दिवाली 2025 से जुड़े सभी त्योहारों की पूरी लिस्ट (सौ.सोशल मीडिया)  
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दीपोत्सव के पूरे 5 दिनों के त्योहारों की यहां है सही तिथियां, धनतेरस पर खरीदी के मुहूर्त जानिए

Diwali 2025 Calender:धनतेरस से भाई दूज तक चलने वाला पांच दिवसीय पर्व हिन्दू धर्म में विशेष महत्व है। इस दौरान हर दिन का अपना अलग महत्व होता है। जानिए दिवाली 2025 से जुड़े सभी त्योहारों की सारी लिस्ट।

सीमा कुमारी

Diwali Kab Hai 20 or 21 Oct: हर साल कार्तिक अमावस्या के दिन दिवाली का महापर्व मनाया जाता है। जैसा कि आप जानते हैं कि इस पांच दिवसीय पर्व की शुरुआत धनतेरस से भाई दूज तक चलती हैं। बता दें, दिवाली एक दिन का त्योहार नहीं है बल्कि ये पांच दिन तक चलने वाला महापर्व है। दिवाली के शुभ अवसर पर लोग माता लक्ष्मी, भगवान गणेश, राम दरबार और कुबेर देवता की पूजा-अर्चना करते हैं और रात में अपने घरों में दीपक जलाते हैं।

ऐसी मान्यता है जो कोई दिवाली के दिन शुभ मुहूर्त में लक्ष्मी पूजन करता है उसके घर में सदैव सुख-समृद्धि बनी रहती है। ऐसे में चलिए अब जानते हैं दिवाली, धनतेरस, भाईदूज समेत अन्य त्योहारों की सही डेट और मुहूर्त।

दिवाली 2025 से जुड़े सभी त्योहारों की सही तिथि और मुहूर्त

पहला दिन- धनतेरस

ज्योतिषयों के अनुसार, दिवाली के त्योहार की शुरुआत धनतेरस से होती है। इस दिन मां लक्ष्मी, कुबेर देवता और भगवान धन्वंतरि की पूजा-उपासना की जाती है, जो कि सुख-समृद्धि से जुड़ी हर इच्छा पूरी करते हैं। इस दिन नई चीजों की खरीदारी, सोना और चांदी खरीदना भी शुभ माना जाता है।

ये है धनतेरस पर खरीदारी का शुभ मुहूर्त:

धनतेरस पर खरीदारी का पहला मुहूर्त

दोपहर 12 बजकर 01 मिनट से शुरू होकर दोपहर 12 बजकर 48 मिनट तक रहेगा।

खरीदारी का दूसरा मुहूर्त

दोपहर 1 बजकर 51 मिनट से लेकर दोपहर 3 बजकर 18 मिनट तक रहेगा।

खरीदारी का तीसरा मुहूर्त

शाम 6 बजकर 11 बजकर से लेकर 8 बजकर 41 मिनट तक रहेगा।

दूसरा दिन- छोटी दिवाली यानी नरक चतुर्दशी

जैसा कि आप जानते हैं कि, छोटी दिवाली को नरक चतुर्दशी के नाम से भी जाना जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान कृष्ण ने नरकासुर का वध किया था।

तीसरा दिन- दिवाली यानी दीपावली

कार्तिक अमावस्या के दिन दिवाली का महापर्व मनाया जाता है। पौराणिक मान्यतानुसार, इस दिन भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण जी लंका से अयोध्या लौटे थे। उनके आगमन और बुराई पर अच्छाई की जीत की खुशी में अयोध्यावासियों ने दीप जलाकर और रंगोली बनाकर पूरी अयोध्या को सजाया था। साथ ही, इस दिन शाम यानी प्रदोष काल में मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा की जाती है।

इस साल कार्तिक के महीने में दो अमावस्या

आपको बता दें, ज्योतिषियों के अनुसार, इस वर्ष अमावस्या तिथि की शुरुआत 20 अक्टूबर को दोपहर 3 बजकर 44 मिनट पर होगी और तिथि का समापन 21 अक्टूबर की रात 9 बजकर 03 मिनट पर होगा।

20 अक्टूबर के दिन लक्ष्मी-गणेश पूजन का सबसे शुभ समय शाम 7 बजकर 08 मिनट से लेकर रात 8 बजकर 18 मिनट तक रहेगा।

इस अवधि को प्रदोष काल और स्थिर लग्न का संयोग कहा गया है, जो मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की कृपा प्राप्त करने के लिए उत्तम माना जा रहा है। यानी लोगों को पूजा के लिए करीब 1 घंटा 11 मिनट का समय मिलेगा।

चौथा दिन- गोवर्धन पूजा

दिवाली के चौथे दिन गोवर्धन पूजा होती है। गोवर्धन पूजा के दिन गोवर्धन पर्वत की पूजा की जाती है। आपको बता दें, पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, यह त्योहार भगवान श्रीकृष्ण की उस लीला की याद में मनाया जाता है जब उन्होंने गोवर्धन पर्वत को अपनी छोटी उंगली पर उठाकर ब्रजवासियों को इंद्र के प्रकोप से बचाया था।

ये रहने वाला गोवर्धन पूजा का शुभ मुहूर्त

गोवर्धन पूजा का पहला मुहूर्त 22 अक्टूबर को सुबह 6 बजकर 26 मिनट से लेकर सुबह 8 बजकर 42 मिनट तक रहेगा। इस दिन शाम की पूजा का मुहूर्त दोपहर 3 बजकर 29 मिनट से लेकर शाम 5 बजकर 44 मिनट तक रहेगा।

पांचवा दिन- भाई दूज

दिवाली का आखिरी यानी पांचवे दिन भाई और बहन के अटूट रिश्ते का प्रतीक भाई दूज मनाया जाता है। भाई दूज को भाऊ बीज के नाम से जाना जाता है। यह त्योहार भाई और बहन के अटूट रिश्ते का प्रतीक माना जाता है।

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ये है तिलक लगाने का शुभ मुहूर्त

इस दिन भाई को टीका करने का मुहूर्त दोपहर 1 बजकर 13 मिनट से लेकर दोपहर 3 बजकर 28 मिनट तक रहेगा।

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