराजमान है, तो कहीं भोंसले काल की विरासत देखने को मिलती है। आइए जानते हैं नागपुर के 4 प्रसिद्ध शिव मंदिरों के बारे में, जहां दर्शन के लिए एक बार जरूर जाना चाहिए।
तेलंगखेड़ी का यह प्राचीन शिव मंदिर नागपुर के प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों में से एक है। इसका निर्माण 1785 में राजा रघुजी भोंसले द्वितीय ने करवाया था। मंदिर की वास्तुकला में पत्थर के स्तंभ और पारंपरिक गर्भगृह-मंडप देखने को मिलती है। महाशिवरात्रि और श्रावण माह में यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। शांत वातावरण और ऐतिहासिक महत्व इसे नागपुर के प्रमुख शिव मंदिरों में खास बनाते हैं।
जागृतेश्वर देवस्थान परिसर नागपुर के पुराने शिव स्थलों में गिना जाता है। यहां स्थित शिव-पार्वती की प्रतिमा करीब 800 साल पुरानी बताई गई है। यहां स्थित प्रतिमा को 12वीं-13वीं शताब्दी की कला परंपरा से है। परिसर में प्रसिद्ध ‘साढ़े सात शिवलिंग’ भी हैं, जिन्हें नागर देवता के रूप में पूजा जाता है।
सुराबर्डी का शिव मंदिर नागपुर के लोकप्रिय धार्मिक और दर्शनीय स्थलों में शामिल है। यहां भगवान शिव के दर्शन के साथ प्राकृतिक वातावरण का भी आनंद लिया जा सकता है। मंदिर परिसर श्रद्धालुओं के बीच विशेष आस्था का केंद्र माना जाता है। शिव भक्तों के साथ धार्मिक पर्यटन में रुचि रखने वाले लोग भी यहां पहुंचते हैं।
महल क्षेत्र का यह प्रसिद्ध शिव मंदिर नागपुर के पुराने धार्मिक स्थलों में शामिल है। मंदिर में भगवान शिव की पूजा-अर्चना के लिए भक्त नियमित रूप से पहुंचते हैं। सावन और महाशिवरात्रि जैसे अवसरों पर यहां अत्यधिक भीड़ देखने को मिलती है। नागपुर की धार्मिक विरासत को जानने के लिए इस मंदिर का दर्शन किया जा सकता है।