मृत्यु पंचक (सौ. AI) 
धर्म

Mrityu Panchak: आज रात आधी रात के बाद शुरू होगा 'मृत्यु पंचक', अगले 5 दिन भूलकर भी न करें ये काम

Mrityu Panchak 2026 : आज रात आधी रात के बाद मृत्यु पंचक की शुरुआत होने जा रही है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यह अवधि कुछ कार्यों के लिए अशुभ मानी जाती है जानिए मृत्यु पंचक की अवधि, इसका महत्व।

सीमा कुमारी

Mrityu Panchak July 2026:  हिंदू धर्म और ज्योतिष शास्त्र में हर महीने आने वाले पांच दिनों को पंचक कहा जाता है। इन पांच दिनों को शुभ कार्यों के लिए अनुकूल नहीं माना जाता। मान्यता है कि पंचक के दौरान किए गए कुछ कार्य जीवन में बाधाएं, कष्ट और अनचाही परेशानियां ला सकते हैं। इसलिए इस अवधि में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।

आज रात से शुरू होगा रहस्यमयी मृत्यु पंचक

इस बार जुलाई महीने का पंचक 4 जुलाई 2026, शनिवार से शुरू हो रहा है। चूंकि इसकी शुरुआत शनिवार से हो रही है, इसलिए इसे मृत्यु पंचक कहा जाता है। पंचक का आरंभ 4 जुलाई की मध्यरात्रि 12 बजकर 48 मिनट से होगा और इसका समापन 8 जुलाई 2026 को शाम 4 बजे होगा। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार इस दौरान कुछ कार्यों से दूरी बनाकर रखना शुभ माना जाता है।

मृत्यु पंचक में भूलकर भी दक्षिण दिशा की यात्रा न करें

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार दक्षिण दिशा को यमराज की दिशा माना गया है। इसलिए मृत्यु पंचक के दौरान दक्षिण दिशा की यात्रा करने से बचने की सलाह दी जाती है। यदि यात्रा बहुत जरूरी हो, तभी उचित उपाय करके घर से निकलें।

लकड़ी से जुड़े काम करने से क्यों रोका जाता है?

मृत्यु पंचक के दौरान लकड़ी से जुड़े किसी भी कार्य को शुभ नहीं माना जाता। इस अवधि में न तो लकड़ी इकट्ठी करनी चाहिए और न ही घर में नई लकड़ी लानी चाहिए। मान्यता है कि ऐसा करने से नकारात्मक प्रभाव बढ़ सकते हैं।

चारपाई बुनवाना और नया बेड खरीदना भी माना जाता है अशुभ

लोक मान्यताओं के अनुसार पंचक के दौरान नई चारपाई बनवाना, बुनवाना या नया बेड खरीदना शुभ नहीं माना जाता। कहा जाता है कि ऐसा करने से घर में रोग, चिंता और संकट बढ़ सकते हैं।

मृत्यु पंचक में घर की छत डलवाने से भी बचें

ज्योतिष मान्यता के अनुसार पंचक के दौरान मकान की छत डालने या छत से जुड़े बड़े निर्माण कार्य नहीं कराने चाहिए। मान्यता है कि इससे आर्थिक नुकसान और पारिवारिक तनाव की आशंका बढ़ सकती है।

मृत्यु पंचक के अशुभ प्रभाव से बचने के लिए करें ये उपाय

मृत्यु पंचक के दौरान भगवान शिव, हनुमान जी और शनि देव की श्रद्धापूर्वक पूजा करें। ऐसा करना शुभ माना जाता है।

इन मंत्रों का जाप माना जाता है बेहद प्रभावी

इस अवधि में हनुमान चालीसा, बजरंग बाण और महामृत्युंजय मंत्र का श्रद्धापूर्वक जाप करने की मान्यता है। कहा जाता है कि इससे नकारात्मक प्रभाव कम होते हैं और मानसिक शक्ति बढ़ती है।

शनिवार से शुरू हो रहा है मृत्यु पंचक, जरूर करें

यह खास उपाय

चूंकि इस बार मृत्यु पंचक की शुरुआत शनिवार से हो रही है, इसलिए शनिवार की शाम पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाना शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इससे शनि की कृपा प्राप्त होती है और अकाल मृत्यु के भय से रक्षा होती है।

अगर दक्षिण दिशा में यात्रा करना जरूरी हो तो पहले करें यह उपाय

यदि मृत्यु पंचक के दौरान दक्षिण दिशा में यात्रा करना अत्यंत आवश्यक हो, तो घर से निकलने से पहले हनुमान जी के मंदिर में फल अर्पित करें और थोड़ा-सा गुड़ खाकर यात्रा शुरू करें। लोक मान्यता के अनुसार ऐसा करने से यात्रा के दौरान आने वाली बाधाएं कम होती हैं।

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