Bhairav Dev Ki Kripa Ke Upay: आज 9 मई, शनिवार को ज्येष्ठ महीने का पहला कालाष्टमी व्रत रखा जा रहा है। भगवान काल भैरव को समर्पित मासिक कालाष्टमी का व्रत हर माह कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रखा जाता है। कालाष्टमी के दिन व्रत के साथ-साथ विधि-विधान से काल भैरव देव की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यता है कि कालाष्टमी के दिन व्रत और काल भैरव देव की पूजा करने से जीवन के सारे दुख और संकट समाप्त होते है।
पंचांग के अनुसार, इस वर्ष 2026 की कालाष्टमी व्रत आज 9 मई, शनिवार को मनाई जाएगी। अष्टमी तिथि की शुरुआत 9 मई को दोपहर 2 बजकर 2 मिनट से होगी और इसका समापन 10 मई को दोपहर 3 बजकर 6 मिनट पर होगा। चूंकि अष्टमी तिथि 9 मई की मध्यरात्रि यानी निशिता काल में रहेगी, इसलिए इसी दिन कालाष्टमी व्रत रखना शुभ माना गया है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार निशिता काल में भगवान काल भैरव की पूजा करने से विशेष फल प्राप्त होता है. इस दौरान मंत्र जाप, भैरव चालीसा और काल भैरव अष्टक का पाठ अत्यंत शुभ माना जाता है.
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कालाष्टमी का व्रत भक्तों को मानसिक शांति, साहस और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करने वाला माना जाता हैं। श्रद्धा और नियमपूर्वक पूजा करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और भय से मुक्ति मिलती हैं। विशेष रूप से जो लोग शनि दोष, भय या नकारात्मक प्रभावों से परेशान रहते हैं। उनके लिए यह व्रत अत्यंत लाभकारी माना गया हैं।