चकला-बेलन टूटा वास्तु टिप्स (सौ.सोशल मीडिया) 
धर्म

क्या आपकी रसोई में रखा यह एक सामान चुपचाप बढ़ा रहा है वास्तु दोष? ज्यादातर लोग नहीं देते ध्यान

Kitchen Vastu Tips For Positive Energy: रसोई में रखा एक सामान्य सामान भी अनजाने में वास्तु दोष का कारण बन सकता है। जानिए कौन-सी छोटी सी गलती घर की सकारात्मक ऊर्जा और सुख-समृद्धि पर असर डाल सकती है।

सीमा कुमारी

Chakla Belan Vastu: भारतीय रसोई में चकला-बेलन केवल रोटी बनाने का साधन नहीं माना जाता, बल्कि इसे अन्न, समृद्धि और मां अन्नपूर्णा के आशीर्वाद का प्रतीक भी माना गया है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, रसोई में रखी हर वस्तु घर की ऊर्जा को प्रभावित करती है।

मान्यता है कि यदि चकला-बेलन टूटा, चटका या खराब हो, तो इसका असर केवल रसोई तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरे परिवार की सुख-समृद्धि पर भी पड़ सकता है। आइए जानते हैं कि वास्तु में इसे लेकर कौन-कौन सी मान्यताएं बताई गई हैं।

टूटा चकला-बेलन... आखिर क्यों माना जाता है अशुभ संकेत?

वास्तु शास्त्र के अनुसार, यदि रसोई में टूटा या चटका हुआ चकला-बेलन रखा हो या उसका उपयोग किया जाए, तो यह नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ावा देता है। इसलिए ऐसे चकला-बेलन को तुरंत बदलने की सलाह दी जाती है।

कहते हैं यहीं से शुरू होती है आर्थिक परेशानियों की दस्तक

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, टूटे हुए चकला-बेलन का इस्तेमाल करने से मां लक्ष्मी अप्रसन्न हो सकती हैं। मान्यता है कि इससे घर में धन की कमी, अनावश्यक खर्च और आर्थिक अस्थिरता बढ़ने लगती है। इसलिए रसोई में हमेशा सही और सुरक्षित चकला-बेलन ही रखना चाहिए।

क्या बार-बार बीमार पड़ने के पीछे भी हो सकती है यह वजह?

वास्तु मान्यताओं के अनुसार, यदि चकला-बेलन अचानक टूट जाए या लंबे समय तक टूटा हुआ ही इस्तेमाल किया जाए, तो इसका प्रभाव घर के सदस्यों के स्वास्थ्य पर भी पड़ सकता है। इसलिए इसे शुभ नहीं माना जाता और समय रहते बदलने की सलाह दी जाती है।

राहु-केतु और शनि से जुड़ी यह मान्यता बहुत कम लोग जानते हैं

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, टूटा हुआ चकला-बेलन घर में रखने से राहु, केतु और शनि का अशुभ प्रभाव बढ़ सकता है। मान्यता है कि इससे करियर में रुकावटें, व्यापार में नुकसान और मेहनत के बावजूद अपेक्षित सफलता नहीं मिल पाती।

रोटी बेलते समय अगर आती है यह आवाज... तो तुरंत हो जाएं सावधान

अगर रोटी बेलते समय चकले से चर-चर या खट-खट जैसी आवाज आने लगे, तो वास्तु में इसे शुभ संकेत नहीं माना जाता। अक्सर ऐसा चकले के नीचे से टूटने या असंतुलित हो जाने के कारण होता है। ऐसी स्थिति में नया चकला लाना बेहतर माना जाता है।

रात में की गई यह छोटी-सी लापरवाही, मान्यता है बढ़ा देती है नकारात्मक ऊर्जा बहुत से लोग रात में चकला-बेलन को बिना धोए ही छोड़ देते हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार, ऐसा करना उचित नहीं माना जाता। उपयोग के बाद चकला-बेलन को अच्छी तरह साफ करके ही उसकी जगह पर रखना चाहिए।

चकला-बेलन रखने का सही तरीका भी जान लीजिए

वास्तु मान्यताओं के अनुसार, चकले को कभी भी उल्टा करके नहीं रखना चाहिए। उसे हमेशा सीधा रखें। वहीं बेलन को चकले के ऊपर लिटाकर रखने के बजाय अलग और सीधी स्थिति में रखना शुभ माना जाता है।

नया चकला खरीदने से पहले जान लें यह नियम, वरना शुभ फल नहीं मिलता

वास्तु शास्त्र के अनुसार, नया चकला-बेलन खरीदने के लिए बुधवार और गुरुवार का दिन शुभ माना जाता है। वहीं मंगलवार और शनिवार को इसे खरीदने से बचने की सलाह दी जाती है। साथ ही लकड़ी या मार्बल का चकला-बेलन अधिक शुभ माना गया है, जबकि प्लास्टिक के चकला-बेलन का उपयोग करने से बचने की सलाह दी जाती है।

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