कजरी तीज व्रत के क्या नियम हैं  (सौ.जैमिनी)
धर्म

Kajari Teej 2026: कुंवारी लड़कियां कजरी तीज का व्रत रखें या नहीं? जान लें क्या है सही नियम

Teej 2026: कजरी तीज 2026 पर कुंवारी लड़कियों के मन में अक्सर सवाल रहता है कि क्या वे यह व्रत रख सकती हैं। जानें मान्यताओं के अनुसार कुंवारी लड़कियों के लिए कजरी तीज व्रत के क्या नियम हैं जानिए।

सीमा कुमारी

Kajari Teej For Unmarried Girls : तीज का पर्व मुख्य रूप से महिलाओं का एक पवित्र और महत्वपूर्ण त्योहार है जो सालभर में तीन बार मनाया जाता है। इन सभी का महत्व अलग है, लेकिन भादों महीने की कजरी तीज भी बहुत महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस साल कजरी तीज व्रत 31 अगस्त, सोमवार को रखा जाएगा।

यह व्रत मुख्य रूप से सुहागिन महिलाओं के लिए होता है और शादीशुदा महिलाएं इस दिन पति की दीर्घायु की कामना में उपवास करती हैं। वही कुछ लोगों के मन में एक सवाल अक्सर आता है कि क्या इस व्रत को कुंवारी लड़कियां भी रख सकती हैं? आइए आपको बताते हैं इस सवाल के उत्तर के बारे में।

क्या कुंवारी लड़कियां रख सकती हैं? कजरी तीज का व्रत

अगर हम कजरी तीज के व्रत के नियमों की बात करें तो हां, कजरी तीज का व्रत कुंवारी लड़कियां भी अच्छे जीवनसाथी की कामना के लिए भी कर सकती हैं।

इसके पीछे एक पौराणिक मान्यता यह है कि इस व्रत को माता पार्वती ने भगवान शिव के लिए रखा था।

आज भी ऐसा माना जाता है कि अगर कुंवारी लड़कियां इस व्रत को करती हैं और पूरे विधि-विधान के साथ भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करती हैं, तो उन्हें अच्छे जीवनसाथी का आशीर्वाद मिलता है।

कुंवारी लड़कियों के लिए कजरी तीज के नियम

संकल्प और स्नान

सुबह जल्दी उठकर स्नान करें। साफ या नए वस्त्र लाल या हरे रंग के पहनकर शिव-पार्वती का ध्यान कर व्रत का संकल्प लें।

पूजा विधि

चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर भगवान शिव और माता पार्वती की प्रतिमा या बालू/मिट्टी से बनी मूर्ति स्थापित करें।

सामग्री अर्पण करें

माता पार्वती को श्रृंगार का सामान, फूल और फल चढ़ाएं। भगवान शिव को जल, बेलपत्र और पुष्प अर्पित करें।

कथा और आरती करें

पूजा के दौरान कजरी तीज की व्रत कथा सुनें या पढ़ें। शाम के समय भी विधि-विधान से पूजा और आरती करें।

उपवास और पारण करें

अपनी सेहत और क्षमता के अनुसार पूरा दिन उपवास रखें। चंद्रमा या नियमानुसार पूजा संपन्न करने के बाद अगले दिन व्रत का पारण करें।

अगर आप पहली बार व्रत कर रही हैं, तो आपको यह व्रत अपनी परंपरा और स्थानीय धार्मिक मान्यताओं को ध्यान में रखकर ही करना चाहिए। कुंवारी लड़कियों को यह व्रत करने से अच्छे जीवनसाथी का आशीर्वाद मिलता है और सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

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