आंख फड़कना फोटो.सोशल मीडिया
धर्म

Eye Blinking: महिलाओं की दाहिनी आंख फड़कना शुभ है या अशुभ? जानें क्या कहता है सामुद्रिक शास्त्र

Aankh Phadakne ka Matlab: महिलाओं की दाहिनी आंख फड़कना शुभ है या अशुभ, सामुद्रिक शास्त्र और शकुन शास्त्र में इसके बारे में विस्तार से बताया गया है, जानें आंख फड़कने से जुड़े शुभ-अशुभ संकेत।

रीता राय सागर

Women Right Eye Blinking: कई बार अचानक आंख फड़कने लगती है और मन में सीधा सवाल आता है कि आखिर क्यों अचानक आंख फड़कने लगी। आमतौर पर घर के बुजुर्ग इसे शुभ-अशुभ से जोड़कर देखते हैं।

सामुद्रिक शास्त्र और शकुन शास्त्र में शरीर के अलग-अलग अंगों के फड़कने को लेकर विस्तार से बताया गया है। जानिए महिलाओं की दाहिनी आंख फड़कने का क्या मतलब होता है।

महिलाओं की दाहिनी आंख फड़कने का क्या मतलब है?

महिलाओं के लिए दाहिनी यानी सीधी आंख का फड़कना शुभ संकेत नहीं माना जाता है। इसे आने वाले समय में किसी तरह की परेशानी, तनाव या चिंता का संकेत माना जाता है। कुछ लोग इसे किसी काम में रुकावट या आने वाली किसी अप्रत्याशित परिस्थिति का संकेत भी मानते हैं।

हालांकि, अलग-अलग क्षेत्रों में आंख फड़कने के अलग-अलग अर्थ हो सकते हैं। हर घर में पुराने लोगों द्वारा कुछ कहानियां-लोकोक्तियां बताई जाती है, जो पीढ़ी दर पीढ़ी चलती जाती है और उसे ही सच माना जाता है। इसलिए इसे निश्चित भविष्यवाणी के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।

बाईं आंख फड़के तो क्या होता है?

लोक मान्यताओं में महिलाओं की बाईं आंख फड़कने को कई जगह शुभ माना गया है। इसे अच्छे समाचार मिलने, मनोकामना पूरी होने या किसी लाभ के तौर पर देखा जाता है। वहीं पुरुषों के लिए दाहिनी और बाईं आंख के फड़कने को लेकर अलग मान्यताएं हैं।

हर बार शकुन से जुड़ा नहीं होता आंख फड़कना

बता दें कि हर बार आंख का फड़कना हमेशा किसी शुभ या अशुभ घटना का संकेत नहीं होता है। कई बार थकान, तनाव, नींद की कमी, जरूरत से ज्यादा स्क्रीन टाइम या आंखों पर दबाव पड़ने जैसे कारणों से भी आंख की मांसपेशियों में दबाव बढ़ता है और इसी वजह से आंख हल्की फड़क सकती है।

कितने तरह का होता हैं आंख फड़कना

  • मायोकाइमिया: यह आंख फड़कने का सबसे कॉमन प्रकार है। इसमें खासकर निचली पलक में हल्की, धीमी और लगातार फड़कन होती है, जो आमतौर पर थोड़े समय में ठीक हो जाती है।

  • फैसिकुलेशन: इसमें पलक और आंख के आसपास की मांसपेशियों में हल्का और तेज झटका महसूस होता है। यह जल्दी ठीक हो जाता है।

  • ब्लेफरोस्पाज्म: इसमें पलकें जोर से सिकुड़ती हैं, जिससे बार-बार पलक झपकने या आंख बंद होने लगती है। कभी-कभी आंखें जबरन बंद होने जैसा महसूस होता है।

  • हेमिफेशियल स्पाज्म: इसमें चेहरे के केवल एक तरफ फड़कन होती है। यह अक्सर पलक से शुरू होकर धीरे-धीरे चेहरे के दूसरे हिस्सों तक जाती है।

आंख फड़कने की वजह

  • तनाव या चिंता

  • नींद पूरी न होना

  • ज्यादा कैफीन या निकोटीन लेना

  • आंखों पर ज्यादा जोर पड़ना

  • थकान या ज्यादा शारीरिक मेहनत

  • दवाइयों के साइड इफेक्ट

  • अचानक तेज रोशनी के संपर्क में आना

  • मांसपेशियों या नसों में इंफेक्शन

विपक्ष की भूमिका सिर्फ दिखावा, चुनाव आयोग की नियुक्ति कमेटी पर जस्टिस दीपांकर दत्ता का बड़ा सवाल

Cooking Oil Price: सोयाबीन-पाम से सूरजमुखी तक तेल पर घटा कस्टम्स ड्यूटी, आज से लागू होंगे नए रेट

3 दशक निर्वासन भी नहीं तोड़ पाई आजादी का जुनून, कौन थी मैडम भीकाजी कामा जिन्होंने बनाया था भारत का पहला झंंडा

अंबानी को पछाड़ अडानी ने मारी बाजी, देश के अमीरों में 15 नए नाम शामिल, ये रही लिस्ट

Election Commission SIR Row: ECs में मतभेद का खुलासा, CEC ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी की मांग, किसने क्या कहा?